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प्रवीण नारायण चौधरी

गीताः आत्मा जीवन सँ पहिनो, जीवनक संगो, जीवनक बादो

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे – कृष्ण द्वारा अर्जुनकेर शरणापन्न भेलाक बाद जीव आर मूल तत्त्व आत्मा केर बीच तादात्म्यात्मक विश्लेषण करैत ‘स्वधर्म’ निर्वाह हेतु उपदेश) सब सँ बेसी चुनौतीपूर्ण बात सब यानि गूढ ज्ञान सब हमरा यैह अध्याय दुइ मे भगवानक मुख सँ अर्जुन केँ कहल जा रहल किछेक श्लोक मे देखाइत अछि। गीताः आत्मा जीवन सँ पहिनो, जीवनक संगो, जीवनक बादो

हम मैथिल छी – मैथिली हम्मर भाषाः महाराष्ट्र मैथिल समाज

विशेष संपादकीयः महाराष्ट्र मैथिल समाज मुम्बई मे हालहि संपन्न अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनक १२म वर्षगाँठ जाहि स्वरूप मे आर जाहि तरहक वृहतत्तर जनसहभागिता मे मनायल गेल ओ वर्षों-वर्ष धरि तऽ स्मृति मे रहबे करत लेकिन प्रत्येक मैथिल केर मन-मस्तिष्क अपन पहिचानक विशिष्टता केँ आत्मसात करबाक लेल सेहो मजबूर केलक एकर प्रमाण देखय मे आबि रहल अछि। हम मैथिल छी – मैथिली हम्मर भाषाः महाराष्ट्र मैथिल समाज

खादी ग्रामोद्योग भवनक वर्षगाँठः मैथिली पोथी सेहो भेटत एतय

दरभंगा, दिसम्बर २९, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्रालयक पहल पर दरभंगा मे खादी ग्रामोद्योग भवन केर निर्माण संपन्न भेल जेकर पहिल वर्षगाँठ काल्हि २८ दिसम्बर समारोहपूर्वक संपन्न भेल अछि। एहि अवसर पर ‘मिथिला मे खादी आन्दोलन’ विषय पर एकटा गोष्ठीक आयोजन कैल गेल छल जाहिमे मुख्य अतिथि दरभंगा शहरी क्षेत्र केर विधायक खादी ग्रामोद्योग भवनक वर्षगाँठः मैथिली पोथी सेहो भेटत एतय

गीताः अविनाशी आत्माक संबंध कृष्णक संबोधन

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे – अर्जुन द्वारा श्रीकृष्ण केर शरण ग्रहण करैत गाण्डीव पटैक युद्ध नहि लड़बाक घोषणा सहित आगाँ उचित-अनुचित केर मार्गदर्शन हेतु निवेदन उपरान्त….) भगवान् कहैत छथिन – “अर्जुन अहाँ ओकरा लेल शोक कय रहल छी जे शोक करय योग्य अछिये नहि। तैयो अहाँ बुद्धिमान समान बात कय रहल छी जे गीताः अविनाशी आत्माक संबंध कृष्णक संबोधन

मैथिली काव्य युवराज्ञी शान्तिलक्ष्मी चौधरी भेली सम्मानित

पटना, दिसम्बर २८, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! शनि दिन २६ दिसम्बर २०१५ पटनाक कैलासपति सभागार मे भाजपा द्वारा आयोजित ‘कलाकार साहित्यकार सम्मान समारोह २०१५’ मे मैथिली जगत् मे प्रसिद्ध कवियत्री शान्तिलक्ष्मी चौधरी – मिथिलाक प्रसिद्ध मंडन-भारतीक गाम महिसीक पुत्रवधु – प्रसिद्ध समाजशास्त्री एवं मिथिला राज्य निर्माणार्थ तत्पर थिंक टैंक डा. अक्षय कुमार चौधरीक अर्धांगिनी केँ हुनकर मैथिली काव्य युवराज्ञी शान्तिलक्ष्मी चौधरी भेली सम्मानित

