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प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः सुपनेखाक रावण लग पहुँचब आ सीताजीक अग्नि प्रवेश व माया सीता

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती सुपनेखाक रावण लग जायब, श्री सीताजीक अग्नि प्रवेश और माया सीता १. खर-दूषण केर विध्वंस देखि सुपनेखा (शूर्पणखा) जा कय रावण केँ भड़केलक। ओ बहुत क्रोध कयकेँ वचन बाजल – “तूँ देश आर खजाना केर सुधिये बिसरा देलह।” करसि पान सोवसि दिनु राती। सुधि नहिं तव सिर पर रामचरितमानस मोतीः सुपनेखाक रावण लग पहुँचब आ सीताजीक अग्नि प्रवेश व माया सीता

मिथिला के हर गाम छय सुन्दर – बचाउ एहि ठामक सब धरोहर

मिथिलाक धरोहर – प्रवीण नारायण चौधरी अभियान विशेष – दहेज मुक्त मिथिला मिथिला के हर गाम छय सुन्दर बचाउ एहि ठाम के सब धरोहर   ई नारा थिकैक ‘दहेज मुक्त मिथिला’ अभियान के। हम सब निर्णय कएने रही, कएने छी जे अगबे ‘दहेज हंटाउ, बेटी बचाउ’ आदिक खोखला नारा नहि लगेबाक अछि, बल्कि मनुष्यक चरित्र मिथिला के हर गाम छय सुन्दर – बचाउ एहि ठामक सब धरोहर

धियापुताक खेल – मिथिला तहिया आ आइ

अपन मिथिलाक ई सुन्दर खेल किनका-किनका स्मृति मे बनल अछि?   जहिया ई खेलाइत रही ताहि समय मे एकर महत्व भले नहि बुझि सकल होइ, आइ अहाँ जरूर बुझैत होयब जे एहि खेल सँ कि-कि ज्ञान भेटैछ, केना-केना बुद्धि बढैछ, कतेक लाभदायक अथवा कतेक बोरिंग आ समय खर्च करयवला नुक्सानदेह।   ई एकटा ‘विम्ब’ थिक धियापुताक खेल – मिथिला तहिया आ आइ

रामचरितमानस मोतीः सुपनेखाक कथा आ खरदूषणादिक वध

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती सुपनेखा (शूर्पणखा) केर कथा आ खरदूषणादिक वध १. सुपनेखा (शूर्पणखा) नाम के रावण केर एक बहिन छल जे नागिन समान भयानक आ अत्यन्त दुष्ट हृदय के रहय। एक बेर पंचवटी मे गेल आ दुनू राजकुमार केँ देखिकय कामातुर (विकल) भ’ गेल। २. काकभुशुण्डिजी कहैत छथि – हे गरुड़जी! रामचरितमानस मोतीः सुपनेखाक कथा आ खरदूषणादिक वध

रामचरितमानस मोतीः रामजीक दंडकवन मे प्रवेश, जटायु मिलन, पंचवटी निवास तथा श्री राम-लक्ष्मण संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रामजीक दंडकवन मे प्रवेश, जटायु मिलन, पंचवटी निवास तथा श्री राम-लक्ष्मण संवाद १. अगस्त्य मुनि श्री रामजी केँ आगू कहैत छथि – “हे प्रभो! एकटा परम मनोहर आर पवित्र स्थान अछि पंचवटी। हे प्रभो! अपने दण्डक वन जतय पंचवटी अछि तेकरा पवित्र करू। श्रेष्ठ मुनि गौतमजीक कठोर श्राप रामचरितमानस मोतीः रामजीक दंडकवन मे प्रवेश, जटायु मिलन, पंचवटी निवास तथा श्री राम-लक्ष्मण संवाद

रामचरितमानस मोतीः राक्षस वध केर प्रतिज्ञा, सुतीक्ष्णजीक प्रेम, अगस्त्य मिलन व संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती राक्षस वध केर प्रतिज्ञा करब, सुतीक्ष्णजीक प्रेम, अगस्त्य मिलन, अगस्त्य संवाद १. ऋषि-मुनि केँ राक्षस सब द्वारा खा लेबाक प्रसंग सुनि श्री रामजी अपन हाथ उठाकय प्रण कयलनि जे हम पृथ्वी केँ राक्षस सँ रहित कय देब। फेर समस्त मुनि लोकनिक आश्रम सब मे जा-जा कय हुनका सब रामचरितमानस मोतीः राक्षस वध केर प्रतिज्ञा, सुतीक्ष्णजीक प्रेम, अगस्त्य मिलन व संवाद

एक कलियुगी सीता आ राम के कथा

एक कलियुगी सीता आ राम के कथा – प्रवीण नारायण चौधरी (भाग १) हरेक पिताक इच्छा रहैत छैक जे अपन सीता बेटी लेल राम समान वर करय। हरेक सीता बेटी सेहो राम समान वरक इच्छा रखैत अछि। एहने एक सीताक विवाह एक रामक संग भेल आ १७ वर्ष धरि घर-गृहस्थी दुःखे-सुखे चलैत रहल। राम एहि एक कलियुगी सीता आ राम के कथा

रामचरितमानस मोतीः श्री रामजी आगू चललाह, विराध वध और शरभंग प्रसंग

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री रामजी आगू चललाह, विराध वध और शरभंग प्रसंग १. अत्रि मुनिक चरणकमल मे प्रणाम करैत देवता, मनुष्य आ मुनि लोकनिक स्वामी श्री रामजी दोसर वन लेल चलि पड़लाह। आगू श्री रामजी छथि आर हुनका पाछू छोट भाइ लक्ष्मणजी छथि। दुनू गोटे मुनि समान सुन्दर वेष बनौने अत्यन्त रामचरितमानस मोतीः श्री रामजी आगू चललाह, विराध वध और शरभंग प्रसंग

रामचरितमानस मोतीः श्री सीता-अनसूया मिलन और श्री सीताजी केँ अनसूयाजी द्वारा पतिव्रत धर्म केर वर्णन

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री सीता-अनसूया मिलन और श्री सीताजी केँ अनसूयाजी द्वारा पतिव्रत धर्म केर वर्णन १. एम्हर अत्रि ऋषि श्री रामजीक दर्शन अपन आश्रम मे करैत गदगद भेल हुनक विनती कयलनि, दोसर दिश परम शीलवती आर विनम्र श्री सीताजी अनसूयाजी (आत्रिजीक पत्नी) केर चरण पकड़िकय हुनका सँ भेट कयलीह। २. रामचरितमानस मोतीः श्री सीता-अनसूया मिलन और श्री सीताजी केँ अनसूयाजी द्वारा पतिव्रत धर्म केर वर्णन

२१ मई मिथिला वाटिका मधुबनी मे होयत सामुहिक विवाह – दहेज मुक्त भारत

सूचना   दहेज उन्मुलन लेल सक्रिय संस्था ‘दहेज मुक्त भारत’ द्वारा एकटा सामुहिक विवाह केर आयोजन २१ मई २०२३ केँ मिथिला वाटिका – मधुबनी मे राखल गेल अछि। एहि सन्दर्भ मे ई पोस्टर मे देल गेल नम्बर पर सम्पर्क कय एहि आयोजनक लाभ कतेको परिवार उठा सकैत छथि। एहि सँ अनाहक अलग-अलग स्थान पर वैवाहिक २१ मई मिथिला वाटिका मधुबनी मे होयत सामुहिक विवाह – दहेज मुक्त भारत