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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिलीक ‘अच्छे दिन’, सीबीएसई केर पाठ्यक्रम मे शामिल, श्रेय फेरो एनडीए सरकार केँ

४ दिसम्बर २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! साहित्यकार एवं मैथिली-मिथिलाक अभियन्ता मणिकान्त झा जनतब दैत कहलनि अछि, “सीबीएसई में मैथिली भाषा प्रवेश पौलक । डा सीपी ठाकुर आइ एहि आशय के पत्रक प्रति हमरा हस्तगत कयलनि। हम, बैजू बाबू आ हीरा कुमार झा जी पद्मश्री डा सीपी ठाकुर केँ सरकार सँ मैथिली भाषा के सीबीएसई में लागू करेबाक मैथिलीक ‘अच्छे दिन’, सीबीएसई केर पाठ्यक्रम मे शामिल, श्रेय फेरो एनडीए सरकार केँ

हरेक राज्य एक देश, हर राज्यक स्थानीय लोक लेल रोजगार आ शिक्षा राज्य सरकारक कर्तव्य: राज ठाकरे

साभार: पंकज झा, छत्तीसगढ  (अनुवाद: प्रवीण नारायण चौधरी) उत्तर भारतीय केर पंचायत मे राज ठाकरेक भाषणक प्रमुख अंश सम्पूर्ण भाषण एहि लिंक पर सुनल जा सकैत अछि: – हिन्दी राष्ट्रभाषा नहि थिक. – संविधान ई कहैत अछि जे देश मे जँ कतहु अहाँ बाहर जाय तऽ थाना मे जानकारी दी. कोन काज करब, कतय रहब हरेक राज्य एक देश, हर राज्यक स्थानीय लोक लेल रोजगार आ शिक्षा राज्य सरकारक कर्तव्य: राज ठाकरे

मैथिली पढौनीक विशुद्ध लाभ कम-साक्षरता दर व पिछड़ा जनसमुदाय केँ, तखन गलत राजनीति कियैक?

खास बात-विचार सन्दर्भ: मैथिली साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति, मधुबनीक संस्थापक मैथिली कवि-साहित्यकार एवं शिक्षक दिलीप कुमार झा द्वारा ‘प्राथमिक शिक्षाक माध्यम मैथिली’ केर मांग पर फेसबुक सँ धरातलीय विमर्शक सम्बन्ध मे आजुक टटका-टटकी बहस भूमिका: भारतक संविधान द्वारा देल गेल मौलिक अधिकार मे पड़ैत अछि ‘प्राथमिक शिक्षा मातृभाषाक माध्यम सँ’ हो, परञ्च ‘मैथिली’ भाषा केँ मैथिली पढौनीक विशुद्ध लाभ कम-साक्षरता दर व पिछड़ा जनसमुदाय केँ, तखन गलत राजनीति कियैक?

मिथिलाक सामाजिक-राजनीतिक स्थिति नेपाल मे

नेपालदेशीय मिथिलाक सामाजिक-राजनीतिक स्थिति मिथिलाक वर्तमान भूगोल संवैधानिक रूप सँ मान्यता नहि पाबि सकल अछि, ई संघर्ष नाममात्र लेल जहिना भारतदेश मे जारी अछि किछु तहिना नेपालदेश मे सेहो। पिछला करीब तीन दशक मे नेपाल केर राजतंत्र सँ गणतंत्र मे परिणतिक विभिन्न आन्दोलन मे मिथिला राज्य संघर्ष समिति (जनकपुर) द्वारा संविधान सभा मे ‘मिथिला राज्य मिथिलाक सामाजिक-राजनीतिक स्थिति नेपाल मे

इनरुवामे मैथिली सांस्कृतिक संध्या, गायक सन्नू कुमार केर धमाकेदार प्रस्तुति सँ झूमल दर्शक

इनरुवा, सुन्सरी, नेपाल। २६ नवम्बर, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! ‘युनाइटेड इनरुवा’ केर बैनर अन्तर्गत ‘सामा-चकेवा विशेष – मैथिली सांस्कृतिक संध्या’क आयोजन बीतल शुक्र दिन स्थानीय महेन्द्र चौक सँ सटल एकटा खुला चौरी मे कयल गेल। एहि अवसर पर टोल-टोल सँ थारू समुदाय सहित अन्य-अन्य सामा-चकेवा खेलेनिहाइर आम महिला समुदाय अपन-अपन पारम्परिक परिधान मे सैज-धैजकय सामा-चकेवाक सजल इनरुवामे मैथिली सांस्कृतिक संध्या, गायक सन्नू कुमार केर धमाकेदार प्रस्तुति सँ झूमल दर्शक

