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प्रवीण नारायण चौधरी

देखि अहाँक रूप, कि कहू, कि गजल लिखू!!

देखि अहाँक रूप, कि कहू, कि गजल लिखू!! – रोशन झा, स्तम्भकार एवं पत्रकार, जनकपुर सँ अपन मित्र स्नेहा झा केँ समर्पित करैत…. इश्क मे लोक केँ बर्बाद होएत देखै छी इश्क मे लोक केँ आबाद होएत देखै छी देखय लेल देखै छी सबचीज, मुदा अहाँकेँ सब मे सब सँ अपवाद होएत देखै छी! देखि देखि अहाँक रूप, कि कहू, कि गजल लिखू!!

सेंट्रल रेलवे केलक मैथिली-भोजपुरी यात्री लेल सुरक्षा उपायक अपील

प्रकाश कमती, मुम्बई। अप्रैल १६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! गरमी छुट्टी होमयवला अछि। प्रवासी मैथिल सब आम खेबाक लेल आ गरमीक छुट्टी सेहो गाम मे बितेबाक लेल रेलवे टिकट लेल एखनहि सँ बेहाल छथि। रेलवे केर आरक्षण लेबाक लेल परेशान रहैत अछि लोक। जखन आरक्षण नहि भेट पबैत अछि तs साधारण यानी जेनरल बोगी में जेबाक निर्णय लएत अपन सेंट्रल रेलवे केलक मैथिली-भोजपुरी यात्री लेल सुरक्षा उपायक अपील

जनकपुर मे “सपनेक संसार” गीति एल्बम लोकार्पण भेल

मणीष कर्ण, जनकपुर। अप्रैल १६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ जनकपुरमे मिथिला नाट्यकला परिषद् (मिनाप) द्वारा आयोजित एक विशेष समारोह बीच ‘सपनेक संसार’ नामक मैथिली गीति एल्बम केर लोकार्पण कयल गेल अछि। जनकपुरक वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्रप्रसाद “बिमल”, रेवतीरमण लाल, रामभरोस कापडि “भ्रमर” आ तहिना मिनापक अध्यक्ष मदन ठाकुरक संयुक्त रुप मे ई गीति एल्बमक लोकार्पण केने जनकपुर मे “सपनेक संसार” गीति एल्बम लोकार्पण भेल

पर्यावरण मे बढैत गर्मी प्रति कविक चिन्तन

गाछी वृक्ष लगेबाक चाही   – विमल जी मिश्र, सुपौल (हालः दिल्ली)   चढल बैसाख प्रचण्ड भेल धाही शीतल वयार लेल ताकी छाही, जीव जन्तु जनमानस हपसै, मचल चहुँ दिश त्राहि त्राहि।   झुलसै लागल गाछ वृक्ष सब, बरसाबै आइग पवनक संग नभ, धार पोखरि मे पपड़ी पड़ि गेल, हरियर मुँह पर लागल लाही।   पर्यावरण मे बढैत गर्मी प्रति कविक चिन्तन

अबोध बच्चाक कलेजा निकालबाक कूचेष्टा, अपराधी गिरफ्तार

कुणाल, मधेपुरा। अप्रैल १६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद! समाचारः साभार कोसी एक्सप्रेस न्युज, सहरसा मधेपुरा जिलाक सिंहेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत जजहट सबैला मे वृहस्पति दिन साँझक समय एकटा बचियाक कलेजा निकालबाक दुस्प्रयास करबाक आरोप मे एक युवक केँ तलवार और चक्कू सहित पकड़ल गेल अछि। ग्रामीण सब ओहि अपराधी केँ बाद पुलिसक हवाला कय देलक। आरोपी जिला मुख्यालय केर कॉलेज अबोध बच्चाक कलेजा निकालबाक कूचेष्टा, अपराधी गिरफ्तार

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः कवि ललित कुमार झा

कवि ललित कुमार झा – मैथिली एवं हिन्दीक विभिन्न रचना संग्रह प्रकाशित, वर्तमान गुआहाटी मे प्रवास, साहित्यानुरागी एवं समाजसेवी तथा अभियानी। कविक परिचय आ प्रकाशित पोथीक विवरण एहि फोटो मे स्पष्ट दर्शित अछि। साहित्यक सेवाक संग-संग अपने भाषा एवं संस्कृति प्रति सेहो समाज केँ जाग्रत रखबाक अभियान मे निरंतर योगदान दैत आबि रहल छी। गुआहाटी विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः कवि ललित कुमार झा

अफसोस पर ये सच हैः बिहारी ही बिहारी को गाली देते हैं

विशेष संपादकीय कुछ मैथिल जो खुद को अति होशियार समझते हैं, और अपनी दृष्टि से आगे की दृष्टि को परखने या समझने की क्षमता से परे हैं, ऐसे लोगों को सोशल मिडिया पर आपसी प्रतिस्पर्धा में एक-दूसरे पर प्रहार करने की मानो होड़ सी लग गयी है। आज ही एक ‘ख्याले मिश्रा’ नामक अति-होशियार मैथिल अफसोस पर ये सच हैः बिहारी ही बिहारी को गाली देते हैं

आपबीतीः ट्रेन केर जेनरल सफर सेहो भेल महंग

अप्रैल १५, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! आय सँ किछु दिन पहिने हम नई दिल्ली स्टेशन पर एक लड़का के चढाबय गेल रही। इमरजेन्सी मे गाँव जाय के छल हुनका। टिकट नय मिलला पर जेनरल स जाय के प्लानिंग भेल। प्लेटफार्म पर पहुँचला पर बहुत लोक सब बहुत देर स लाइन मे लागल छल। हम कोशिस केलौं आपबीतीः ट्रेन केर जेनरल सफर सेहो भेल महंग

जुड़ शीतल माने स्वच्छता दिवस

जुड़-शीतल माने स्वच्छता दिवस – प्रकाश कमती, मुम्बई सँ! जुड़-शीतल केर ओना तs मिथिलाक पावैन मानल जाएत अछि मुदा जौं अहि पर सामूहिक चर्चा, प्रचार-प्रसार आ सामाजिक जनमानस द्वारा संरक्षण कएल जाय तs निश्चित अहि पावैनक वैज्ञानिक आ पर्यावरणीय गुणक संपूर्ण दुनिया कायल भs जायत। जुड़-शीतल केर असली माने स्वच्छता दिवस अछि, जेकर तात्पर्य अछि जुड़ शीतल माने स्वच्छता दिवस

मिथिलाक पाहुन श्रीराम ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कोनाः पढू आ सिखू

भगवान्‌ श्रीराम केर दैनिक जीवनचर्या  लेखक: श्री कमल प्रसादजी श्रीवास्तव (स्रोत: कल्याण जीवनचर्या विशेषांक – भाया: धर्ममार्ग, अर्कुट, प्रवीण ना. चौधरी) मैथिली अनुवादकः प्रवीण नारायण चौधरी भगवान्‌ श्रीराम अनन्त-कोटि-ब्रह्माण्ड-नायक परम पिता परमेश्वर केर अवतार छलाह आर धर्मक मर्यादा रखबाक लेल भारतभूमि अयोध्या मे राजा दशरथ केर ओतय पुत्ररूप मे अवतरित भेल छलाह। ओहि समय राक्षसादिक बीभत्स रूप एतेक प्रचण्ड भऽ गेल जे मिथिलाक पाहुन श्रीराम ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कोनाः पढू आ सिखू