अप्रील फूल बनाया – दिल्ली वला विमलजी भैया
अप्रील फूल – विमल जी मिश्रा भोरे भोरे नोत भेटल त, मोंछ पर देलौं हाथ। बता रौ भुटवा, बिनु एकादशी की छीयै एहेन बात॥ सुनु यौ बाबा कौबला छलै, माँ केलथि उपवास। तीन साल सँ लटकल भैया, एहि बेर केलक पास॥ कॉलेज जेतै डीग्री लेतै, नोकरी कें भेल आस। बहुत दिन सँ घर पर बैसल, … अप्रील फूल बनाया – दिल्ली वला विमलजी भैया









