असल परिवर्तन के स्वागत होः प्रेरणास्पद कथा ‘हरियाक मोजा’
कथा – ज्योति झा, जनकपुरधाम हरियाक गन्दा मोजा परिवर्तन अन्तःमन सँ होयब जरूरी! मानव मे कोनो परिवर्तन अन्तःमन सँ होयबाक जरूरत होइत छैक। नाटकीय परिवर्तन असलियत केँ एक न एक दिन देखार कय दैत छैक। एहि बातक एकटा छोटछिन उदाहरण कथाशैली मे प्रस्तुत करय चाहबः एक विद्यालय के एक मास्टरजी बच्चा सबकेँ पढबैत छलाह। कक्षामे … असल परिवर्तन के स्वागत होः प्रेरणास्पद कथा ‘हरियाक मोजा’







