सदा समता भाव मे रहले सँ मानव जन्मक सफलता
लेख-अनुवाद सदा समता भाव मे रहले सँ मानव जन्मक सफलता – पंडित रुद्रधर झा विश्व विख्यात चारि (धर्म, अर्थ, काम ओ मोक्ष) पुरुषार्थ मे तीन (धर्म, अर्थ तथा काम) अनित्य आ अतिशय अछि, मात्र चारिम (मोक्ष) टा नित्य तथा निरतिशय रहबाक कारण परम पुरुषार्थ कहाइत अछि। अतएव विवेकी व्यक्ति अनादि महाकाल सँ प्रवाहमान … सदा समता भाव मे रहले सँ मानव जन्मक सफलता








