कर्मयोगी – कथा एक कर्मठ पुत्र आ पुत्रवधू केर
कथा – राजेन्द्र झा, वडोदरा, गुजरात मैथिली कथाः शीर्षक – कर्मयोगी राति के दस बाजि गेल रहनि किशुनजी के गाम पहुँचवा में । दुपहरिया के करीब दूइए बजे ट्रेन सँ पटना पहुंच गेल रहथि किशुन । आ तकरा बाद तीन-तीन टा बस बदलैत – बदलैत अप्पन गाम पहुंचल रहथि । मोन खिन्न भ’ गेल रहनि … कर्मयोगी – कथा एक कर्मठ पुत्र आ पुत्रवधू केर









