संस्मरण संग सन्ततिप्रति सन्देश
लेख-विचार – प्रवीण नारायण चौधरी पिता सँ पुत्र धरि आइ ‘काका’ (पिताजी) केँ फेर सँ मोन पाड़ि रहल छियनि । पितृपक्ष मे पितर प्रति सम्मोहन कोनो नव बात नहि छैक, लेकिन ताहू मे कारण जँ आध्यात्मिक उन्नति सँ जुड़ल हो त अपने आप विशेष भ’ जाइत छैक । पिताक तिथि त ओना सप्तमी दिन पड़ैत … संस्मरण संग सन्ततिप्रति सन्देश







