गीताः आत्मा जीवन सँ पहिनो, जीवनक संगो, जीवनक बादो
गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे – कृष्ण द्वारा अर्जुनकेर शरणापन्न भेलाक बाद जीव आर मूल तत्त्व आत्मा केर बीच तादात्म्यात्मक विश्लेषण करैत ‘स्वधर्म’ निर्वाह हेतु उपदेश) सब सँ बेसी चुनौतीपूर्ण बात सब यानि गूढ ज्ञान सब हमरा यैह अध्याय दुइ मे भगवानक मुख सँ अर्जुन केँ कहल जा रहल किछेक श्लोक मे देखाइत अछि। … गीताः आत्मा जीवन सँ पहिनो, जीवनक संगो, जीवनक बादो







