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प्रवीण नारायण चौधरी

गरीब पिताक बेटी हम छलहुँ – दहेजक भेंट चढल छी हम

दहेज मुक्त मिथिला केँ समर्पित एक कविता – साभार अरविन्द झा केर संकलन, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी एक कवि नदीक कछेर पर ठाढ! तखनहि बहैत देखैछ एगो लड़कीक लाश… नदी मे हेलैत जा रहल छल। तऽ ओ कवि ओहि लाश सँ पूछैछ —- के छी अहाँ हे सुकुमारी, बहि रहल छी नदीक जल मे ? कियो तऽ होयत गरीब पिताक बेटी हम छलहुँ – दहेजक भेंट चढल छी हम

मिरानिसे चुनावक बाद गतिशील होयतः श्याम सुन्दर झा

साक्षात्कारः मिथिला राज्य निर्माण सेनाक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम सुन्दर झा संग – प्रकाश कमती, मुम्बई। मई १, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला में एखन पंचायती चुनाव केर तांडव चरम पर अछि, मिथिला राज्य निर्माण सेना सेहो अपन पुरना जोश आ जज्बा सँ एकबेर पुनः आंदोलित होएत अपन मिथिला राज्य केर संघर्ष सँ जन-जन केँ परिचित करेबाक मिरानिसे चुनावक बाद गतिशील होयतः श्याम सुन्दर झा

विज्ञानक चमत्कार – प्रकृतिक हाहाकारः बीच मे मानव संसार

– राम बाबु सिंह, मधेपुर (कलुआही), मधुबनी (हालः दिल्ली) वैज्ञानिक अन्वेषण एखन धरि जतेक भेल अछि प्रायः जीवनोमुखी विकास के लेल नितान्त आवश्यक अछि आ ई अविरल चलि रहल अछि आ चलैत रहत जा धरि सृष्टिक अस्तित्व बाँचल अछि। स्मृतिपटल पर एखनो कतेको बेर रेखा पड़ि जायत अछि जखन छोट छीन सायकिल के विषय में विज्ञानक चमत्कार – प्रकृतिक हाहाकारः बीच मे मानव संसार

दोहा (कतार) मे आठम मासिक साँझक चौपारि संपन्न

अब्दुर रज्जाक, दोहा। मई १, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! दोहा-कतारमे ‪साँझक चौपारि पर‬ केर आठम मासिक बैसार सम्पन्न ! “मातृभाषाक जगेर्णा हमरासबहक प्रेरणा” मूल नाराके संग बिगत ९ मास सँ निरन्तर रुपमे आयोजना होइत आबि रहल मैथिली काव्य-सन्ध्या अन्तर्गतके कार्यक्रम #साँझक_चौपारि_पर के आठम मासक बैसार २9 अप्रिल  २०१६ बितल शुक्र दिन दोहाक मुन्ताजा पार्क मे  भेल दोहा (कतार) मे आठम मासिक साँझक चौपारि संपन्न

मिथिला आवाज सेहो भारत आवाज बनि हिन्दी मे चलत – कि कारण?

विशेष सन्दर्भः मिथिला आवाज ‘मैथिली दैनिक समाचारपत्र’ केर पुनर्संचालन साभार मिथिमिडिया संपादक रूपेश त्योथ सामाजिक संजाल पर एकटा विशेष चर्चा प्रकाश मे आयल अछि। डा. चन्द्र मोहन झा – संस्थापक आ संरक्षक – मिथिला आवाज – मैथिली दैनिक समाचारपत्र केर नाम सँ एकटा सम्पादकीय स्तम्भ मे ‘अमित द्विवेदी’ नामक मिडिया विशेषज्ञ केर लेख छपल अछि। मिथिला आवाज सेहो भारत आवाज बनि हिन्दी मे चलत – कि कारण?

