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प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः अरण्यकाण्ड तृतीय सोपान मंगलाचरण

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती अरण्यकाण्डः तृतीय सोपान-मंगलाचरण श्लोक : मूलं धर्मतरोर्विवेकजलधेः पूर्णेन्दुमानन्ददं वैराग्याम्बुजभास्करं ह्यघघनध्वान्तापहं तापहम्‌। मोहाम्भोधरपूगपाटनविधौ स्वःसम्भवं शंकरं वंदे ब्रह्मकुलं कलंकशमनं श्री रामभूपप्रियम्‌॥१॥ धर्मरूपी वृक्षक मूल, विवेकरूपी समुद्रक आनन्द देनिहार पूर्णचन्द्र, वैराग्यरूपी कमल केर (विकसित करयवला) सूर्य, पापरूपी घोर अन्धकार केँ निश्चय टा मिटेनिहार, तीनू ताप केर हरनिहार, मोहरूपी मेघक समूह केँ छिन्न-भिन्न रामचरितमानस मोतीः अरण्यकाण्ड तृतीय सोपान मंगलाचरण

गीता, धृतराष्ट्र आ हम मानव समुदाय

जीतल ओ जे समय पर बुझलक धृतराष्ट्र उवाच। धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः। मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय॥१॥ धृतराष्ट्र बजलाह – हे सञ्जय! कुरुक्षेत्र जेहेन धर्मक्षेत्र मे युद्ध लेल एकत्रित हमर लोक आ पाण्डव लोकनि कि सब कयलनि? गीताक एहि प्रथम श्लोक मे राजा धृतराष्ट्र दिव्यदृष्टिसम्पन्न सञ्जय सँ पुछलखिन जे ‘हमर लोक’ आ ‘पाण्डव लोकनि’ युद्धक मैदान गीता, धृतराष्ट्र आ हम मानव समुदाय

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०२३ मुम्बईः हमर दृष्टि – मनोरमा रामसुन्दर झा

विचार २७ अप्रैल २०२३ । मैथिली जिन्दाबाद!! समकालीन भारतीय भाषा परिधि मे मैथिली साहित्यः मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०२३ पर हमर दृष्टि – मनोरमा रामसुन्दर झा मिथिला समाजक पैघ साहित्यिक आयोजन मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल 2023 के आयोजन एहि वर्ष मायानगरी मुम्बई मे भेल। कुल 17 टा बहुआयामी सत्र सँ समृद्ध ई साहित्यिक महोत्सव अनेक रूप सँ मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०२३ मुम्बईः हमर दृष्टि – मनोरमा रामसुन्दर झा

रामचरितमानस मोतीः भरतजीक अयोध्या लौटब, भरतजी द्वारा पादुकाक स्थापना, नन्दिग्राम मे निवास आर श्री भरतजीक चरित्र श्रवण केर महिमा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती भरतजीक अयोध्या लौटब, भरतजी द्वारा पादुकाक स्थापना, नन्दिग्राम मे निवास आर श्री भरतजीक चरित्र श्रवण केर महिमा १. छोट भाइ लक्ष्मणजी और सीताजी समेत प्रभु श्री रामचंद्रजी पर्णकुटी मे एना सुशोभित भ’ रहला अछि मानू वैराग्य, भक्ति और ज्ञान शरीर धारण कएने शोभित भ’ रहल होइथ। २. मुनि, रामचरितमानस मोतीः भरतजीक अयोध्या लौटब, भरतजी द्वारा पादुकाक स्थापना, नन्दिग्राम मे निवास आर श्री भरतजीक चरित्र श्रवण केर महिमा

हम आबि रहल छीः मैथिली धारावाहिक भाग ७ व ८

श्री रबीन्द्र नारायण मिश्र केर लिखल उपन्यास “हम आबि रहल छी” पर आधारति मैथिली धारावाहिक भाग – ७ आ ८ 7 रातिमे भुखले सुति रहलहुँ । टेबुलपर निशा हमर भोजन राखि देने रहथि । हम ओमहर तकबो नहि केलहुँ । असलमे खेबाक मोनो नहि होइत छल । ओ दुनूगोटे भोजन केलाह आ अपन कोठरीमे चलि हम आबि रहल छीः मैथिली धारावाहिक भाग ७ व ८

