गीताक अध्ययन सँ जीवनक सब बाधा दूर होयत…..
जीवन मे तेसर बेर गीताक स्वाध्याय आइ सँ शुरु भेल….. पहिल दिन आइ पहिले अध्यायक मात्र २० गो श्लोक पढलहुँ…. धृतराष्ट्रक प्रश्न सँ प्रारंभ – “धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र मे युद्धक इच्छा सँ समवेत (एकत्र) भेल ‘हमर लोक’ आ पाण्डव कि कय रहल अछि संजय?” – एहि पाँति मे बहुत रास दर्शन निहित अछि। धर्मक्षेत्र केर रूप … गीताक अध्ययन सँ जीवनक सब बाधा दूर होयत…..








