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प्रवीण नारायण चौधरी

दहेज मुक्त मिथिला केर महिला प्रकोष्ठक गठन, डा. प्रतिभा झा बनलीह संयोजिका

मुम्बई। १५ अक्टूबर, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!!   आइ दिनांक १५.१०.२०१७ रवि दिन मुम्बई महानगरक मीरा रोड स्थित कौफी होम मे एक संछिप्त कार्यक्रमक आयोजन दहेज मुक्त मिथिला भारत केर कार्यसमिति सदस्य द्वारा सम्पन्न भेल। संस्थाक पूर्व अध्यक्ष एवम् वर्तमान समय संरक्षक केर भूमिका निर्वाह करैत आबि रहला अनुभवी अभियानी पंकज झा केर अध्यक्षता में आयोजित दहेज मुक्त मिथिला केर महिला प्रकोष्ठक गठन, डा. प्रतिभा झा बनलीह संयोजिका

नवरात्रक सातम दिनक प्रसादः कर्म जेहेन करब तेकर फल भोगब सुनिश्चित अछि

नवरात्रक सातम दिनः आजुक प्रसाद “कर्म अनुरूप फल भोगबाक यथार्थ”   शास्त्र-पुराण वर्णित अनेकों कथा-गाथा पढलहुँ, मनन कएलहुँ – ई बात एक दिस। दोसर दिस जीवन मे अनेक तीत-मीठ अनुभव पेलहुँ – कृपा, दया आ स्नेहक अनुभूति भेटल, क्रोध, लोभ, मोह, मास्चर्ज आदिक तीत अनुभव सेहो भेटल। यैह सुख आ दुःख केर दुइ तीर बीच नवरात्रक सातम दिनक प्रसादः कर्म जेहेन करब तेकर फल भोगब सुनिश्चित अछि

विदेहराज जनक केर सर्वोत्तम शिक्षाः शुकदेवजी केँ तत्त्वोपदेश

नवरात्रक छठम् दिनः आजुक प्रसाद विदेहराज जनकजीक तत्त्वोपदेश   विदित हो जे व्यासपुत्र शुकदेवजीक जन्म विशेष परिस्थिति मे भेलनि आर ओ गार्हस्थ जीवन सँ अलग पूर्ण संन्यास जीवन मे रहबाक मानसिकता शुरुहे सँ बनौने छलाह। सुविज्ञ पिता द्वारा बहुतो समझेला-बुझेलापर ओ गार्हस्थ जीवन सँ जुड़ल शिक्षा लेबाक लेल तत्कालीन महान सिद्ध-प्रसिद्ध शिक्षक विदेहराज जनक समीप विदेहराज जनक केर सर्वोत्तम शिक्षाः शुकदेवजी केँ तत्त्वोपदेश

सहरसा में दुइ ठाम मनाओल गेल आचार्य रमानाथ झा जयंती

सुभाषचंद्र झा, सहरसा। सितम्बर २२, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!   मैथिली, हिन्दी, अंग्रेजी व संस्कृत भाषा केर कवि, लेखक, आलोचक, समालोचक, शोधकर्ता, अन्वेषक, शब्दक भाव, विचार, व्यवहार, अनेको भाषा केर ज्ञाता परम श्रद्धेय डॉ रमानाथ झाक जयंती शहर केर रमेश झा महिला महाविधालय व एमएलटी कॉलेज में मनाओल गेल। एहि अवसरपर डॉ कमल मोहन झा चुन्नू सहरसा में दुइ ठाम मनाओल गेल आचार्य रमानाथ झा जयंती

नवरात्रक प्रसादः हनुमान चालीसाक महत्व आ आस्थावान लेल उपयोगिता पर प्रकाश

नवरात्रक दोसर दिनः आजुक विशेष प्रसाद   श्रीहनूमते नमः!!   जानकी-राघव केर अत्यन्त खास भक्त आ आशीर्वाद सँ सम्पन्न अष्ट-चिरंजीव मे सँ एक हनुमानजी केँ हम प्रणाम करैत छी। श्रेष्ठ गुरुवर पंडित जीवनन्दन झा केँ स्मृति मे अनैत हनुमानजीक अद्भुत रूप जाहि मे स्वयं महादेव केर अंश समाहित अछि, संग मे पार्वती सेहो छथिन – नवरात्रक प्रसादः हनुमान चालीसाक महत्व आ आस्थावान लेल उपयोगिता पर प्रकाश

