Search

प्रवीण नारायण चौधरी

चैनपुर-सहरसाक काली मन्दिर आर काली पूजाक प्रसिद्धि

संजय कुमार झा एवं राहुल बनगाँव – चैनपुर, सहरसा। अक्टुबर १२, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! एहि तस्वीर मे चैनपुर (सहरसा) केर आदिकाली भवानीक मंदिर अछि। करीब २५० वर्ष सँ बेसी समय सँ एहि ठाम काली माँ केर पूजा कैल जाएत अछि। हरेक बरखक जेकाँ अहु बेर काली पूजा एवं मेला केर आयोजन भव्य स्तर पर कैल जा रहल अछि। विदित हो जे चैनपुर-सहरसाक काली मन्दिर आर काली पूजाक प्रसिद्धि

शुरु भेल एकटा आरो नव पहलः अनलाइन मिथिला मार्ट

दिल्ली, अक्टुबर १२, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली ओ मिथिला प्रति केन्द्रित विभिन्न नया-नया उपक्रम केर दौड़ निरंतर बनल अछि। एकटा आरो नव पहल केर समाचार प्रकाश मे आयल अछि। ‘मर्यादा’ केर ब्रान्ड सँ दिल्लीक केन्द्र सँ सौंसे भारत मे मिथिलाक पारंपरिक घरेलू उत्पाद केर बाजार-वितरण कैल जा रहल अछि। तहिना सिविल सर्विसेज परीक्षा केर तैयारी शुरु भेल एकटा आरो नव पहलः अनलाइन मिथिला मार्ट

त कि शुरु भऽ गेल जंगलराज पार्ट – २

पटना, अक्टुबर १२, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! बिहार विधानसभा चुनाव केर परिणाम ८ तारीख केँ महागठबंधन केर पक्ष मे आबि गेलाक बाद अनायास अपराधिक गतिविधिक दुखद समाचार सब आबय लागल अछि। पटनाक कलेक्ट्रेट यानि जिलाधीश कार्यालय परिसर मे एकटा १२ वर्षक नावालिग दलित बेटीक इज्जत सँ किछु अपराधी खेलबाड़ करबाक समाचार प्रकाश मे आयल अछि। संध्याकाल त कि शुरु भऽ गेल जंगलराज पार्ट – २

अनुशासन आ रणनीति सँ मिथिला निर्माण संभव

विचार प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलावाद आर वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य बहुत कम समय मे अत्यधिक धन आ प्रतिष्ठा कमेबाक होड़ लागल छैक वर्तमान मानवीय संसार मे – लेकिन कहबी छैक जे भाग्य सऽ अधिक आ सही समय सँ पहिनहि ओ अभीष्ट प्राप्त होयब संभव नहि छैक। कहबाक अछि मिथिला आन्दोलनक सन्दर्भ मे – बहुतो वर्ष सँ अनुशासन आ रणनीति सँ मिथिला निर्माण संभव

मैथिली जिन्दाबाद केर तरफ सँ दियाबातीक शुभकामना

आउ दियाबाती पर एकटा नव दिया जराबी! यावत्सञ्जायते किञ्चित्सत्त्वं स्थावरजङ्गमम्। क्षेत्रक्षेत्रज्ञसंयोगात्तद्विद्धि भरतर्षभ॥१३-२६॥ समं सर्वेषु भूतेषु तिष्ठन्तं परमेश्वरम्। विनश्यत्स्वविनश्यन्तं यः पश्यति स पश्यति॥१३-२७॥ एहि स्थावरजङ्गम् यानि चर-अचर जगत् मे जे किछु सत्त्व यानि जीव-निर्जीव वस्तु अछि ओ केवल क्षेत्र तथा क्षेत्रज्ञ केर संयोग, यानि इहलोक आर परलोक केर मेल सँ निहित अछि। आर, जे एहि सब मैथिली जिन्दाबाद केर तरफ सँ दियाबातीक शुभकामना

नेपाल मे भारत विरोधी भावना कोना रुकत?

नेपाल मे राजनीतिक संघर्ष अन्त हेबाक नाम नहि लऽ रहल अछि। देश मे नया संविधान घोषणा कतेको दशक उपरान्त करलाक बादो एहि मे मधेस प्रति उदासीनता आ कुटिलतापूर्वक अनुदारता देखेबाक आरोप मधेसवादी आन्दोलनी मोर्चा द्वारा लगबैत करीब तीन महीना सँ आन्दोलन कैल जा रहल अछि। हालहि घोषित नेपालक संविधान मे मधेसी समुदाय केँ पूर्व समझौता नेपाल मे भारत विरोधी भावना कोना रुकत?

महत्वपूर्ण सात प्रश्नः उत्तर सहित

प्रश्न आर उत्तर मे ब्रह्मज्ञान (श्रीमद्भागवद्गीताक आठम् अध्याय पर आधारित स्वाध्यायांश) किं तद्ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम॥ अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते॥१॥ अधियज्ञः कथं कोऽत्र देहेऽस्मिन् मधुसूदन॥ प्रयाणकाले च कथं ज्ञेयोऽसि नियतात्मभिः॥२॥ यैह दुइ श्लोक मे गूढतम् ज्ञान हासिल करबाक लक्ष्य सँ अर्जुन श्रीकृष्णक सोझाँ प्रस्तुत होएत छथि। ब्रह्म कि? अध्यात्म कि? कर्म कि? अधिभूत महत्वपूर्ण सात प्रश्नः उत्तर सहित

मिथिलावादी राजनीति कछुआ चाइल सँ बढि रहल अछि

२०१५ केर बिहार विधानसभा चुनाव मे अखिल भारतीय मिथिला पार्टी आर आदर्श मिथिला पार्टी ठाम-ठाम सँ उम्मीदवार ठाढ केलक। जीत पेबाक सपना एखनहु सपने समान अछि। जानि कहिया ओ दिन आयत। लेकिन विश्लेषक एहि पर प्रसन्नता व्यक्त कय रहला अछि जे २०१० सँ २०१५ केर तीन टा चुनाव मे मिथिलावादी दल द्वारा चुनाव लड़बाक तथ्यांक मिथिलावादी राजनीति कछुआ चाइल सँ बढि रहल अछि

महागठबंधन महानताकेँ दुइ-तिहाइ बहुमत सँ केलक साबित

पटना, अक्टुबर ९, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद। अन्ततोगत्वा बिहार चुनाव केर पाँचो चरण आ परिणाम सोझाँ आबि गेल आर बिहार मे फेर सँ बिहारी बाबु यानि नीतीश कुमार पर बिहारक जनता विश्वास करैत महागठबंधन केँ दुइ-तिहाइ बहुमत सँ विजयी बनौलक। लालू यादव केर दल राष्ट्रीय जनता दल एक बेर फेर सर्वाधिक सीट जीतयवला पार्टी बनि गेल महागठबंधन महानताकेँ दुइ-तिहाइ बहुमत सँ केलक साबित

भगवत्प्राप्ति केर विभिन्न उपाय: तत्त्व-चिन्तामणि

कतेक भटकब? (स्वाध्याय आलेख) – प्रवीण नारायण चौधरी खूब मोन लागत – खूब नाचब – गायब – मस्ती करब – ई करब – ओ करब आ नहि जानि कि-कि करब; मुदा अन्तर्मन सन्तुष्ट नहि भऽ पायत। कनेक काल लेल यदि एना बुझायत जे शान्ति भेटि रहल अछि आ कि फेर समय-अन्तराल में ई उद्विग्नताके प्राप्त भगवत्प्राप्ति केर विभिन्न उपाय: तत्त्व-चिन्तामणि