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प्रवीण नारायण चौधरी

स्वरोजगारक सरकारी योजना आ लाभ केकरा भेटैत अछि

स्वरोजगारक सरकारी योजना आ आम जनमानस   आम जनता केँ राजकाजक विषय मे अत्यल्प रुचि आ जुड़ावक कारण स्वरोजगारक सरकारी योजनाक जानकारी नहि के बरोबरि रहैत छैक। एकर लाभ उठेबाक लेल बामोस्किल २-३% फीसदी लोक प्रत्यक्ष सर्वेक्षण मे अभरैत अछि। सेहो केहेन लोक एहि तरहक योजनाक लाभ उठा पबैत अछि? जेकर संबंध सरकारी योजना पर स्वरोजगारक सरकारी योजना आ लाभ केकरा भेटैत अछि

बेरोजगारीक सर्वोत्तम निदानः स्वरोजगार

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी स्वरोजगार सर्वोत्तम आ सहज वर्तमान युग मे स्वरोजगारक अनेकों अवसर खुलेआम उपलब्ध अछि। बस, कनेक होशियारी, कनिके हिम्मत, कनिकबा जोखिम आ बहुते रास धैर्य, उचित मात्रा मे परिश्रम आ पूर्णरूपेण तत्परता सँ स्वरोजगार मे सफलता भेटब निश्चित होयत। आर्थिक युग मे अर्थ उपार्जनक महत्व कतेक बेसी छैक से सर्वविदिते अछि। बेरोजगारीक सर्वोत्तम निदानः स्वरोजगार

भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर केन्द्रित एक महत्वपूर्ण सर्वेः साभार दैनिक भास्कर

सर्वे भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा हुनकर नेतृत्व मे चलि रहल भारत सरकार सँ अहाँ कतेक सन्तुष्ट-असन्तुष्ट छी ताहि सन्दर्भ मे साभार दैनिक भास्कर ई सर्वे मैथिली जिन्दाबाद पाठक लेल राखि रहल छी। कृपया अपन जबाब कमेन्ट बक्स मे निम्न प्रश्नोत्तरी केँ कोपी कय अपन जबाबक ओप्शन मात्र राखि बाकी केँ डिलिट कय केँ पोस्ट भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर केन्द्रित एक महत्वपूर्ण सर्वेः साभार दैनिक भास्कर

जखन भगवान् केँ मात्र एक्के परिवारक हेतु सँ ३-३ बेर अवतार लेबय पड़लन्हि

आध्यात्म भगवान् विष्णु केर ३ अवतार सिर्फ एक परिवार लेल साभारः दैनिक भास्कर   हालहि २८ अप्रैल केँ भगवनाम नृसिंह केर जन्मोत्सव भेलनि। भगवान विष्णु द्वारा हिरण्यकशिपु केर बेटा प्रहलाद केर रक्षाक लेल आधा शेर और आधा मानव केर रुप मे अवतार लेने छलाह। एहेन नहि छैक जे भगवान् विष्णु केवल प्रहलाद केर रक्षा या जखन भगवान् केँ मात्र एक्के परिवारक हेतु सँ ३-३ बेर अवतार लेबय पड़लन्हि

शर्माजीक ५० मैथिली चुटकुला

हास्य-प्रहसन लेखन साहित्य लेखनक एकटा विशिष्ट विधा मानल जाएछ। मैथिली भाषा मे एक सँ एक दिग्गज रचनाकार हास्यरस केर प्रयोग करैत अपन नाम प्रसिद्ध कय चुकल छथि। एहि मे खट्टर काकाक नाम बड़ ऊपर छन्हि। समाजक यथार्थ केँ चित्रित करैत बड़ा बेवाकी सँ ओ लेखन कार्य करथि। हुनकर जोड़ी एखन धरि नहि भेटल अछि हमरा शर्माजीक ५० मैथिली चुटकुला