कि रंगकर्म जीविकोपार्जन लेल नीक विकल्प अछिः विशिष्ट रंगकर्मी लोकनिक उत्तर पढू

सितम्बर १७, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! चूँकि मिथिला एक पूर्ण सभ्यताक परिचायक रहल अछि, एतय साहित्यक संग कलाकर्म, चित्रकर्म, रंगकर्म व हरेक विधाक साधना पूर्वकाल सँ होएत आबि रहल अछि। जीविकोपार्जन लेल कृषि पर निर्भरता सँ आइ मिथिला क्षेत्रक लोक दुनियाक अन्य भाग संग डेग मे डेग मिलबैत बढबाक यत्न कय रहल अछि। राज्य केर उपेक्षाक कारण कि रंगकर्म जीविकोपार्जन लेल नीक विकल्प अछिः विशिष्ट रंगकर्मी लोकनिक उत्तर पढू

कोना भेल छलन्हि बाबा विश्वकर्मा केर जन्म, आइ १७ सितम्बर पर हिनक पूजनोत्सव

सितम्बर १७, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! आदिकाल सँ हस्तशिल्प केर सिद्ध कलाकार भगवान् विश्वकर्मा केँ मानल जाएत अछि। बाबा विश्वकर्मा देवकार्य लेल केहनो पूर्वाधार केर निर्माण अत्यन्त थोड़ समय अति विकसित ओ विस्तृत रूप मे करैत आयल छथि, ई बात सब विभिन्न पौराणिक कथा-गाथा सँ प्रचलित अछि। हिनक जयंती हरेक वर्ष १७ सितम्बर केँ मनायल जाएत अछि। कोना भेल छलन्हि बाबा विश्वकर्मा केर जन्म, आइ १७ सितम्बर पर हिनक पूजनोत्सव

हिन्दी दिवस पर खास….. समाज में औरतों की स्थिति क्या है आजः एक चिन्तन

हिन्दी दिवस पर खास….   समाज में औरतों की स्थिति क्या है आज? मिनेरल वाटर का प्रचार करने के लिये विचित्र अंग प्रदर्शन करती हुई स्त्रियों को दिखाकर उसका प्रचार करें हम और व्यवसायिक हित साधें…. कहाँ हैं हम? आज टेलिविजन पर आ रहे लगभग आधे से अधिक कार्यक्रमों का मूल्यांकन स्त्रित्व की रक्षा के हिन्दी दिवस पर खास….. समाज में औरतों की स्थिति क्या है आजः एक चिन्तन

गूटबाजीक गूढ रहस्य – मिथिलाक लोक मे यैह सब सँ पैघ दुर्गुणः मीमांसा

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी अपना सब मे गूटबाजी कियैक होएत अछि एतेक – एहि सवाल पर जँ मंथन केने होयब त अवस्स निचाँ उद्धृत किछेक कारण सोझाँ आयल होयत। किछेक स्थिति-परिस्थितिक संग हम गोटेक दृष्टान्त उल्लेख करय चाहब। पढियौ, विचारियौ आ गमियौ – तखन कारण सब भेटत।   १. संस्था मृतप्राय अवस्था मे पहुँचि गूटबाजीक गूढ रहस्य – मिथिलाक लोक मे यैह सब सँ पैघ दुर्गुणः मीमांसा

७ वर्षीय प्रद्युम्न ठाकुर केर हत्याः कि रहल होयत दोष ओहि अबोध बालकक

सन्दर्भवश खास चर्चाः अबोध बालक प्रद्युम्नक हत्याक कारण कि? हालहि घटल वीभत्स घटना – गुरगाँव स्थित रेयान इन्टरनेशनल स्कूल केर कक्षा २ मे अध्ययनरत बच्चा प्रद्युम्न ठाकुर केर हत्या गला काटिकय कएल गेल। विद्यालयक ट्वाइलेट मे कथित रूप सँ स्कूल बस केर कन्डक्टर अशोक कुमार द्वारा एहि बच्चाक हत्या कएल जेबाक बात सोझाँ आयल अछि। ७ वर्षीय प्रद्युम्न ठाकुर केर हत्याः कि रहल होयत दोष ओहि अबोध बालकक