Search

प्रवीण नारायण चौधरी

जनकपुरधाम साहित्य-कला-नाट्य महोत्सव २०८२ः प्रवीण भाव

जनकपुर सँ घुरिकय….. जनकपुरधाम साहित्य, कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव २०८२ सँ घुरिकय प्रवीण मन अपने सब लेल बहुत किछु लिखबाक लेल प्रेरित अछि । मुदा समय लैत धीरे-धीरे आ टुकड़ा-टुकड़ा टा मे लिखि सकब से बाध्य छी, जीवनक विभिन्न आयाम अलग-अलग समय मांगैत रहैत अछि तेँ । काल्हि अत्यन्त दुःखी मन सँ बिना इच्छा जनकपुरधाम साहित्य-कला-नाट्य महोत्सव २०८२ः प्रवीण भाव

‘वेद’ आब मैथिली मे – पोथी परिचय

‘वेद’ विमोचन बारे जनकपुरधाम साहित्य, कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली नाट्य महोत्सव २०८२ – मैथिली विकास कोष द्वारा आयोजित महान आयोजनक मंच सँ ‘वेद’ केर विमोचन कयल गेल । विमोचनकर्ता रहथि ‘मधेश प्रदेश’ (मिथिला) केर मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव, शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री रानी शर्मा तिवारी, वरिष्ठ प्रदेश सांसद राम सरोज यादव, कृषि मंत्री श्याम पटेल, ‘वेद’ आब मैथिली मे – पोथी परिचय

महाशिवरात्रिक अवसर पर ‘धर्मसभा’ केर आयोजन

विराटनगर, १६ फरवरी २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद !! काल्हि महाशिवरात्रि पूजनोत्सवक सुअवसर पर विराटनगर वडा नम्बर १४ केर कठकुप्पा गाम मे मैथिली एसोसिएशन नेपालक तरफ सँ एकटा ‘धर्मसभा’ केर आयोजन कयल गेल । श्री श्री १०८ बिन्देश्वर शिव मन्दिर प्रांगण मे मन्दिरक महन्थ भुपिन्दर दासक अध्यक्षता मे आयोजित एहि धर्मसभा मे मैथिली सेवा समितिक वरिष्ठ महाशिवरात्रिक अवसर पर ‘धर्मसभा’ केर आयोजन

पूज्य गुरुदेव केँ सदिखन मन आ स्मृति मे राखू – कल्याण सुनिश्चित अछि

हुनका कहियो नहि बिसरू विद्या बिना मानव पशु समान होइछ । विद्यालयक महत्व जीवन मे सर्वोपरि कहू । जन्म उपरान्त पारिवारिक पालन-पोषण मे सेहो विद्यारम्भ होइछ, मुदा औपचारिक विद्यार्जनक लेल ‘पाठशाला’ (विद्यालय) केर परिकल्पना अनुरूप मानव संसार चलि रहल अछि । विद्यालय मे अनेकों शिक्षक सँ विद्यार्थी विद्यार्जन करैछ । समस्त विद्याक महत्व ओतबे उच्च पूज्य गुरुदेव केँ सदिखन मन आ स्मृति मे राखू – कल्याण सुनिश्चित अछि

मैथिली मे ‘वेद’ पुस्तक – शंकराचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वतीक मूल लेख केर मैथिली अनुवाद

एहि वैज्ञानिक तथ्य पर सब गोटे गौर करू – श्वास नहि केवल शरीर केँ जीवित रखबाक लेल आवश्यक छैक बल्कि मन आ मानसिक स्वास्थ्य सेहो काफी हद तक एहि (श्वास) पर निर्भर करैत छैक । एना एहि लेल छैक, कियैक तँ मन जे सब विचार प्रक्रियाक कारण होइछ आ श्वास जे प्राणशक्तिक कारण होइछ, से मैथिली मे ‘वेद’ पुस्तक – शंकराचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वतीक मूल लेख केर मैथिली अनुवाद