बुरारी (दिल्ली) मे संपन्न विद्यापति समारोह सूपर हिट

बुरारी, दिल्ली। दिसम्बर २७, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि शनि दिन २६ दिसम्बर दिल्लीक बुरारी मे संपन्न विद्यापति समारोह हर दृष्टि सँ सूपर हिट साबित हेबाक बात एतय जुटल दर्शक, अतिथि, कलाकार, आयोजक सब कियो कहैत भेटेलाह। संपूर्ण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र मे ओना तऽ कतेको जगह पर महाकवि विद्यापति केर स्मृतिगान मे समारोहपूर्वक आयोजन कैल जाएछ, बुरारी (दिल्ली) मे संपन्न विद्यापति समारोह सूपर हिट

मिथिलाक गौरव रैफ अधिकारी अश्विनी झाः सफलताक पाछू रितु झा

जमशेदपुर, दिसम्बर २७, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! नवम्बर मासक दोसर अर्ध मे रैपिड एक्सन फोर्स केर १०६ बटालियन मे कार्यरत सेकन्ड-इन कमान्ड अधिकारी अश्विनी कुमार झा व समस्त परिजन लेल एकटा मूल्यवान् खुशखबड़ी अनलक। पत्र द्वारा अधिकारी झा केँ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान ‘लर्ड बेडेन पावेल राष्ट्रीय सम्मान २०१६’ देबाक जानकारी कराओल गेल। अश्विनी, आरएएफ मिथिलाक गौरव रैफ अधिकारी अश्विनी झाः सफलताक पाछू रितु झा

अहाँक एक लाइक सँ मिथिलाक बेटी बनत ‘मिस बिहार’

कुमार रविशंकर, सहरसा। दिसम्बर २७, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! संपूर्ण मिथिलावासी आ खासकय क्रान्तिभूमि सहरसा जिला लेल खुशखबड़ी अछि। एहि ठामक बेटी ऋचा सिंह मिस बिहार प्रतियोगिता मे फाइनल राउन्ड क्वालिफाइ केली अछि। एहि राउन्ड मे अहाँक मत हिनका विजेता बना सकैत छन्हि। निम्न लिंक ‘मिस बिहार’ केर पेज पर ऋचा सिंह केर तस्वीर केँ लाइक अहाँक एक लाइक सँ मिथिलाक बेटी बनत ‘मिस बिहार’

दिल्लीक बुरारी मे ‘विद्यापति स्मृति पर्व समारोह’ आइ

विमलजी मिश्र, नव दिल्ली! दिसम्बर २६, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! विश्व मैथिल संघक तत्वावधान मे प्रतिवर्ष आयोजित होय बला नव दिल्ली क बुराड़ी मे आइ शनि दिन विशाल विद्यापति महोत्सव केर आयोजन भ रहल अछि । आयोजक समितिक संयोजक व संघक अध्यक्ष हेमन्त झा जनतब देलनि अछि जे उद्घाटन केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह करताह । विशिष्ट दिल्लीक बुरारी मे ‘विद्यापति स्मृति पर्व समारोह’ आइ

गीता स्वाध्यायः अर्जुन – कृष्ण प्रारंभिक वार्ता

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे… अध्याय १ मे संजय, धृतराष्ट्र बीच संपन्न वार्ता मे पहिने दुर्योधनक अन्तर्मनक भय आ द्रोणकेँ पितामह भीष्मकेर रक्षामे लागब कहनाय, भीष्म द्वारा दुर्योधन व कौरवी सेनाक मनोबल बढेबाक लेल शंखघोष, पुनः अर्जुन केँ विषादियोग आर गाण्डीव राखि स्वजन सँ युद्ध नहि करबाक घोषणा… तेकर बाद….) संजय कहैत छथिन जे गीता स्वाध्यायः अर्जुन – कृष्ण प्रारंभिक वार्ता