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प्रवीण नारायण चौधरी

नव मैथिली फिल्म ‘विद्यापति’ – पहिने आ आब मे कि सब अन्तर अछि

नव मैथिली फिल्म ‘विद्यापति’ (पहिने आ नव मे कि सब फर्क अछि – साक्षात्कार) नया मैथिली फिल्म ‘विद्यापति’ पूर्वनिर्मित फिल्म सँ बहुते अलग आ नव तकनीक सभक प्रयोग करबाक कारण दर्शक केँ अपना दिश आकर्षित करयवला अछि। – सुनील कुमार झा, निर्माता निर्माता सुनील कुमार झा संग बातचीत मे पता चलल जे हुनका द्वारा निर्मित नव मैथिली फिल्म ‘विद्यापति’ – पहिने आ आब मे कि सब अन्तर अछि

भजू सियाराम केँ भजू

आजुक भजन (हरेक वर्ष माँ द्वारा छैठिक खरना पर किछु रचना करैत आबि रहल छी – आइ जे रचना कयल अछि से पूर्णरूपेण महाकवि तुलसीदास द्वारा उत्तरकाण्ड मे उद्धृत् ओहि कथ्य पर आधारित अछि जाहि मे ओ कहलनि अछि जे श्री राम केँ केना आ कखन भजू…) भजू दीनबन्धु रघुनाथ भजू भजू जानकीनाथ सनाथ भजू भजू सियाराम केँ भजू

रामचरितमानस मोतीः अयोध्याजीक रमणीयता, सनकादिक आगमन आर संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती अयोध्याजीक रमणीयता, सनकादिक आगमन आर संवाद १. जे (बौद्धिक) ज्ञान, वाणी आ इंद्रिय सँ परे आर अजन्मा छथि; संगहि माया, मन आ गुण सँ सेहो परे छथि, से सच्चिदानन्दघन भगवान्‌ श्रेष्ठ नरलीला करैत छथि। प्रातःकाल सरयूजी मे स्नान कयकेँ ब्राह्मण आ सज्जन सभक संग सभा मे बैसैत छथि। रामचरितमानस मोतीः अयोध्याजीक रमणीयता, सनकादिक आगमन आर संवाद

रामचरितमानस मोतीः राम-राज्य केर वर्णन

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती राम-राज्य केर वर्णन १. ‘रामराज्य’ मे दैहिक, दैविक आ भौतिक ताप केकरो नहि होइत छैक। सब मनुष्य आपस मे एक-दोसर सँ प्रेम करैत अछि आर वेद मे बतायल गेल नीति (मर्यादा) मे तत्पर रहिकय अपन-अपन धर्मक पालन करैत अछि। २. धर्म अपन चारू चरण (सत्य, शौच, दया और रामचरितमानस मोतीः राम-राज्य केर वर्णन

रामचरितमानस मोतीः बानर-निषाद आदिक विदाई

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती बानर-निषाद आदिक विदाई श्री रामजीक राजतिलक उपरान्त…. १. बानर सब ब्रह्मानंद मे मग्न अछि। प्रभुक चरण मे सब केँ खूब प्रेम छैक। ओकरा लोकनि केँ दिन बितैत बुझेबे नहि कयलैक आ छह मास बीति गेलैक। सब अपन घरो तक बिसरि गेल। जागैत कालक त बात छोड़ू, सपनहुँ मे रामचरितमानस मोतीः बानर-निषाद आदिक विदाई

महाकवि विद्यापति’क जीवन केँ एक बेर पुन: रजतपटल पर उतारबाक अभिनव प्रयास : मैथिली फिल्म विद्यापति

१३ नवम्बर २०२३ । मैथिली जिन्दाबाद!! – किसलय कृष्ण, समाचार सम्पादक उन्नैसम शताब्दी’क तेसरे दशक सँ कवि कोकिल विद्यापति’क जीवन पर केन्द्रित फिल्म बनयबाक प्रयास आरम्भ भ’ गेल छल । फलस्वरूप १९३७ मे देवकी बोस’क निर्देशन मे बंगला फिल्म बनल ‘विद्यापति’ नाम सँ, केन्द्रीय भूमिका मे छलाह अभिनेता पहाड़ी सान्याल । ई फिल्म हिन्दी मे महाकवि विद्यापति’क जीवन केँ एक बेर पुन: रजतपटल पर उतारबाक अभिनव प्रयास : मैथिली फिल्म विद्यापति

रामचरितमानस मोतीः राम राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती राम राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति १. अवधपुरी बहुते सुन्दर ढंग सँ सजायल गेल। देवता सब पुष्प वर्षाक झड़ी लगा देलनि। श्री रामचंद्रजी सेवक सब केँ बजाकय कहलनि जे अहाँ सब जाकय पहिने हमर सखा लोकनि केँ स्नान कराउ। भगवानक वचन सुनिते सेवक जहाँ-तहाँ दौड़लाह आ तुरन्त सुग्रीवादि केँ स्नान रामचरितमानस मोतीः राम राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति

कुर्सों मे १६ नवम्बर केँ आयोजित होयत हिन्दू राष्ट्र संगोष्ठी

११ नवम्बर २०२३, मैथिली जिन्दाबाद!!  विदित हो जे दरभंगा जिलाक कुर्सों गाम स्थित श्री श्री १०८ श्री सीताराम भगवान् मन्दिरक प्रांगण (कुर्सों हाट फुलबारी) मे भारत केँ हिन्दू राष्ट्र बनेबाक अभियान प्रति समर्पित संगोष्ठीक आयोजन १६ नवम्बर २०२३ तदनुसार वृहस्पति दिन अपराह्न १ बजे सँ आयोजित कयल जायत। एहि आयोजनक संयोजन जगदीश नारायण ब्रह्मचारी स्थान, कुर्सों मे १६ नवम्बर केँ आयोजित होयत हिन्दू राष्ट्र संगोष्ठी

सत्यकथाः माधवेश्वरनाथ महादेवक चमत्कार

सत्यकथा – प्रवीण नारायण चौधरी माधवेश्वरनाथ महादेवक चमत्कार   संलग्न तस्वीर मार्फत श्री श्री १०८ श्री माधवेश्वरनाथ महादेव (सौराठ सभागाछी) केर दर्शन करैत एक गोट सत्यकथा साझा करय चाहब। तस्वीर राणा भाइक सौजन्य सँ प्राप्त भेल अछि, कहैत चली जे विगत किछु वर्ष सँ राणा भाइ नित्यहु माधवेश्वरनाथ महादेवक दर्शन फेसबुक मार्फत करबैत आबि रहला सत्यकथाः माधवेश्वरनाथ महादेवक चमत्कार

रामचरितमानस मोतीः श्री रामजीक स्वागत, भरत मिलाप, सभक मिलनानन्द

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती  श्री रामजीक स्वागत, भरत मिलाप, सभक मिलनानन्द १. कृपा सागर भगवान्‌ श्री रामचंद्रजी सब लोक केँ अबैत देखलनि त प्रभु विमान केँ नगर समीप उतरबाक प्रेरणा देलनि। तखन ओ पृथ्वी पर उतरल। विमान सँ उतरिकय प्रभु पुष्पक विमान सँ कहलनि जे अहाँ आब कुबेर लग चलि जाउ। श्री रामचरितमानस मोतीः श्री रामजीक स्वागत, भरत मिलाप, सभक मिलनानन्द