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प्रवीण नारायण चौधरी

देवडीहा मे एहि बेर सँ शुरू भेल काली पूजनोत्सव

बटुकनाथ झा, देवडीहा, जनकपुर। १४ गते कातिक – अक्टूबर ३०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! धनुषा जिल्लाक देवडिहा गाम मे अइ वर्ष सँ काली पुजजनोत्स्व शुरु कैल गेल अछि । सम्पूर्ण ग्रामबासीक सहयोगमे विधि-विधानपूर्वक पूजा समारोह मनायल जा रहल अछि । दिपावली सँ एक दिन पहिने सँ शुरु भेल माँ काली पूजा तीन दिन धरि संचालनमे रहत से देवडीहा मे एहि बेर सँ शुरू भेल काली पूजनोत्सव

मिथिला राज्य निर्माण सेनाः प्रवीणक डायरी

विशेष आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी ई आलेख मिथिला राज्य निर्माण सेनाक आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन नवम्बर ८ आ ९ तारीख दरिभंगा लेल प्रकाशित कय रहल छी। एहि ठाम तारीखवार ओ सब पोस्ट राखल जा रहल अछि जे मिरानिसे सम्बन्धित – मिथिला राज्य निर्माण सँ सम्बन्धित हमर डायरी (फेसबुक पर प्रकाशित) मे उपलब्ध अछि। एहि मे मिथिला राज्य निर्माण सेनाः प्रवीणक डायरी

बिहार सरकारक असहयोगक बादो सहरसा मे रेलवे ओवरब्रीज

सुभाषचन्द्र झा, सहरसा। अक्टूबर ३०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! केन्द्र सरकार बनायत सहरसा में ओवरब्रिज सहरसा बंगाली रेलवे ओवरब्रिज केर निर्माण हेतु बिहार सरकार द्वारा डीपीआर बनयबा मे उदासीनता के कारण केन्द्र सरकार सीधे ओवरब्रिज के निर्माण कराओत । एहि बातक जानकारी सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव दैत कहलनि जे परिवहन मंत्री स भेट कयलाक बिहार सरकारक असहयोगक बादो सहरसा मे रेलवे ओवरब्रीज

बसैठक एसएम हाई स्कूल संग सरकारी उपेक्षा पीड़ादायकः संस्थापक परिवार

काठमांडू, नेपाल। अक्टूबर ३०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! भारत द्वारा राजनयिक स्तरपर करोड़ों-खरबोंक लगानी सँ नेपाल मे शिक्षा व्यवस्था सहित अन्यान्य लोकहित केर कार्य कैल गेल अछि। तहिना नेपालक एक दानवीर समाजसेवी द्वारा भारत मे कैल गेल महत्वपूर्ण कार्यक चर्चाक जतय सराहना हेबाक चाही ओ आइ सरकारक घोर उपेक्षाक चलते गुमनामीक अन्हार मे बर्बाद होएत देखि रहल छी। बसैठक एसएम हाई स्कूल संग सरकारी उपेक्षा पीड़ादायकः संस्थापक परिवार

कतारदेशक राजधानी मे मैथिली जिन्दाबादः १५म बेर साँझक चौपाड़ि पर

विन्देश्वर ठाकुर, दोहा। अक्टूबर २९, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! “मातृभाषाक जगेर्णा हमरा सबहक प्रेरणा” मूल नाराक संग विगत १५ मास सँ निरन्तर रुपमे आयोजना होएत आबि रहल मैथिली काव्य-सन्ध्या अन्तर्गतक कार्यक्रम साँझक चौपाड़ि पर केर पन्द्रहम मासक बैसार काल्हि संध्याकार कतारदेशक राजधानी दोहाक मुन्ताजा पार्क मे सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल । पूर्वक कार्यक्रम जेकाँ अहु बेर विभिन्न कतारदेशक राजधानी मे मैथिली जिन्दाबादः १५म बेर साँझक चौपाड़ि पर

