सार्थक होली ( लघुकथा )
लघुकथा – गोपाल मोहन मिश्र सार्थक होली ( लघुकथा ) पिछला साल के होली दिनक बात छै । करुणा अप्पन घर के पूजा स्थल में विराजित अप्पन कान्हा जी के सुगन्धित पुष्प सं होली खेला रहल छलीह, तखने करुणाक बारह साल के पोती पलक आयल आ कहलक – “दादी माँ, अहाँ एतs बैसल छी आ … सार्थक होली ( लघुकथा )









