Search

प्रवीण नारायण चौधरी

गिद्धों का विलुप्त होना मानव और पर्यावरण के लिए घातक

लेख – डॉ ए कुमार, एम.बी.बी.एस, एम.डी., एम पी एच (संस्थापक, पर्ज फाउंडेशन, श्रीकांन्ठ प्राइवेट लिमिटेड, अन्वी ग्रुप ऑफ एजुकेशनल ट्रस्ट, स्वामी विवेकानन्द एजुकेशनल ट्रस्ट) गिद्धों का विलुप्त होना मानव और पर्यावरण के लिए घातक 2003 के बाद भारत समेत दुनियाभर से गिद्ध विलुप्त होते जा रहे हैं। भारतीय गिद्धों का विलुप्त होना मनुष्य और गिद्धों का विलुप्त होना मानव और पर्यावरण के लिए घातक

रामचरितमानस मोतीः ज्ञान-भक्ति-निरुपण, ज्ञान-दीपक तथा भक्ति केर महान्‌ महिमा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती ज्ञान-भक्ति-निरुपण, ज्ञान-दीपक तथा भक्ति केर महान्‌ महिमा लोमश ऋषि सँ राममन्त्रक प्राप्ति उपरान्त काकभुशुण्डिजी द्वारा भक्ति व ज्ञानक महिमा पर सुन्दर व्याख्यान – १. काकभुशुण्डिजी गरुड़जी सँ कहलनि – हम हठ कय केँ भक्ति पक्ष पर अड़ल रहलहुँ, ताहि सँ महर्षि लोमश हमरा श्राप देलनि। लेकिन ओकर फल रामचरितमानस मोतीः ज्ञान-भक्ति-निरुपण, ज्ञान-दीपक तथा भक्ति केर महान्‌ महिमा

रामचरितमानस मोतीः काकभुशुण्डिजीक लोमशजी लग गेनाय आ श्राप एवं अनुग्रह पेनाय

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती काकभुशुण्डिजीक लोमशजी लग गेनाय आ श्राप एवं अनुग्रह पेनाय प्रसंग काकभुशुण्डिजी द्वारा पूर्व जन्म केर कथा आ कौआक शरीर प्राप्तिक गरुड़जीक प्रश्नक उत्तर क्रम जारी – क्रमशः सँ आगू – १. गुरुजीक वचन स्मरण कयकेँ हमर मन श्री रामजीक चरण मे लागि गेल। हम क्षण-क्षण नव-नव प्रेम प्राप्त रामचरितमानस मोतीः काकभुशुण्डिजीक लोमशजी लग गेनाय आ श्राप एवं अनुग्रह पेनाय

रामचरितमानस मोतीः गुरुजी द्वारा शिवजी सँ अपराध क्षमापन, शापानुग्रह आर काकभुशुण्डिक आगूक कथा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती गुरुजी द्वारा शिवजी सँ अपराध क्षमापन, शापानुग्रह आर काकभुशुण्डिक आगूक कथा रुद्राष्टक केर स्तुतिगान उपरान्त – १. सर्वज्ञ शिवजी विनती सुनलनि आ ब्राह्मणक प्रेम देखलनि। फेर मन्दिर मे आकाशवाणी भेलैक जे हे द्विजश्रेष्ठ! वर माँगू। ब्राह्मण कहलखिन – “हे प्रभो! यदि अपने हमरा पर प्रसन्न छी आ हे रामचरितमानस मोतीः गुरुजी द्वारा शिवजी सँ अपराध क्षमापन, शापानुग्रह आर काकभुशुण्डिक आगूक कथा

रामचरितमानस मोतीः रुद्राष्टक

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रुद्राष्टक पूर्व अध्यायक प्रसंग जाहि मे काकभुशुन्डिजी अपन पूर्व जन्म केर कथा – कौआक शरीर प्राप्तिक कारण उजागर करैत अपन गुरु प्रति श्रद्धा-समर्पणक अभाव केर बात कहि शिव मन्दिर मे गुरु प्रति अनादरक भाव देखि महादेवक कोप आ श्रापक वर्णन कयलनि, जाहि पर हुनक गुरु ब्राह्मणदेव केँ दया रामचरितमानस मोतीः रुद्राष्टक

