मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड छठम अध्याय – रावणक मारीच लग गेनाय आ मारीचक माया-मृग रूप धारण कयनाय
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड छठम अध्याय रावणक मारीच लग गेनाय आ मारीचक माया-मृग रूप धारण कयनाय ।चौपाइ। रथमे जोड़ घोड़ बड़ जोर । चलल दशानन चिन्तित भोर ॥१॥ जत मारीच समुद्रक पार । पहुँचलाह सत्वर अविचार ॥२॥ छल समाधि-गत ओ मारीच । से न जान जग ऊँच कि नीच ॥३॥ … मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड छठम अध्याय – रावणक मारीच लग गेनाय आ मारीचक माया-मृग रूप धारण कयनाय





