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प्रवीण नारायण चौधरी

गीताः स्वधर्म मे मरब नीक, परधर्म भय देमयवला

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे – प्रकृति अपन गुण अनुरूप चेष्टा करबे करत, ताहि अनुरूपे सब केँ कर्म करहे टा पड़ैत छैक, फेर एहि मे निग्रह कि कय सकत… गीताक तेसर अध्यायक ३१-३३ श्लोक उपरान्त) इन्द्रियस्येन्द्रियस्यार्थे रागद्वेषौ व्यवस्थितौ। तयोर्न वशमागच्छेत्तौ ह्यस्य परिपन्थिनौ॥ ३४॥ इन्द्रिय इन्द्रिय केर अर्थमे (प्रत्येक इन्द्रिय केर प्रत्येक विषयमे) मनुष्य केँ गीताः स्वधर्म मे मरब नीक, परधर्म भय देमयवला

मिथिलाक जीवित विद्यापतिः मधुकर केर ९४वाँ जन्मदिन आइ

मिथिलाक जीवित विद्यापतिः मधुकान्त झा ‘मधुकर’ केर ९३ वर्ष पूरा आइ १९ जनबरी, २०१६ पं. मधुकान्त झा ‘मधुकर’ अपन ९३वाँ बसन्त पूरा कएलनि अछि। एहि अवसर पर नीलकंठ कमरथुआ संघ, चैनपुर आयोजनपूर्वक श्रेष्ठ स्रष्टाक सम्मान करबाक नियार केलनि अछि। एक अप्रतिम शिव-भक्त आर संस्कृत एवं मैथिली भाषा-साहित्य केर स्रष्टा पंडित मधुकान्त झा ‘मधुकर’ केर जन्म मिथिलाक जीवित विद्यापतिः मधुकर केर ९४वाँ जन्मदिन आइ

एकटा भजनक संग अपन किछु संस्मरण

ईश्वर भजन सँ बढिकय एहेन कोनो स्पर्श या स्पन्दन नहि जे हम मानव जाति केर हृदय केँ पवित्र कय सकैछ, ताहि हेतु ई हर हाल मे मानि लेब जे जखनहि अवसर भेटय, जतबे बेर इच्छा करय, बस प्रभुजी केर सुमिरन जरुर कय लेब। आउ, आइ गूगल गुरुदेव हमरा ओहि भजन सँ भेंट करौलनि धर्म मार्ग एकटा भजनक संग अपन किछु संस्मरण

मैथिली रंगमंचक नवल युगल उद्घोषक किसलय आ जानबी

मैथिली रंगमंचक उद्घोषणाक नवल युगल रूप : किसलय कृष्ण आ जानवी झा – शिव कुमार झा, जमशेदपुर परुँका साल मैथिली नववर्षक सुअवसरि छल . अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद जमशेदपुर शाखा द्वारा रंगारंग कार्यक्रमक आयोजन भ’ रहल छल . एकटा गायकक रूपेँ हमरा निमंत्रित कएल गेल. अपन कर्मभूमिक मंच ! बहुत उत्सुकता छल . हमरा पहिनहि ई ज्ञात मैथिली रंगमंचक नवल युगल उद्घोषक किसलय आ जानबी

रंग पेठिया – त्रिदिवसीय रंग उत्सव दरिभंगा मे

दरिभंगा, जनबरी १८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! थियेटर युनिट – दरभंगा केर तत्त्वावधान मे हराही पोखैर पर अवस्थित गीत एवं नाटक प्रभागक कैम्पस मे ‘रंग पेठिया’ – त्रिदिवसीय रंग आयोजन दरिभंगा मे आयोजित कैल गेल। पटना, बेगुसराय आ दरिभंगा केर रंग-समूह द्वारा नाटक, नुक्कर नाटक, नाटक पर सेमिनार आदिक कार्यक्रम एहि आयोजन मे प्रदर्शित भेल। भोरक रंग पेठिया – त्रिदिवसीय रंग उत्सव दरिभंगा मे

