रामचरितमानस मोतीः ज्ञान-भक्ति-निरुपण, ज्ञान-दीपक तथा भक्ति केर महान् महिमा
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती ज्ञान-भक्ति-निरुपण, ज्ञान-दीपक तथा भक्ति केर महान् महिमा लोमश ऋषि सँ राममन्त्रक प्राप्ति उपरान्त काकभुशुण्डिजी द्वारा भक्ति व ज्ञानक महिमा पर सुन्दर व्याख्यान – १. काकभुशुण्डिजी गरुड़जी सँ कहलनि – हम हठ कय केँ भक्ति पक्ष पर अड़ल रहलहुँ, ताहि सँ महर्षि लोमश हमरा श्राप देलनि। लेकिन ओकर फल … रामचरितमानस मोतीः ज्ञान-भक्ति-निरुपण, ज्ञान-दीपक तथा भक्ति केर महान् महिमा


