जप केर त्रुटिरहित विधि – शुद्ध उच्चारण एवं आवाजक सुन्दर महिमाक वर्णन
जप केर त्रुटिरहित विधि अपन पूर्वज लोकनि वेद मे छोटो टाक त्रुटि सँ परहेज लेल लेखनक सहारा लेनहिये बिना अनेकों उपाय निकालि लेने छलथि । वैदिक मंत्र केर पूर्ण लाभ तखनहि प्राप्त भ’ सकैछ जखन कोनो शब्द मे कोनो तरहक परिवर्तन (हेरफेर) नहि कयल जाय; पाठक समय स्वर (आवाज) मे कोनो प्रकारक अनाधिकृत तर-उपर बहकाव … जप केर त्रुटिरहित विधि – शुद्ध उच्चारण एवं आवाजक सुन्दर महिमाक वर्णन