मैथिली-मिथिला झलकाबयवला सर्वाधिक लोकप्रिय फोटो

साभार फेसबुकः तिला संक्राति केर शुभ अवसर पर प्रकाशित अशोक झा भोली केर खिचड़ी अपन चारि यारक संग जहिया सँ सामाजिक संजाल केर लोकप्रियता बढय लागल अछि, फोटो द्वारा स्मृति आम जन समक्ष राखबाक प्रवृत्ति सेहो बढि गेल अछि। आइ-काल्हि हरेक क्षण केँ लोक फोटो रूप मे संरक्षित राखय लेल चाहैत अछि। आब कैमरामैन आ मैथिली-मिथिला झलकाबयवला सर्वाधिक लोकप्रिय फोटो

तिला संक्राति २०१६ केर सर्वाधिक लोकप्रिय तस्वीर

साभार फेसबुक जहिया सँ सामाजिक संजाल केर लोकप्रियता बढय लागल अछि, फोटो द्वारा स्मृति आम जन समक्ष राखबाक प्रवृत्ति सेहो बढि गेल अछि। आइ-काल्हि हरेक क्षण केँ लोक फोटो रूप मे संरक्षित राखय लेल चाहैत अछि। आब कैमरामैन आ कैमरा ताकबाक आवश्यकता नहि रहि गेल अछि। आब तऽ अहाँक हाथ मे मोबाइल अछि, मन मे तिला संक्राति २०१६ केर सर्वाधिक लोकप्रिय तस्वीर

बिसैर गेलाह मैथिल – भोला लाल दासक मैथिली लेल योगदान

बिसैर गेलाह मैथिल – “विशिष्ट आंदोलन कर्ता भोलालाल दासक मैथिली लेल योगदान।” भोलालाल दास जी एकटा महान् आंदोलनकर्मी भेलाह जिनक कतबो वर्णन करब त संक्षिप्ते होयत। हिनकर जन्म कसरौर गाम में 1897 ईश्वी में भेल छलैन। विधि स्नातक भय लहेरियासराय में ओकालति सँ शुरु होईत इ महान् कवि केर संग संग प्रसिद्ध मैथिल आन्दोलनी एवम् कुशल बिसैर गेलाह मैथिल – भोला लाल दासक मैथिली लेल योगदान

शहीदक नाम पर गोहिक नोर आ कि मन सँ समर्पण?

साभार सामाजिक संजाल फेसबुक सँ….. सन्दर्भ नेपाल मे संघीयताक स्थापना – मधेस केर मुक्तिक संग समस्त उत्पीडित उपेक्षित जाति-जनजातिक मुक्तिक माँग सहित देश मे चलि रहल आन्दोलन – घोषित नव संविधान आर राजनीतिक दल केर चरित्र आदिक समग्र रूप पर एकसाथ कठोर प्रहार करबाक एकटा नमूना समाचार भेटल अछि। कहल जाएत अछि जे मधेसक पहिल शहीदक नाम पर गोहिक नोर आ कि मन सँ समर्पण?

मातृभूमि केर कर्जा उतारबाक लेल मातृभाषा मे अपन लोक लेल लिखू

जँ मिथिलाक प्रति प्रेम अछि तऽ एकर विभिन्न पहलू पर लिखू! मिथिलाक समाज सुसुप्त नहि अछि बल्कि एकर साहित्य सुसुप्तावस्था मे प्रवेश कय गेल अछि। वर्तमान युग अनुसार लेखनी साहित्य मे मैथिली अत्यन्त कमजोर पड़ि गेल अछि। एकर कारण बहुते भऽ सकैत छैक। हमरा बुझने एक्के टा कारण सब सँ बेसी हावी देखाएत छैक, ओ मातृभूमि केर कर्जा उतारबाक लेल मातृभाषा मे अपन लोक लेल लिखू