विचार
– प्रवीण नारायण चौधरी
खाली चुनाव बेर मे मिथिला-मिथिला ?
एखन मिथिला ‘अलीनगर’ विधानसभा मे सिमटि गेल अछि । कारण एकटा ‘मैथिली’ जे प्रत्यक्ष मिथिलाक प्रतिनिधित्व करैत छथि, ओ एहि विधानसभा सँ उम्मीदवारी देलनि अछि आर सौंसे संसार मैथिली केँ भेंट करय एहिठाम आबि रहल अछि त स्वाभाविक तौर पर नेपाल सँ लय केँ भारत धरिक मिथिला एखन बुझू जानकीस्वरूपा मैथिली केँ लय केँ अलीनगर विधानसभा क्षेत्रहि मे सिमटल बुझाइत अछि ।
काल्हि-परसू कियो गोटे पुछलन्हि जे अगबे ‘मैथिली’ टा मिथिलाक बेटी थिकैक ? हम बेसी किछु नहि कहि एतबे कहलियनि से ओहि बेटीक बुद्धि-व्यवहार आ मिथिला प्रति समर्पण सँ अहाँ स्वयं निर्णय करू न । मिथिलाक बेटी केकरा कहल जाय ? खाली लल्लो-चप्पो शैली मे बात बनाकय आ चुनाव बेर ‘मिथिला-मिथिला’ कय केँ होयत ?
अहाँ देखैत होयब एकटा ‘मिथिलावाद-मिथिलावादी’ शब्दक हमरा लोकनि बहुत लोक मिलिकय २०१२-१३ सँ विभिन्न अभियान चलाओल । कतेको नेतृत्वकर्ता सब सोझाँ आयल । २०१३ त सर्वाधिक चर्चित वर्ष छल । २०१४ मे ‘नमो-नमो’ सेहो भेल, लेकिन ‘मिथिलावादी’ दुइ फाँक भ’ गेल ।
एकटा ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ केर पक्षधर, दोसर तथाकथित ‘सेक्युलर’ । तेकर बाद २०१६ मे फेर मिथिलावाद समग्र एकजुटता पर पटना शिविर भेल, २०२१ मे मिथिला भ्रमण भेल, मुदा से सबटा अपन-अपन प्रयास सँ ओहिना जेना कहलहुँ ‘राष्ट्रवादी मिथिलावादी वर्सेस सेक्युलर मिथिलावादी’ ।
मिथिलाक नाम पर कय गोट पार्टी खोलल गेल अछि विगत गोटेक दशक मे । मुदा कियो डाग्दर साहेब, कियो बड़का मैनेजर, कियो बड़का इंजीनियर – जमीन पर रहयवला कियो जुड़बो कयल, जोड़बो कयलनि – ततेक हमरा नहि पता । मुदा अभरैत कम अछि तेँ नगण्ये बुझू ।
हालहि हमर एक मित्र सेहो ‘मिथिलावादी पार्टी’ केर स्थापना कयलनि । सुनि रहल छी गोटेक उम्मीदवार एहि दल सँ सेहो चुनावी संघर्ष मे छथि । मुदा वैह बात – हाल तेहने सन ।
एकटा आदर्श मिथिला पार्टीक बड़का ‘कहबैका’ नेताजी, नाम नहि लय रहल छी… मधुबनी दिशका छथि । हुनका सँ त बाजिये लागि गेल छल जे यदि अहाँ संगठन निर्माण कय देब त हम ‘नमो-नमो’ कयनाय छोड़ि ‘मिथिलावाद’ केर समर्थन मे चुनाव प्रचार करब । मुदा वैह ‘सिफर’ !
