रामचरितमानस मोतीः संत-असंत वंदना
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती ४. संत-असंत वंदना एहि सँ पहिने ब्राह्मण आ संत केँ सेहो प्रणाम अर्पित करबाक विलक्षण मोती सब अध्याय २ मे प्राप्त कय चुकल छलहुँ। पुनः दुष्ट-दुर्जन केँ प्रणाम अर्पित करबाक मोती सेहो भेटल। आर, मंगल आचरण अन्तर्गत आइ प्रस्तुत अछि दोसर अति विलक्षण मोतीक भंडार, संत … रामचरितमानस मोतीः संत-असंत वंदना






