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प्रवीण नारायण चौधरी

बधाई शुभकामना आह वाह सँ आगू विमर्श-विचार कहिया होयत – बालमुकुन्द केर प्रश्न

विचार – बालमुकुन्द विरोध व्यक्ति सँ अछि वा सिस्टम सँ ? किछु दिन पूर्व सँ, जखन सँ साहित्य अकादमी द्वारा बाल आ युवा पुरस्कारक घोषणा कएल गेल अछि, तखन सँ पुरस्कार आ पुरस्कृत पोथी सँ फाजिल पुरस्कारक निर्णायक मंडल (ज्यूरी) विमर्शक केन्द्र मे छथि। विमर्श होएबाको चाही, तकर स्वागत करैत छी तथापि विमर्श जाहि आधार बधाई शुभकामना आह वाह सँ आगू विमर्श-विचार कहिया होयत – बालमुकुन्द केर प्रश्न

पुर्वाञ्चल इंजीनियरिंग कैम्पस केर छात्र सभ केँ विदाई पर आयोजित समारोह

२१ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! नेपाल तराई विद्यार्थी नवजागरण संघ धरान द्वारा पूर्वाञ्चल इंजीनियरिंग कैम्पस केर कोर्स पूरा कय घरमुंहाँ छात्र सभक लेल एक भव्य विदाई समारोहक आयोजन १७ जुलाई बुध दिन आयोजित कयल गेल छल। फेयरवेल प्रोग्राम २के७६ शीर्षक मे आयोजित एहि समारोह मे तराई-मधेशक विद्यार्थी लोकनि केँ विदाई सम्मान पत्र दय केँ आगू पुर्वाञ्चल इंजीनियरिंग कैम्पस केर छात्र सभ केँ विदाई पर आयोजित समारोह

मैथिलीक सुप्रसिद्ध साहित्यकार राना सुधाकर केर ५ गोट विशिष्ट रचना

साहित्य सम्माननीय स्रष्टा ‘राना सुधाकर’ दिश सँ…… १. गजल बस कथा-पिहानी जीवन अछि सुख-दुःख दर्दक गठबंधन अछि ककरो सँ अपेक्षा राखब नहि बिल्कुल पतझड़ केर मौसम अछि अपनत्वक मतलब आइ कतऽ सभक सम्बन्ध मे अनबन अछि अछि गंधहीन अनुराग हमर किनको आंगन नहि अरिपन अछि आकृति मनोहर बिला गेल चनकल असमय मे दर्पण अछि २. मैथिलीक सुप्रसिद्ध साहित्यकार राना सुधाकर केर ५ गोट विशिष्ट रचना

१७म् अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन विराटनगर मे होयत

विराटनगर, २० जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!!   प्रतिवर्ष २२ आर २३ दिसम्बर केर दिन होयवला अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन एहि साल विराटनगर मे होयत। विराटनगरक विभिन्न मैथिली भाषा-साहित्य, संस्कृति, समाजसेवी संस्था मिलिकय ई आयोजन भव्यताक संग करबाक निर्णय कयलनि अछि। एहि सँ पूर्व नेपाल आर भारतक विभिन्न स्थान मे ई आयोजन होइत एबाक जानकारी विराटनगर आयोजन १७म् अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन विराटनगर मे होयत

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन विराटनगर मे होयबाक नियार आ बैसार उपरान्त एक प्रार्थना जानकी सँ 

विराटनगर, नेपाल। २० जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! हे जगज्जननी जानकी! हे पराम्बा मैथिली!! मर्यादा पुरुषोत्तम रामक सदा प्रिय आ संग विराजित अम्बे!! अहाँक दया आ कृपा सँ बल आ बुद्धि केर निधान हनुमान सेहो कृतार्थ भेलाह। हम सब त तुच्छ मानव छी, बिना अहाँक कृपा हमरा सभक जीवन भले कोना पार लागत? कृपा करू हे अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन विराटनगर मे होयबाक नियार आ बैसार उपरान्त एक प्रार्थना जानकी सँ 

