मिथिलाभाषा रामायण – किष्किन्धाकाण्ड सातम अध्याय – अंगद केँ हनुमानजीक उपदेश
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कवि चन्द्र विरचित मिथिला भाषा रामायण किष्किन्धाकाण्ड – सातम अध्याय घबरायल अंगद केँ हनुमानक उपदेश, सम्पाति सँ भेंट आ लंकाक पता लागब ।सोरठा। चिन्ता – दुर्ब्बल देह, सीतान्वेषण मे भ्रमित ॥१॥ छूटल निज निज गेह, वन-तरु-शाखा-स्थित सकल ॥२॥ भावार्थः सीताक खोज मे भटकैत-भटकैत सभक शरीर दुब्बर भ’ गेलनि । सभक … मिथिलाभाषा रामायण – किष्किन्धाकाण्ड सातम अध्याय – अंगद केँ हनुमानजीक उपदेश