मात्र चुनाव बेर मे हम बड़का-बड़का भाषण दय मोदी-नीतीश केँ गाइर पढ़बय, जनता आब ततेक बेवकूफ, अनपढ़, जाहिल, गँवार नहि रहि गेल छैक । सरकार चलेनिहार मोदी-नीतीश कुमार आ तिनकर योगदान सँ आमजन कृतज्ञ अछि ।
सड़कक सुविधा, बिजलीक सुविधा, कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वरोजगार, उद्यमिता विकास, आदि अनेकों मानवीय पक्ष मे वर्तमान सरकारक योगदान सँ जनता सुपरिचित अछि । हालांकि एखनहुँ बहुत रास काज शेषे छैक, परञ्च पूर्वक सरकारक तुलना मे वर्तमान सरकारक योगदान अत्यन्त प्रशंसनीय हेबाक कारण आम जनता मे लोकप्रियता सर्वाधिक छैक ।
पुनः असन्तोष आ अराजकताक कोनो गुंजाइश सिवाये बहुल मुस्लिम मतदाता, कथित जातिवादी एवं जातीय अभिमान-गुरुड़ मे चूर लोकक बाकी सारा जाति, धर्म, समुदाय, लिंग केर लोक ‘एनडीए’ केर पक्ष मे आबि गेल छैक । कांग्रेस आ राजद कि ओकर गठबन्धनक कोनो जनाधार आ जनता मे विश्वास हमरा नहि देखाइत अछि । टीवी चैनल सब पर भले कतबो सर्वे आ महासर्वे देखाबय, चलाबय… जमीन पर जनता एनडीए केर पक्ष मे सुदृढ़ता सँ ठाढ़ छैक ।
हँ, त कहैत ई रही जे मिथिला मैथिली ठाकुर जेहेन बहुचर्चित लोकगायिका केँ लय केँ, सनातन धर्मक प्रबल पक्षकार तथा भजन गायन मे माहिर व्यक्तित्व केँ लय केँ एखन अलीनगर मे सिमटि गेल अछि । एहि लेल भले कतेको कुतर्की-वितर्की-सुतर्की मैथिल सब आमिल पिबथि आ कि बेसी तामस मे जहरे पी लेथि, मुदा मैथिली ठाकुर चुनावक परिदृश्य केँ पूर्ण रूप सँ ‘एनडीएमय’ कय देने अछि ।
ओकरा बाकी चीज सँ मतलबो नहि छैक, बस खाली जनसम्पर्क, क्षेत्र भ्रमण आ राजनीतिक कार्यकर्ता एवं संगठन सब सँ भेंटघांट, बीच-बीच मे मात्र नहि, लगभग सब ठाम – अपन सुमधुर आवाज मे लोक केँ किछु सुनाबय के काज छैक । बस । बेटी, मस्त रह । स्वस्थ रह । तोहर जीत तय छौक । बम बम महादेव !!
एम्हर आर कतेको ‘मिथिलाक बेटा आ मिथिलाक बेटी’ सब चुनाव मे छथि, मुदा पूर्ववत् अपन ‘चुनाव समयक परिचय संग’ मिथिला या बिहार लेल छथि । जीवन मे व्यवहारतः मिथिला बढ़य ताहि लेल मात्र चुनावक बेर नहि, अपितु आरो समय जननी जन्मभूमि लेल समर्पणक जरूरत छैक । से सब बुझथि । मिथिलावादी नेता सब सेहो बुझथि, राजनीति पार्ट टाइम जौब नहि थिकैक । जन-जन केर भावना सँ जुड़बाक जरूरत होइत छैक । अस्तु !
बीच मे हमरो बात कतेको लोक केँ अनसोहाँत लागय लागल छन्हि, गरियेनाय आ चरित्र हत्या सँ लैत व्यक्तिगत कौचर्य तक करय सँ नहि चूकैत छथि । कतेक त कुटुम्ब वर्गक लोक सेहो छथि, मुदा ईर्ष्या सहोदर भाइ-भाइ मे भ’ जाइत छैक, फेर त दूरक सम्बन्ध आ कि लगक सम्बन्ध वलाक कोन ठेकान । अहाँ लागल रहू अपन काज मे, प्रवीण लागल रहैछ अपन काज मे – जगजननी जानकीक काज मे – पुरुषोत्तम राघवक काज मे – गौरीक काज मे – देवाधिदेव महादेवक काज मे ।
हरिः हरः!!

1 Comment
बहुत सुन्दर आलेख भाइ ! ❤️