#लेखनी के धार: यात्रा मिथिला के धर्म स्थान के

दहेज मुक्त मिथिलाक साहित्यिक अभियानः लेखनीक धार अन्तर्गत २० अप्रैल २०२३ ‘मिथिला यात्रा संस्मरण’ पर संकलित आलेख #लेखनी के धार: यात्रा मिथिला के धर्म स्थान के – किरण झा बाबा धाम – बाबा धाम हम अपन बड़का बौआ के मुंडन कर’ गेल रही। ओकर मानल रहय। ट्रेन स यात्रा केलौं। दिन मे विश्राम केला के #लेखनी के धार: यात्रा मिथिला के धर्म स्थान के

यात्रा: मिथलाक पवित्र और प्रसिद्ध स्थान के – अहिल्यास्थान

दहेज मुक्त मिथिलाक साहित्यिक अभियानः लेखनीक धार अन्तर्गत २० अप्रैल २०२३ ‘मिथिला यात्रा संस्मरण’ पर संकलित आलेख यात्रा: मिथलाक पवित्र और प्रसिद्ध स्थान के – मधू मिश्रा आइ हम अपन घर लग के प्रसिद्ध और पवित्र स्थान अहिल्यास्थान के बारे मे लिखि रहल छी । हमर सबके स्टेशन अछि कमतौल स्टेशन जतय स हम सब यात्रा: मिथलाक पवित्र और प्रसिद्ध स्थान के – अहिल्यास्थान

स्वर्ग सँ सुंदर मिथिला धाम, मंडन अयाची राजा जनक के गाम: मिथिला यात्रा

दहेज मुक्त मिथिलाक साहित्यिक अभियानः लेखनीक धार अन्तर्गत २० अप्रैल २०२३ ‘मिथिला यात्रा संस्मरण’ पर संकलित आलेख “स्वर्ग सँ सुंदर मिथिला धाम, मंडन अयाची राजा जनक के गाम” – कीर्ति नारायण झा मिथिला के स्वर्ग सँ सुंदर धाम कहल गेलैक अछि आ एहि स्वर्ग में देवी देवता के सभ ठाम बास छैन्ह। मिथिलाक सभ आंगन स्वर्ग सँ सुंदर मिथिला धाम, मंडन अयाची राजा जनक के गाम: मिथिला यात्रा

#जानकीनवमीविशेष – सीताजी संग हनुमानजीक प्रथम भेंट आ श्रीरामक सन्देश

जानकी नवमी विशेष स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी #जानकीनवमीविशेष   अपन समूह ‘दहेज मुक्त मिथिला’क कमान्डर इन चीफ पराम्बा जानकीजी छथि। हम सब हुनक दूत सब थिकहुँ। जानकीदूत होयबाक सौभाग्य कम भारी बात नहि! रामजीक दूत बजरंगबली भ’ कय जानकीजी सँ भेटय गेल रहथिन। फेर जानकीजीक दूत बनिकय रामजी लग घुमि अयलथि बजरंगबली। एखन अपन #जानकीनवमीविशेष – सीताजी संग हनुमानजीक प्रथम भेंट आ श्रीरामक सन्देश

#जानकीनवमीविशेष – हमर जानकी आ पाहुन श्री रामजी

हमर जानकी आ पाहुन श्री रामजी – प्रवीण नारायण चौधरी   देखू भाइ-बहिन-मित्र लोकनि!! हम सब मिथिलावासी जानकीक नैहरा सँ छी। श्री रामजी जखन वनवास गेल रहथि त हमरा लोकनिक धिया जानकीजी सेहो हुनका संग ओहिना साधूक वेश बनाकय गेलथि जेना रामजी केँ जेबाक लेल कैकेइ माँ पिता दशरथ सँ वचनानुसार आज्ञा करबौलीह। रघुकुल के #जानकीनवमीविशेष – हमर जानकी आ पाहुन श्री रामजी