श्रीमद्देवीभागवतसुभाषितसुधा – ज्ञान प्राप्तिक संछिप्त आ अत्यन्त महत्वपूर्ण आधार
श्रीमद्देवीभागवतसुभाषितसुधा येन केनाप्युपायेन कालातिवाहनं स्मृतम्। व्यसनैरिह मूर्खाणां बुधानां शास्त्रचिन्तनैः॥ जाहि कोनो प्रकार सँ समय त बीतिते रहैत छैक, मुदा मूर्खक समय व्यर्थ दुर्व्यसन मे बीतैत छैक आर विद्वान् केर समय शास्त्रचिन्तन मे जाइत छैक। (१/१/१२) मूर्खेण सह संयोगो विषादपि सुदुर्जरः। विज्ञेन सह संयोगः सुधारससमः स्मृतः॥ मूर्खक संग स्थापित कयल गेल सम्पर्क … श्रीमद्देवीभागवतसुभाषितसुधा – ज्ञान प्राप्तिक संछिप्त आ अत्यन्त महत्वपूर्ण आधार









