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प्रवीण नारायण चौधरी

मातृभाषा मे शिक्षा – एक डेगः मिथिलाक अनुपम डेग अन्तर्क्रिया

राजविराज, १४ जनवरी, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक अनुपम डेग नामक संस्था द्वारा सप्तरी जिलाक मुख्यालय राजविराज स्थित पबि स्कूल प्रांगण मे १२ जनवरी वृहस्पति दिन ‘मातृभाषा मे शिक्षा – एक डेग’ विषयपर अन्तर्क्रिया कार्यक्रम राखल गेल। एहि मे शिक्षाविद् जनानन्द मिश्र, विष्णु मंडल, देवेन्द्र मिश्र, डा. अखिलेश झा, महेन्द्र यादव, उपेन्द्र झा, साधना झा, कंचन मातृभाषा मे शिक्षा – एक डेगः मिथिलाक अनुपम डेग अन्तर्क्रिया

विश्व पुस्तक मेला २०१७ मे होयत गार्गी विमर्श

दिल्ली, १३ जनवरी, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! विश्व पुस्तक मेला २०१७ में सेंटर फ़ॉर स्टडीज़ ऑफ़ ट्रेडिशन एंड सिस्ट्म्स आ राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत केर संयोजन में १५ जनवरी, भोर ११ बजे, रैवदिन मानुषी थीम पैविलियन, हॉल नं. ७, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित होइ वला गार्गी सातत्य एक अवधारणा अछि जाहिमें मिथिला में स्त्री ज्ञानपक्ष, विद्या विश्व पुस्तक मेला २०१७ मे होयत गार्गी विमर्श

स्वामी विवेकानन्द सँ प्रेरणा लेबाक संकल्पः केएसडीएसयू

दरभंगा, जनवरी १३, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, शिक्षा-शास्त्र विभाग, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा द्वारा संचालित राष्ट्रिय युवा दिवस, १२ जनवरी एवं राष्ट्रिय युवा सप्ताह १२ जनवरी सँ १९ जनवरी केर शुभारंभ शिक्षा-शास्त्र विभाग मे भेल।   मुख्य अतिथि डॉ. श्रवण कुमार चौधरी कहलैन जे विवेकानन्द समय और चरित्र केर अनुशासन स्वामी विवेकानन्द सँ प्रेरणा लेबाक संकल्पः केएसडीएसयू

लोरिक गाथा पर मैथिली लघु फिल्म ‘इतिहास’क सूटिंग पूरा

हरदी, सुपौल। जनवरी १३, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक प्रसिद्ध लोकदेवता ‘लोरिक’ केर जीवनगाथा पर आधारित मैथिली लघु फिल्म केर सूटिंग पूरा कैल जेबाक जानकारी निर्देशक किसलय कृष्ण करौलनि अछि। दिन-राति एक कय केँ एकरा ऊपर लगातार काज करैत सूटिंग पूरा करबाक जनतब दैत किसलय कृष्ण कहलैन जे मिथिलाक प्रसिद्धि केँ फिल्मांकन करबाक अवसर पाबि जीवन लोरिक गाथा पर मैथिली लघु फिल्म ‘इतिहास’क सूटिंग पूरा

सप्तरी जिला मे मैथिली लेखन लेल छात्रवृत्तिक घोषणा

काल्हि राजविराज मे एकटा अत्यन्त महत्वपूर्ण अन्तर्क्रिया कार्यक्रम ‘मिथिलाक अनुपम डेग’ द्वारा आयोजित छल। बहुत गंभीर विमर्श भेल। सब पक्षपर विचार सब आयल। हमहुँ भाग लेलहुँ। भाषण मात्र नहि देबाक आत्मनिर्णय सँ क्रान्ति होएत छैक, अतः एकटा मैथिली लेखन छात्रवृत्ति राजविराज (सप्तरी जिला) लेल घोषणा कैल जे आयोजक संस्था द्वारा जिला शिक्षा कार्यालय मे निबंधित सप्तरी जिला मे मैथिली लेखन लेल छात्रवृत्तिक घोषणा

