कवि सम्मेलन मे कविजीक वाहवाही
कविजी वाहवाह (आलोचना – प्रवीण नारायण चौधरी) पूरा पंडाल लोक सँ भरल छल । तखनहि मंच पर घोषणा भेल जे गीतनादक बाद ‘कवि-गोष्ठी’क सत्र चलत । मैथिली भाषा मे कवि सभक दशा एहने छन्हि जे आधा पंडाल ‘कवि-गोष्ठी’क नाम सुनिते चलि देलक । मैदानक बाहर कियो झाल-मुरही खा कय समय बिता रहल छल, कियो चाह … कवि सम्मेलन मे कविजीक वाहवाही