मैथिल जँ तमसा जाय तँ….. प्रसंग दैनिक जागरण द्वारा मैथिली केँ हिन्दीक बोली कहबाक जुर्रत

एक आरो प्रसंग पर लिखय सँ अपना केँ नहि रोकि सकलहुँ आइ…. पहिने कहि देने छी जे लिखबाक बहुत बात अछि, बहुत रास सामग्री गाम सँ बटखर्चाक रूप मे अनने छी। ई प्रसंग अछि जे विगत १५ दिन मे बहुत रास नव-नव घटना घटल जाहि मे दैनिक जागरण द्वारा मैथिली केँ ‘हम हैं हिन्दी’ (हिन्दीक मैथिल जँ तमसा जाय तँ….. प्रसंग दैनिक जागरण द्वारा मैथिली केँ हिन्दीक बोली कहबाक जुर्रत

मनुष्य देहक महत्वः गूढ तत्त्व समीक्षा मे पंडित रुद्रधर झा – भाग २

मनुष्य देह केर महत्व   – पंडित रुद्रधर झा (अनुवाद – प्रवीण नारायण चौधरी)   क्रमशः उपरान्त – भाग २   असाधारण मानव शरीर केर दोसर असाधारण कार्य थिक – अपना द्वारा कयल गेल कर्म केर फलक कामना, कर्म मे आसक्ति तथा कर्म केँ करबाक अहंकार केँ छोड़िकय सदा समता सँ युक्त भऽ भगवान् केर मनुष्य देहक महत्वः गूढ तत्त्व समीक्षा मे पंडित रुद्रधर झा – भाग २

मनुष्य देहक महत्व – पं. रुद्रधर झाः अत्यन्त मननीय मीमांसा

स्वाध्याय मनुष्य देह केर महत्व   – पं. रुद्रधर झा (मूल आलेख – हिन्दी, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   संसार मे ८४ लाख योनि अछि जाहि मे २७ लाख वृक्ष आदि स्थावर (अचर) प्राणी केर, २३ लाख कीट-पतङ्ग केर, १७ लाख समुद्र आदि मे स्थित जलचर केर, १३ लाख पशु-पक्षी केर, ३ लाख ९९ हजार मनुष्य देहक महत्व – पं. रुद्रधर झाः अत्यन्त मननीय मीमांसा

११-सूत्रीय मांग लेल दरभंगा मे धरनाः अभामिरासंस केर नेतृत्व

दरभंगा, अप्रैल १२, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति द्वारा दरभंगा मे विभिन्न ११ सूत्रीय मांग लेल धरना-प्रदर्शन कयल गेल अछि। मैथिली के द्वतीय राजभाषा के दर्जा संग निम्नलिखित ग्यारहसूत्री मांग :- 1. मिथिलाक समग्र विकास लेल अविलंब पृथक मिथिला राज्यक गठन हो। 2. केंद्र और राज्य सरकारक सभ कार्यालय में मैथिली ११-सूत्रीय मांग लेल दरभंगा मे धरनाः अभामिरासंस केर नेतृत्व

बाबा महाकालेश्वर केर आविर्भावक अत्यन्त मार्मिक पौराणिक गाथा

द्वादश ज्योतिर्लिंगः महाकालेश्वर बाबा सँ जुड़ल महत्वपूर्ण गाथा   किछुए दिन पूर्व सँ आरम्भ कयल द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा-गाथा विवरण अन्तर्गत शिवपुराण मे वर्णित तेसर ज्योतिर्लिंग ‘श्री श्री १०८ श्री बाबा महाकालेश्वर’ केर आविर्भावक कथा मे पढने रही जे कोना एकटा बस्ती पर राक्षसक आक्रमण आ क्रूर अत्याचार विरुद्ध अपन भक्त-साधक तथा आस्थावान् केँ बचेबाक लेल बाबा महाकालेश्वर केर आविर्भावक अत्यन्त मार्मिक पौराणिक गाथा