नेपालक शहीद पत्रकार उमा सिंह लेल श्रद्धाञ्जलि शब्द समर्पण

घड़ीक सुइकें किओ पकडि़ लेने छल   – सुजीत कुमार झा, जनकपुरधाम   २०६५ पुष २९ गते अर्थात् रवि दिनक राति रेडियो मिथिलाक समय सन्दर्भ कार्यक्रममे जनतान्त्रिक तराई मुक्ति मोर्चा राजन मुक्ति समूहक वार्ता टोली सदस्य मनोज मुक्तिकेँ बजौने रही । स्टुडियो भीतर जाइए रहल छलहुँ कि केयर नर्सिङ्ग होम सँ नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषाक नेपालक शहीद पत्रकार उमा सिंह लेल श्रद्धाञ्जलि शब्द समर्पण

मातृभाषा मे शिक्षा – एक डेगः राजविराज मे आइ अन्तर्क्रिया

राजविराज, जनवरी १२, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!   मिथिलाक अनुपम डेग द्वारा आइ प.बि. विद्यालय राजविराज मे २ बजे सँ ‘मातृभाषा मे शिक्षा – एक डेग’ विषय पर एक अन्तर्क्रिया कार्यक्रम करय जा रहल अछि। एहि अन्तर्क्रिया मे प्राथमिक शिक्षा मे मैथिली भाषाक स्थिति पर समीक्षा सेहो कएल जायत।   पूर्व मे सिलेबस विकास सँ लैत मातृभाषा मे शिक्षा – एक डेगः राजविराज मे आइ अन्तर्क्रिया

बदलैत गाम – गामक परिदृश्य पर कविता

कविता – दिलीप झा, मधुबनी बदलैत गाम गामक कोनो टोल सं नहि बहराइत अछि ढेकी चलबाक आबाज जांत चलबैत/लगनी गबैत ननदि भाउज आ भनसाक लेल पोखरि पानि भरैत कंटिरबी सभ कंटिरबी लोकनि अहल भोरे उठि इसकूलक लेल तैयार भ’ दादीक संग माय सं मंगैया जलखै आ साइकिल पर चढ़ि फूर्र सं उड़ि जाइया इसकूल बदलैत बदलैत गाम – गामक परिदृश्य पर कविता

मिथिला समाज केँ दहेज कूप्रथा सँ मुक्त करबाक संकल्प

दमाम, सउदी अरब। जनवरी ११, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! अपन मिथिला सेवा समाज नेपाल केर अध्यक्ष कैलाश यादव मैथिली जिन्दाबाद केँ विज्ञप्ति मार्फत जानकारी करबैत कहलैन अछि जे पैछला शुक्र दिन संपन्न समाजक कार्यकारिणीक सउदी अरब देशक दमाम शहरक बैसार मे ई निर्णय लेल गेल अछि संस्था द्वारा अनपढ, पिछड़ा आ गरीब-गुरबा समाज सँ दहेज कूप्रथा मिथिला समाज केँ दहेज कूप्रथा सँ मुक्त करबाक संकल्प

हरेक स्त्रीक जीवनक एक कविताः विकल्प

कविता – डा. प्रतिभा झा ‘उन्मेषा’, मुम्बई (मूलग्रामः विरसाइर, मधुबनी) विकल्प हम जन्मसँ एखन धरि जे सहलहुँ ओ नारी जातिक अपमान थिक। लोक कहिया धरि करत ई गुमान जे नारी सृष्टि उत्पत्तिक प्राण थिक।। जन्म लेलहुँ बेटी बनि जहिया मायक छल घोर अपमान भेल। कुलदीपक के आशा सबहक घरबैयो कहलनि फेर बेटिये भेल।। शिक्षाके अवसर हरेक स्त्रीक जीवनक एक कविताः विकल्प