गणेश वन्दना
भक्ति रचना – विमलजी मिश्र ॥ गणेश स्तुति ॥ यौ गजानन गणपति, विनती करै छी आबु यौ, स्मरण पूजन ध्यान मे, स्थान पहिने पाबु यौ, यौ गजानन गणपति…. यौ गौरी के लाल उदर विशाल, भव्य तेज भाल मुख मंगला । यौ विध्न हर्ता सिद्धि दाता, एकदन्त शिव लाड़ला । संग साजै रिद्धि सिद्धि-2 महिमा अहीं के … गणेश वन्दना









