रामचरितमानस मोतीः रावण केँ मन्दोदरी द्वारा बुझेनाय, रावण-प्रहस्त संवाद
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रावण केँ मन्दोदरी द्वारा बुझेनाय, रावण-प्रहस्त संवाद १. रावण केँ जखन ई खबरि लगलैक जे श्री रामजी समुद्र पर सेतुबन्ध बनबा लेलनि आ लंकाक सीमा पर आबि गेलाह त ओ घोर विस्मित होइत स्वतः बाजि उठैछ – वननिधि, नीरनिधि, जलधि, सिंधु, वारीश, तोयनिधि, कंपति, उदधि, पयोधि, नदीश केँ … रामचरितमानस मोतीः रावण केँ मन्दोदरी द्वारा बुझेनाय, रावण-प्रहस्त संवाद




