मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड पाँचम अध्याय – अंगद केर दूत बनिकय रावण संग संवाद व अन्य प्रकरण
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण लङ्काकाण्ड – पाँचम अध्याय रावण द्वारा शुक केर अपमान, शुक केर कथा, माल्यवान केर निष्कासन ।चौपाइ। ॥जयकरी इत्यपि नाम॥ शुक-मुख-वचन शुनल लङ्केश । मूढ़ तोर जानल बुढ़ वेश ॥१॥ शुक गुरुजकाँ की कहइछ ज्ञान । बाढ़ल मन मे बड़ अभिमान ॥२॥ रे पापिष्ठ नगर काँ छाड़ … मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड पाँचम अध्याय – अंगद केर दूत बनिकय रावण संग संवाद व अन्य प्रकरण