भारत में एचआईवी-एड्स (HIV-AIDS) की बढ़ती चिंता

आलेख भारत में एचआईवी-एड्स (HIV-AIDS) की बढ़ती चिंता – डा ए कुमार, एम.बी.बी.एस., एम.डी., एम.पी.एच एचआईवी-एड्स HIV-AIDS को यदि वर्तमान समय में दुनिया की कुछ प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल किया जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वर्ष 2018 के अंत तक वैश्विक स्तर पर लगभग 38 भारत में एचआईवी-एड्स (HIV-AIDS) की बढ़ती चिंता

विवाह कतेक प्रकारक होइत छैक – मनन योग्य जानकारी

शास्त्रोपदेश – मनुस्मृति सँ संकलित (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) विवाह मनुष्य जीवनक अनिवार्य अंग (संस्कार) मानल जाइछ। विवाहक प्रकार केर वर्णन मनुस्मृतिक अध्याय ३ मे कयल गेल अछि। ताहि मे प्रस्तुत श्लोक ‘आसुर विवाह’ केर प्रकार केँ वर्णन कय रहल अछि। एकर समग्र रूप सेहो बुझनाय जरूरी छैक, एहि महत्वपूर्ण मननीय तथ्य केँ आजुक पीढ़ी विवाह कतेक प्रकारक होइत छैक – मनन योग्य जानकारी

रामचरितमानस मोतीः गुरुजीक अपमान एवं शिवजीक शाप केर बात सुनेनाय

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती गुरुजीक अपमान एवं शिवजीक शाप केर बात सुनेनाय प्रसंग पूर्व अध्याय कलि महिमा वर्णन करैत काकभुशुन्डिजी द्वारा गरुड़जी केँ अपन पूर्व जन्मक कथा आ कोना कौआ बनलाह तेकर वर्णन चलि रहल अछि। अपन एक ब्राह्मण गुरु जे शिवक अनन्य उपासक रहथि, जिनका भुशुन्डिजी उपर सँ मात्र गुरु बुझथि, रामचरितमानस मोतीः गुरुजीक अपमान एवं शिवजीक शाप केर बात सुनेनाय

रामचरितमानस मोतीः काकभुशुण्डि द्वारा अपन पूर्व जन्म कथा आ कलि महिमा वर्णन

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती काकभुशुण्डि द्वारा अपन पूर्व जन्म कथा आ कलि महिमा वर्णन १. हे पक्षीराज गरुड़जी! श्री रघुनाथजीक प्रभुता सुनल जाउ। हम अपना बुद्धिक मुताबिक ओ सोहनगर कथा कहैत छी। हे प्रभो! हमरा जाहि प्रकारें मोह भेल, ओ सबटा कथा अपने केँ सुनबैत छी। हे तात! अहाँ श्री रामजीक कृपा रामचरितमानस मोतीः काकभुशुण्डि द्वारा अपन पूर्व जन्म कथा आ कलि महिमा वर्णन

रामचरितमानस मोतीः शिव-पार्वती संवाद, गरुड़ मोह, गरुड़जी द्वारा काकभुशुण्डि सँ रामकथा आर राम महिमा सुननाय

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती शिव-पार्वती संवाद, गरुड़ मोह, गरुड़जी द्वारा काकभुशुण्डि सँ रामकथा आर राम महिमा सुननाय १. शिवजी कहैत छथि – “हे गिरिजे! सुनू, हम ई उज्ज्वल कथा, जेहेन हमर बुद्धि छल, तेहेन पूरा कहि देलहुँ। श्री रामजीक चरित्र सौ करोड़ (अथवा) अपार अछि। श्रुति आर शारदा सेहो हुनकर वर्णन नहि रामचरितमानस मोतीः शिव-पार्वती संवाद, गरुड़ मोह, गरुड़जी द्वारा काकभुशुण्डि सँ रामकथा आर राम महिमा सुननाय