दिल्लीक पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित लेल प्रवीण श्रद्धाञ्जलि

विराटनगर, नेपाल। २० जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! भारतीय कांग्रेसक एक वरिष्ठतम् नेतृ आ दिल्ली केर सर्वाधिक अवधि लेल मुख्यमंत्री रहली शीला दीक्षित आइ ८१ वर्षक उमेर मे अपन करोड़ों प्रशंसक आ भारतक चर्चित राजनीतिक परिवार – आश्रितजन केँ छोड़िकय मानवलोक सँ ऊपर स्वर्गलोक दिश चलि गेलीह। केकरो बुझल हेतैक, केकरो नहियो बुझल हेतैक – ओ दिल्लीक पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित लेल प्रवीण श्रद्धाञ्जलि

सोनम केर अंगना मे

लघुकथा – वंदना चौधरी सोनम केर माय अपन बेटा सोहन जे कि इंजीनियर छलैन्ह हुनका लेल कनियाँ तकैत छलीह। कनियाँ एहेन जे कि खूब पढ़ल-लिखल आ देखैयो में खूब सुंदर होयबाक संग घरेलू कामकाज में सेहो दक्ष होइथ। दोसर तरफ सोनम केर लेल सेहो सेटल लड़काक तलाश छलैन्ह। मुदा पहिने सँ एकटा शर्त रखने छलीह सोनम केर अंगना मे

महोत्तरी मे बाढि पीड़ित केँ राहत बँटलक अपन मिथिला सेवा समाज केर सदस्य लोकनि

राम कुमार महतो, सउदी अरब। १९ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! महोत्तरी केर बलबा नगरपालिका वार्ड संख्या १० मे अपन मिथिला सेवा समाज केर सदस्य लोकनि द्वारा बाढि पीड़ित सब केँ राहत वितरण कयल गेल अछि। राहत सामग्री मे २०० किलो चुड़ा, ५० किलो मुरही, ४० किलो दालबुट आ २० कार्टुन चाउचाउ (नूडल्स) करीब २०० आदमी केँ महोत्तरी मे बाढि पीड़ित केँ राहत बँटलक अपन मिथिला सेवा समाज केर सदस्य लोकनि

श्रीराधाकृष्ण केर चिन्तन करैत एक सुन्दरतम् भजन

आध्यात्मिक चिन्तनः कीर्तन – संकलन – प्रवीण नारायण चौधरी, स्रोतः कल्याण विशेषांक श्रीराधामाधव कीर्तन   ॐ जय श्री राधा, जय श्री कृष्ण, श्रीराधाकृष्णाय नमः!   चन्द्रमुखी चंचल चित्तचोरी। सुघर साँवरा सुरत भोरी॥ श्यामा श्याम एक-सी जोरी। श्रीराधाकृष्णाय नमः! ॐ जय श्री राधा, जय श्री कृष्ण! श्रीराधाकृष्णाय नमः!   पचरँग चुनर केसर क्यारी। पट पीतांबर कामर श्रीराधाकृष्ण केर चिन्तन करैत एक सुन्दरतम् भजन

फूल दाय आ हुनकर पुतोहु ‘बौआ’

लघुकथा – रूबी झा फूल दाय केर पाँचटा बेटा छलन्हि। चारिटा शहर में आ एकटा गाम में रहैत छलन्हि। बाहर में जे बेटा सब रहैत छलखिन्ह ओ सब कहैत छलखिन्ह, “माँ तों हमरे सब लग रह, गाम पावैने-तिहारे जायल कर। आब तँ बाबूजी सेहो नैह रहलथि, एतेक दिन तों बाबूजी केर बहाना लगा चलि जाइत फूल दाय आ हुनकर पुतोहु ‘बौआ’