आगिलग्गी सँ परेशान बिहार – ९ बजे सँ ६ बजे चुल्हा नहि जराउ

आगिलग्गी सँ बचबाक लेल ९ बजे सँ ६ बजे दिन मे चूल्हा नहि जराउ कतेक औचित्यपूर्ण आर कतेक प्रभावी? राम बाबू सिंह, दिल्ली। अप्रैल २८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! खड़ पतार लकड़ी कोयला सँ जराब बाला चूल्हा पर भिनसर के 9 बजे सँ साँझक 6 बजे धरि भानस करैत पकरेलहुँ तखन दू सालक सजा आ जुर्माना आगिलग्गी सँ परेशान बिहार – ९ बजे सँ ६ बजे चुल्हा नहि जराउ

सागर झा विदुषकः एकांकी नाटक (सन्दर्भः मिथिला आन्दोलन)

रोचक वार्ताः मिथिलाक सरोकार (साभारः फेसबुक पर चर्चा मुताबिक ई यथार्थ वार्ता) मैथिली एवं हिन्दी फिल्म केर संग-संग रंगकर्म एवं लेखन मे सेहो माहिर सागर झा – फूलपरास (मधुबनी) केर मूल निवासी आ दिल्ली मे कार्यरत बेसीकाल ‘मैथिली-मिथिला’ आन्दोलन पर सवाल ठाढ करैत रहैत छथि। हुनकर भावना मे यथार्थ सेवा करब बेसी नीक होएत छैक, सागर झा विदुषकः एकांकी नाटक (सन्दर्भः मिथिला आन्दोलन)

पठाओल गेल ज्याबुलक लाशः प्रवासी मिथिला समाज कल्याण दोहा

रविन्द्र उदासी, दोहा। अप्रैल २८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! किछुए दिन पहिने कतार देश केर राजधानी दोहा स्थित एक कम्पनी मे कार्यरत धनुषा जिलाक कुसमाहा सतोषर निवासी ज्याबुल हक राइन केर मृत्यु दुर्घटनावश भऽ गेल छल। ओकर असहाय माय-बापक इच्छा छल जे कोनाहू मरलो बेटाक मुंह देखी आ अपने मुलुक मे ओकर अन्तिम संस्कार – इस्लाम पठाओल गेल ज्याबुलक लाशः प्रवासी मिथिला समाज कल्याण दोहा

ग्रामीण महिला मे राजनीतिक जागरणः एक दृष्टान्त

साभारः हिन्दी-मैथिली साहित्यकार गंगेश गुञ्जन केर फेसबुक अपडेट्स हिन्दीक एक पोस्टक अनुवाद  हमर गाम मे ग्राम पंचायत चुनाव सरपंच केर दुर्लभ आत्मविश्वास भरल अपन उम्मीदवारीक संग श्रीमती शकुंतला देवी जी हमर दालान मे एली। – “कका जी, हमरा आशीर्वाद दियौ” कहैते प्रणाम केली। अपन चुनाव प्रचार अभियान मे असगरे। निडर। विस्मित कऽ देबय वला समझ, ऊर्जा ग्रामीण महिला मे राजनीतिक जागरणः एक दृष्टान्त

दहेज प्रथा आर वर्तमान युवा समाजक मनोविज्ञान

सामाजिक वार्ताः यथार्थ संवाद (साभारः प्रकाश कमती, प्रवक्ता, दहेज मुक्त मिथिला, महाराष्ट्र ईकाई) प्रकाश कमतीः ‘दहेज’ प्रथा वर्तमान समय में ‘दहेज’ एकटा मिथिलाक लाईलाज रोग अछि तकर दावा सौ में सँ एक सौ दस टका लोक करैत छथि, तखन दहेजक समर्थक के…?, इ प्रश्न फाँर बान्हि सोझा ठार भए जाएत अछि। व्हाट्सऐप, सोशल मंच में दहेज प्रथा आर वर्तमान युवा समाजक मनोविज्ञान