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प्रवीण नारायण चौधरी

मठाधीशी मुट्ठी मे फकसियारी कटैत साहित्य अकादमी मे मैथिली

मठाधीशी मुट्ठी मे फकसियारी कटैत साहित्य अकादमी मे मैथिल किसलय कृष्ण छोट-छोट बात पर सोशल मिडियाइ संसार मे विरोधक बिगूल फूँकयवला मैथिल समाज आइ भारत सरकारक साहित्य अकादमी मे बैसल मठाधीश सभक द्वारा अनुवाद पुरस्कार संग भेल घृणित निर्णय पर चुप्पी किएक सधने छथि ? ई चुप्पी मैथिली साहित्यक विराट अस्तित्व आ स्तरीयताक लेल खतरनाक मठाधीशी मुट्ठी मे फकसियारी कटैत साहित्य अकादमी मे मैथिली

रामचरितमानस मोतीः विश्वामित्रक राजा दशरथ सँ राम-लक्ष्मण केँ माँगब आ ताड़का वध

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती विश्वामित्रक राजा दशरथ सँ राम-लक्ष्मण केँ माँगब आ ताड़का वध जे व्यापक, अकल (निरवयव), इच्छारहित, अजन्मा और निर्गुण छथि आ जिनकर न नाम छन्हि न रूप, वैह भगवान भक्त वास्ते नाना प्रकारक अनुपम (अलौकिक) चरित्र करैत छथि। ई सब चरित्र हम गाबिकय (बखान करैत) कहलहुँ अछि। आब आगूक रामचरितमानस मोतीः विश्वामित्रक राजा दशरथ सँ राम-लक्ष्मण केँ माँगब आ ताड़का वध

मनन करबा योग्य कथाः आचरणभ्रष्टता सँ पतन

स्वाध्याय – एक महत्वपूर्ण नैतिक कथा – मूल लेख कल्याण सँ संकलित, संकलन एवं मैथिली अनुवाद – प्रवीण नारायण चौधरी मनन करबा योग्यः आचरणभ्रष्टता सँ पतन ब्रह्मवैवर्तपुराण मे कथा अबैत छैक, एक बेर देवराज इन्द्र निर्जन वन मे, पक पुष्पोद्यान मे गेल रहथि। ओतय हुनका रम्भा नाम के एक अप्सरा भेट भेलखिन। तदनन्तर ओ दुनू मनन करबा योग्य कथाः आचरणभ्रष्टता सँ पतन

रामचरितमानस मोतीः श्री भगवान केर प्राकट्य व बाललीलाक आनन्द

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री भगवान्‌ केर प्राकट्य और बाललीलाक आनन्द १. योग, लग्न, ग्रह, दिन आ तिथि सब अनुकूल भ’ गेल। जड़ आ चेतन सब हर्ष सँ भरि गेल। कियैक त श्रीराम केर जन्म सुखक मूल थिक। पवित्र चैत के महीना छल, नवमी तिथि छल। शुक्ल पक्ष और भगवान के प्रिय रामचरितमानस मोतीः श्री भगवान केर प्राकट्य व बाललीलाक आनन्द

मैथिल जीन्स: अंतर्राष्ट्रीय गुणस्तर एकदम सस्ता दाम पर उपलब्ध अछि

मैथिल उद्योग-प्रतिष्ठान परिचय पसिन करू आ एकदम सस्ता दर पर कीनू अंतर्राष्ट्रीय स्तर के “मैथिल जीन्स” आब मिथिला सहित सगर भारत में उपलब्ध अछि। बहुत लगन आ समर्पण सँ शुरू कयलनि ई उद्यम, मैथिली मिथिला के विभिन्न आंदोलन सँ प्रेरणा पाबि मैथिल ब्रांड नाम मे विशाल रेंज में रेडीमेड जीन्स पैंट के काज शुरू कयल मैथिल जीन्स: अंतर्राष्ट्रीय गुणस्तर एकदम सस्ता दाम पर उपलब्ध अछि

