वेदांगः कल्प – वेदक हाथ
वेदांगः कल्प – वेदक हाथ वेदपुरुषक छठम् अंग ‘कल्प’ अछि, जेकरा हुनकर भुजा (हाथ) कहल जाइछ । ‘कल्प’ वैदिक कर्म करबाक लेल प्रेरित करैछ । शिक्षा, व्याकरण, छन्द, निरुक्त आ ज्योतिष सिखलाक बाद लोक केँ कि करबाक चाही ? फल प्राप्त करबाक लेल किछु न किछु अवश्य करबाक चाही । हमरा सब केँ अपना मोन … वेदांगः कल्प – वेदक हाथ







