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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिलीक ओ प्रसिद्ध रचना घसल अठन्नी

संकलन – ब्रजेश मिश्र अपन विद्वता आओर रचना सँ मिथिलाक गरिमा चारि चान लगौलैन कवि चूड़ामणि काशीकांत मिश्र “मधुप” । पं.कविचूड़ामणि कशिकांत मिश्र ‘मधुप’, कोर्थू, दरभंगा, जीवनकालः १९०७ -१९८७। आउ आइ पढ़ी हुनक तीनटा रचना मैथिली कविताक अहि मंच पर :   १. घसल अठन्नी, २ छुतहर आ ३. प्रकृति सुंदरी   कवि चूड़ामणि उपाधि मैथिलीक ओ प्रसिद्ध रचना घसल अठन्नी

मिथिला यानि नेपाल-भारत सीमाक्षेत्र मे अंग्रेज विद्वानक शोध

परिचयः मैथिल महिला सभक खिस्सा – डा. रामानन्द झा ‘रमण’, पटना मैथिल विमेन्स टेल्स – अर्थात् मैथिल महिला सभक खिस्सा – नेपाल-भारत केर सीमाक्षेत्र मे खिस्सा कहिनी नामक पोथी कैरोलिन वी. डेविस द्वारा लिखल पोथी पढलाक बाद राखल गेल विचारः Caralynn V. Davis, University of Illinois बहुत दिन धरि जनकपुरमे डेरा खसाए महिला लोकनिसँ मैथिली लोक मिथिला यानि नेपाल-भारत सीमाक्षेत्र मे अंग्रेज विद्वानक शोध

मिथिलाक पाबैन चौरचनः अहाँ कोना मोन पारब

संस्मरणः चौरचन पाबैन – प्रवीण नारायण चौधरी आइ चौरचन पाबैन थीक। पहिने भोरे-भोर एकटा काज अढायल जाएत छल बच्चा मे…. माय कहैय जे “जो, कतहु सँ मलकोकाक फूल तोड़ने आबे”। आजुक पूजा मे मलकोका फूलक अत्यन्त विशेष काज होएत छल। ताहि दिन ई बुझबो नहि करियैक आ नहिये बुझबाक कोनो प्रयोजन रहय। मुदा गामक चारूकात चर-चाँचर मिथिलाक पाबैन चौरचनः अहाँ कोना मोन पारब

मैथिल आ मिथिलाः प्रसिद्ध कवि मधुप जी

संकलन – शंकर कुमार मैथिलीक प्रसिद्ध कवि श्री चंद्रभानु सिंह कें संबोधित महाकवि मधुपक ई कविता कत्तेक नीक जेकाँ मिथिला आ मैथिली भाषा कें परिभाषित कय रहल अछि से देखिऔ कने। * मैथिल आ मिथिला * पर्वतराज हिमालय सौं दक्षिण गंगा सौं उत्तर । गंडक सौं पूर्वस्थ महानंदा सौं पश्चिम मृदुतर ॥ मही मूर्धमाला मिथिला में जतेक मैथिल आ मिथिलाः प्रसिद्ध कवि मधुप जी

जानकीक सेवा मात्र हमर धर्मः महंथ तपेश्वर दास

जनकपुर, सितम्बर ३, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली जिन्दाबाद पर हालहि प्रकाशित समाचार जाहि मे सुशील कर्ण नाम्ना राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा जानकी मन्दिरक महंथ तपेश्वर दास पर जानलेबा हमला करेबाक आरोप लगाओल गेल छल ताहि सम्बन्ध मे सम्पर्क केला पर अत्यन्त सहज भाव सँ प्रतिक्रिया दैत कहलैन जे हुनका एहि सम्बन्ध मे कोनो तरहक खबैर आ जानकीक सेवा मात्र हमर धर्मः महंथ तपेश्वर दास