हरेक मैथिलीभाषी लेल आत्ममंथनक आवश्यकता अछि

हम सब नेपाल मे दोसर दर्जाक नागरिक कोना? जाहि नेपालदेशक सर्वथा प्राचीन भाषा मैथिली रहल ताहि ठाम आइ मैथिलीभाषी दोसर दर्जाक नागरिक हेबाक दुर्दिन अवस्था मे संघर्ष कय रहल अछि। दुरावस्थाक यैह हाल छैक जे मैथिलीभाषी लोक नेपाली भाषा बजबाक आ लिखबाक भरपूर चेष्टा करैत अपना केँ क्षणिक एक नम्बर के नागरिक हेबाक अन्तरभान करय हरेक मैथिलीभाषी लेल आत्ममंथनक आवश्यकता अछि

मैथिली संग विभेद के विरोध मे संयुक्त संघर्ष

विराटनगर, ३१ जुलाई २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! ‘मातृभाषा संघर्ष समिति’ विराटनगर के आह्वान पर काल्हि ३० जुलाई २०२२ शनि दिन महेन्द्र मोरंग कैम्पस प्रांगण मे सरस्वती मन्दिर पर बैसार राखल गेल छल। वीरेन्द्र झाक संयोजन मे कार्यरत मातृभाषा संघर्ष समिति मैथिली सहित विभिन्न मातृभाषा केर संयोजक लोकनि संग सहकार्य करैत प्रदेश १ सरकार तथा स्थानीय मैथिली संग विभेद के विरोध मे संयुक्त संघर्ष

नेपालक प्रदेश 1 में मैथिली के उपेक्षा पर भारी विरोध

प्रदेश १ के एकल भाषा नीति मैथिली भाषाभाषी विभिन्न संस्था द्वारा विरोध प्रदर्शन मैथिली स्रष्टा लेल पृथक् सम्मान समारोह के आश्वासन विराटनगर मे पत्रकारिता के स्तर पर सवाल उठल अछि। प्रदेश १ सरकार के पर्यटन तथा संस्कृति मंत्रालय द्वारा २०७९ सालक चयनित स्रष्टा व नवोदित प्रतिभा केँ देल गेल सम्मानक सूची मे मैथिली भाषाक उपेक्षा नेपालक प्रदेश 1 में मैथिली के उपेक्षा पर भारी विरोध

जीवनक एक अति महत्वपूर्ण सूत्र केर व्याख्या

जीवनक ई सूत्र थिक   हमर एक प्रिय भजन अछि ‘सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम – यह नाम बनाया प्रथम पूज्य गणपति जी को पल मे’ – एहि मे भगवान सीताराम के महिमा गायन कुल चारि हरफ मे प्रस्तुत भेल अछि। अन्तिम हरफ मे कहलनि अछि गीतकार –   क्या कहे अनाड़ी ‘मोदलता’ इससे क्या होना जीवनक एक अति महत्वपूर्ण सूत्र केर व्याख्या

बेटी सभक शिक्षा प्रति उदार मैथिल – अनुदार परिवार मे बेटीक विदाई कदापि नहि करथि

बेटी आ बेटा लेल शिक्षाः बेटीक कन्यादान ओहने परिवार मे करू जे बेटी-बेटा प्रति समान सोच रखलनि अछि   युग ओ नहि रहि गेलैक जे बेटा उच्च शिक्षा ग्रहण करत आ बेटी पति-परिवार पर निर्भरता पाबि गृहिणी आ कुशल मातृत्व मात्र ग्रहण करत। हम ई कदापि नहि कहब जे अल्पशिक्षित महिला उच्चशिक्षित पुरुषक तुलना मे बेटी सभक शिक्षा प्रति उदार मैथिल – अनुदार परिवार मे बेटीक विदाई कदापि नहि करथि