यैह खास बात मैथिली केँ चौजुगी जिया रहल अछि, सन्दर्भ राजविराज मे मिलाफक विद्यापति स्मृति

विशेष सम्पादकीय ‘कातिक धवल त्रयोदसी जान, विद्यापतिक आयु अवसान’ – एहि पाँति सँ निकलल अछि विद्यापति स्मृति दिवस यानि कार्तिक मासक शुक्ल पक्षक त्रयोदसी तिथि केँ महाकवि विद्यापतिक अवसान दिवस यानि पुण्य तिथि होयबाक मान्यता स्थापित अछि। एहि वर्ष २१ नवम्बर केँ विद्यापति स्मृति दिवस पड़ल। पूरे विश्व मे रहनिहार मैथिलीभाषी महाकविक पुण्य तिथि केँ यैह खास बात मैथिली केँ चौजुगी जिया रहल अछि, सन्दर्भ राजविराज मे मिलाफक विद्यापति स्मृति

दहेज प्रथा, बाल-विवाह तथा महिला हिंसा विरुद्ध जनचेतनाक प्रसार हेतु दुहबी मे विशाल जनसभा

दुहबी, सुनसरी, नेपाल। २५ नवम्बर, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! नेपालक सुनसरी जिलान्तर्गत दुहबी नगरपालिका मे काल्हि शनि दिन ‘अपन विराटगढ परोपकार समाज, विराटनगर’ द्वारा आयोजित दहेज प्रथा, बाल विवाह तथा महिला हिंसा विरुद्ध जनचेतना कार्यक्रम मे उपस्थित हजारों जनमानस द्वारा संकल्प लेल गेल। एहि अवसर पर प्रमुख अतिथि दुहबी नगरपालिकाक मेयर वेद गच्छदार द्वारा महिला समाज दहेज प्रथा, बाल-विवाह तथा महिला हिंसा विरुद्ध जनचेतनाक प्रसार हेतु दुहबी मे विशाल जनसभा

मानव शरीर केर ज्ञात-अज्ञात शक्ति तथा कुण्डलिनी शक्तिक आरम्भिक चर्चा: दर्शन एवं ज्ञान

स्वाध्याय आलेख कुण्डलिनी: एक परिचय   मनुष्यक भीतर कतेको प्रकारक शक्ति छुपल पड़ल अछि। बहुतो रास खोज कय लेल गेल अछि। बहुतो एखनहुँ धरि ताकले जेबाक क्रम मे अछि, आर बहुतो रास एहनो अछि जेकरा बारे हम सब जनिते नहि छी। शारीरिक शक्ति, बौद्धिक शक्ति, विचार शक्ति, इच्छा शक्ति, प्राणशक्ति, आत्मिक शक्ति, विश्लेषण शक्ति, स्मरण मानव शरीर केर ज्ञात-अज्ञात शक्ति तथा कुण्डलिनी शक्तिक आरम्भिक चर्चा: दर्शन एवं ज्ञान

मिथिलाक लोकपाबैन आ लोकजीवन मे समानताक अनुपम दृष्टान्त सामा-चकेवा पाबैन मे

सामा-चकेवाक विदाई करैत सब भावुक बनि गेल मिथिला मे   गाम-गाम केर दाय-माय लोकनि विगत १० दिन सँ सामा-चकेवा, सतभैयाँ, सुग्गा, मेना, तितिर, बटेर, कुकुर, चुगला, आर हरियर-हरियर मिथिला प्रदेश मे रहयवला विभिन्न चरा-चुरुंगीक मूर्ति बनाकय ‘सामा-चकेवा’ केर नैहर आगमन पर जे अलग-अलग एपिसोड यानि जेना माँ-पिताक घर मे विवाहित बेटी अपन पतिक संग अबैत मिथिलाक लोकपाबैन आ लोकजीवन मे समानताक अनुपम दृष्टान्त सामा-चकेवा पाबैन मे

मिथिलाक लोकपाबैन ‘सामा-चकेवा’ पर विराटनगर मे महोत्सव आइ

विराटनगर, २३ नवम्बर, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! सामा चकेवा महोत्सव विराटनगर मे आइ विराटनगर स्थित रानी-सिकियाही – नहर चौक (रवि हाट) पर आइ होयत भव्य सामा-चकेवा महोत्सव। ई जनतब आशा झा द्वारा भेटल अछि। विदित हो जे श्रीमती झा आइ निरन्तर कतेको वर्ष सँ विशाल महोत्सव केर रूप मे मिथिलाक लोकपाबैन सामा-चकेवा गाम-टोलक दाय-माय संग मिलिकय मिथिलाक लोकपाबैन ‘सामा-चकेवा’ पर विराटनगर मे महोत्सव आइ