छैठ घाट निर्माण आ विकास लेल कृतसंकल्पितः सांसद महेश गिरी

जैनेन्द्र चौधरी, मयूर विहार, नई दिल्ली। सितम्बर ३, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! नई दिल्लीक मयूर विहार क्षेत्र मे पूर्वाचंल मिथिलाचंल समाज मिलिकय पूर्वाचंल मिथिलाचंल गोष्ठी कार्यक्रम केर आयोजन केलक। एहि कार्यक्रम में मिथिलाचंल पुर्वांचाल समाज केर गणमान्य और प्रतिष्ठित लोक सब जाहिमे वकील, डॉक्टर, इंजीनियर सब सहभागिता देलैन। अतिथि रूप में पूर्वी दिल्लीक लोकप्रिय सांसद माननीय महेश गिरिक छैठ घाट निर्माण आ विकास लेल कृतसंकल्पितः सांसद महेश गिरी

सरकारक भरोसे कोनो विकास संभव नहि अछि मिथिलामे

विचार सन्दर्भः आर्थिक आत्मनिर्भरता लेल मिथिला चित्रकला बेहतर विकल्प – राम बाबू सिंह, मधेपुर (कलुआही) – हालः दिल्ली सँ “बारीक पटुआ तीत” – मिथिलाक पारम्परिक लोककला (चित्रकला) केर परिपेक्ष्य मे यैह कहिनी सत्य कहल जा सकैछ। मिथिला पेंटिंग जेकर विश्व प्रसिद्ध नाम ‘मधुबनी पेन्टिंग’ सेहो थीक से प्राचीनकाल सँ बिना कोनो तकनीकी प्रशिक्षण लेनहिये परम्परागत सरकारक भरोसे कोनो विकास संभव नहि अछि मिथिलामे

दिल्ली मे डा. लक्ष्मण झाक जन्मसदी समारोह ५ सितम्बरकेँ

दिल्ली! सितम्बर ३, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! ५ सितम्बर २०१६ केँ मिथिला राज्य केर महान प्रणेता डा. लक्ष्मण झा केर जन्मसदी तिथि थीक। एहि अवसर पर मिथिला राज्य निर्माण सेनाक दिल्ली युनिट एकटा स्मृति समारोहक आयोजन रखलक अछि। ई जानकारी सेनाक राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संजीब सिन्हा करौलनि। ओ कहलैन जे हम सब मिथिलावादी डा. लक्ष्मण झा केर दिल्ली मे डा. लक्ष्मण झाक जन्मसदी समारोह ५ सितम्बरकेँ

मिथिलाक लालक कमाल – टीवी निर्माण मे क्रान्ति

खबैर साभार – न्युज अफ बिहार डट कम मधुबनी, 3 सितम्बर। कहैत छैक जे आवश्यकता अविष्कार केर जननी थीक। निश्चित एहि उक्तिक अनुरूप मानव समाज नव-नव आविष्कार मे लागल रहैत अछि, असंभव केँ संभव बनबैत सपना केँ साकार रूप प्रदान करैत रहैत अछि। एहि सूची मे मिथिलाक मधुबनी जिला सँ एक लाल नव कमाल केलनि अछि। नीरज मिथिलाक लालक कमाल – टीवी निर्माण मे क्रान्ति

डा. लक्ष्मण झा केर जन्म शताब्दी ५ सितम्बर २०१६

डा. लक्ष्मण झा हमर आदर्श छथि। हालहि मैथिली जिन्दाबाद पर मिथिला विभाजन विरुद्ध हुनक आंदोलन पर संस्मरण लिखने रही। हुनकर बहुत रास बात अप्रकाशित रहल अछि। हम संयोगवश 1987 केर बाढ़ि उपरान्त भ्रमणकाल में अपनहि गाम में दर्शन प्राप्त कएलहुँ। ओ साक्षात् देवताक रूप में पृथ्वी पर पूर्ण सादा जीवन उच्च विचार केर गांधीवादी लीक डा. लक्ष्मण झा केर जन्म शताब्दी ५ सितम्बर २०१६