‘वेद’ – मानव लेल श्रेष्ठ आ हितकारी पोथी मैथिली मे

वेद मैथिली मे ‘वेद’ नामक अत्यन्त महत्वपूर्ण पोथी अपने समस्त मैथिलीभाषी लेल विशेष प्रयोजनार्थ अनुवाद कयल अछि । स्वयं जाहि कोनो पठनीय सामग्री सँ हितकारी हेबाक प्रयोजन सिद्ध होइत देखल, ताहि सामग्री केँ आर नीक सँ बुझबाक आ मनन करबाक लेल निज मातृभाषा मे लिखल । एहि पुस्तक मे अहाँ केँ एतेक रास नव जानकारी ‘वेद’ – मानव लेल श्रेष्ठ आ हितकारी पोथी मैथिली मे

नेपालक आसन्न प्रतिनिधिसभा सदस्यक चुनाव तथा मैथिली भाषा

नेपालक चुनाव आ मैथिली भाषा – गुलाम मानसिकताक जनप्रतिनिधि (नेता वा निर्वाचन उम्मीदवार) केँ भाषा आधारित पहिचानक ज्ञानक घोर अभाव, – पहिचानक मूल आधार निजभाषा मे पर्यन्त गैर-शैक्षणिक व अवैज्ञानिक तथ्य सभक आधार पर समाज मे अन्तर्विभाजनक गलत खेलबेल करयवला देश मे ‘समान राष्ट्रियता भावना’ केर विकास असम्भव श्यामसुन्दर शशि ( Shyamsundar Shashi ) पेशा नेपालक आसन्न प्रतिनिधिसभा सदस्यक चुनाव तथा मैथिली भाषा

सहोड़वा (महोत्तरी) मे होयत कल्याणेश्वरी दुर्गा प्रतिमाक स्थापना, शंकराचार्य द्वारा होयत प्राण प्रतिष्ठा

कल्याणेश्वरी दुर्गाक प्रतिमा स्थापना आ महायज्ञक तैयारी – आइ २९ जनवरी २०२६ केँ भेल बँसकट्टी (उद्योग उद्यापन), १५ अप्रैल २०२६ केँ होयत समापन – ५ कुण्डीय सहस्रचण्डी महायज्ञ – कुल ५१ पंडितक सहभागिता – कलना बाबा द्वारा स्थापित भगवती मन्दिरक अपन विशेष इतिहास नेपालक महोत्तरी जिलान्तर्गत सहोड़वा गाम – जे कि जनकपुर-जलेश्वर मुख्य मार्ग (हाईवे) सहोड़वा (महोत्तरी) मे होयत कल्याणेश्वरी दुर्गा प्रतिमाक स्थापना, शंकराचार्य द्वारा होयत प्राण प्रतिष्ठा

शाश्वत मिथिला महोत्सव २०२६ः १ फरवरी केँ शाश्वत मिथिला भवन गाँधीनगर गुजरात मे

अहमदाबाद, २६ जनवरी २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद !! शाश्वत मिथिला एवं माँ जानकी सेवा समिति अहमदाबाद केर संयुक्त आयोजना मे आगामी १ फरवरी २०२६ रवि दिन २ः३० बजे सँ अबेर सन्ध्या धरि भव्य “शाश्वत मिथिला महोत्सवर २०२६” केर आयोजन होयत । परम्परानुसार उद्घाटन सत्रक संग ‘कतेक जिबैए मैथिली’, सम्मान समारोह, पोथी विमोचन एवं साहित्यिक तथा शाश्वत मिथिला महोत्सव २०२६ः १ फरवरी केँ शाश्वत मिथिला भवन गाँधीनगर गुजरात मे

धर्मेन्द्र विह्वल केर ६ गोट मैथिली हाइकू

सन्दर्भ तीला संक्रान्ति : ६ टा हाइकू – धर्मेन्द्र विह्वल तीला संक्रान्ति ई मकर संक्रान्ति सूर्य झाँपल । (१) सूर्य-प्रतीक्षा नहि उगलै गोला नै छै तीलवा । (२) ओ नै बहतै हम तील बहबै परिवर्तन । (३) शर्द छै दिन ई कुहेस आतंक लोक नहि छै । (४) पुस्तान्तरण स्वीकृति किएक नै दृष्टि बदलू । धर्मेन्द्र विह्वल केर ६ गोट मैथिली हाइकू