दियाबाती आ लक्ष्मी पूजा पद्धति

संस्कृतिः दियाबाती आ महालक्ष्मी पूजा पद्धति महालक्ष्मी पूजाक संछिप्त विधि सहित दीपावली पाबैन यानि कार्तिक कृष्ण अमावस्याक दिन – भगवती श्रीमहालक्ष्मी आ भगवान् गणेशक नवीन प्रतिमाक प्रतिष्ठापूर्वक विशेष पूजन कैल जाएछ। पूजा लेल कोनो चौकी अथवा कपडाक पवित्र आसनपर गणेशजीक दाहिनाभागमे माता महालक्ष्मीकेँ स्थापित कैल जेबाक चाही। पूजाक दिन घरकेँ स्वच्छ करैत पूजन-स्थलकेँ सेहो पवित्र करबाक दियाबाती आ लक्ष्मी पूजा पद्धति

जागैत मिथिला समाज आ एकजुट होएत मैथिल लोक

विशेष सम्पादकीयः मिथिला चौजुगी केकरा कारण सँ जीबित अछि!! हिमालय (उत्तर), गंगा (दक्षिण), गंडक (पच्छिम) आ कोसी (पूरब) केर बीच निहित पवित्र भूमि केँ सिद्धस्थली मिथिलाक रूप देनिहार जनक केर सपना छलन्हि समरस समाज – समृद्ध संसार। कालान्तर मे ओहि समृद्ध-समरस मिथिलाक बदहाली एहेन भेल जे आइ संसारक भूगोल सँ मिथिले पार भऽ गेल अछि। जागैत मिथिला समाज आ एकजुट होएत मैथिल लोक

मैथिली मे प्रेमकथा केर विशिष्ट लेखक सुजीत झा केर ‘बुलबुल’

राजविराज, सप्तरी। नवम्बर २७ – १० कातिक । मैथिली जिन्दाबाद!!   साहित्यकार एवम् पत्रकार सुजीत कुमार झाक मैथिली भाषा मे सातम कृति ‘बुलबुल’ कथा सङ्ग्रहकेर बुधदिन एक समारोह बीच राजविराजमे लोकार्पण कएल गेल । जिल्ला विकास समिति सप्तरीक सभाकक्षमे आयोजित ओ समारोहमे भाषावैज्ञानिक डा. सुनिल कुमार झा, मैथिली साहित्य परिषद् सप्तरीक वर्तमान अध्यक्ष शुभचन्द्र झा,पुर्व मैथिली मे प्रेमकथा केर विशिष्ट लेखक सुजीत झा केर ‘बुलबुल’

मिथिलाक शिथिला बनबाक स्थितिक दोषी के?

कि चाही?   १. भैया रौ! हम मजबूत हेबौक त तोरे न काज एबौक! तूँ हमर प्रगति सँ जर नहि।   २. भैया रौ! आब हम मजबूत भऽ गेलहुँ। तूँ हमरा बड सतेने छेँ। आब हम तोरे पहिने बाँस करबौक। बाद मे शत्रु सब सँ निबटब। पहिने तोरे साफ कय केँ हम आरो मजबूती पायब। मिथिलाक शिथिला बनबाक स्थितिक दोषी के?

एक महत्वपूर्ण सीखः हनुमान-रावण संवाद सँ

हनुमान्‌-रावण संवाद   – प्रवीण नारायण चौधरी (मार्च २८, २०१२)   संत सदिखन कल्याण मात्र चाहैत छथि! कि मिथिला संतविहीन भऽ गेल?   आइ, पहिले लिखब किछु छंद:   तूँ हंसि ले मुदा मानि ले एतबा हमरो बात जुनि कर अगबे मनमर्जी लऽ ले प्रभुकेर साथ!   बल जे छौ से छल छौ देखाबा, एखन एक महत्वपूर्ण सीखः हनुमान-रावण संवाद सँ