बेटीक सुख लेल दुर्जन आ लोभी परिवार सँ सावधानी आवश्यक: सत्यकथाक समीपक नैतिक कथा
सरकारी नौकरी वला दूल्हा संग बेटीक विवाह (मैथिली कथा) (लेखकक नोट: बड अफसोसक संग लिखि रहल छी। फेर नाम लय सँ बचब – मुदा ई आखिर बेर थिक। एकर बाद नामो लेब आ परिवारक सारा खिस्सा आ पृष्ठभूमि अहाँ सब धरि आनब। कारण एकटा बेटी त शूली पर चढिये गेल अछि, आरो केकरो … बेटीक सुख लेल दुर्जन आ लोभी परिवार सँ सावधानी आवश्यक: सत्यकथाक समीपक नैतिक कथा









