रमेश बाबुक वैसाखीक सहारा चलबाक राज
संस्मरण – सत्यनारायण झा, पटना लगभग 30-40 साल पहिनेक बात छैक, एकबेर हम कोनो काज सँ बेनीपट्टी –सरिसब गाम गेल रही । ओहि गाम मे हमर सम्बन्धी लोकनि छथि । गाम तए ओना रोडे कात मुदा बर पिछरल । हम कुटुम्ब कए दलान पर बैसल रही । कतौ सँ रमेशजी पहुँचलाह । बैसाखी सहारे चलैत … रमेश बाबुक वैसाखीक सहारा चलबाक राज









