छैठिक अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमक जगह पर साहित्यिक कार्यक्रम – आनन्द-आनन्द भेल
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी सच मे ई एकटा नया प्रयोग छल हमर गाम कुर्सों मे हरेक वर्ष छैठिक अवसर पर किछु न किछु सांस्कृतिक कार्यक्रम केर आयोजन होएत रहल अछि। हम अपन बाल्यकाल सँ एहि आयोजन सँ अपन जीवन पद्धति केँ कलासंपन्न बनबाक प्रेरणा दैत आयल छी। जखन आरो होशगर भेलहुँ त आदरणीय … छैठिक अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमक जगह पर साहित्यिक कार्यक्रम – आनन्द-आनन्द भेल









