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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली मे विद्यालय स्तरीय वक्तृत्वकला प्रतियोगिताक आयोजन

लहान, दिसम्बर २९, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला स्टुडेन्ट यूनियन नेपाल द्वारा लहान मे विद्यालय स्तरीय वक्तृत्वकला प्रतियोगिताक आयोजन ‘एक डेग मिथिला विकासक लेल’ एहि नाराक संग नेपालक मिथिलाक्षेत्र मे कार्यरत छात्र संगठन ‘मिथिला स्टूडेण्ट यूनियन, नेपाल’ द्वारा २०७३ पुष १३ गते बुध दिन विद्यालय स्तरीय मैथिली भाषा मे वक्तृत्वकला कार्यक्रमक आयोजन कैल गेल अछि।   लहान स्थित मैथिली मे विद्यालय स्तरीय वक्तृत्वकला प्रतियोगिताक आयोजन

माँ मिथिलाक करुण पुकार

विचार – घनश्याम झा बहुत हर्षक गप्प अछि जे किछु राजनितिक हस्ती राखनिहार लोक मैथिली आ मिथिला केर विकासक हेतु सोच राखैत छथि । मुदा अहि सँ पहिलो कतेको व्यक्ति गाय रूपी माँ मिथिलाक नांगैर पकैर कऽ राजनितिक रूपी वैतरणी पार कयलथि । आ ताबैते ओ मिथिलाक विकासक बात कयलथि जाबैत धरि हुनका कोनो पद वा माँ मिथिलाक करुण पुकार

मिथिला सांस्कृतिक परिषद् हैदराबाद द्वारा राम चैतन्य धीरज सम्मानित

हैदराबाद, दिसम्बर २६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला सांस्कृतिक परिषद, हैदराबादक वार्षिकोत्सव रूप मे ‘विद्यापति पर्व समारोह’ काल्हि २५ दिसम्बर रवि दिन आर. टी. सी. कलाभवन मे मनाओल जेबाक समाचार अछि । एहि अवसर पर मैथिली प्रश्नमंचक आयोजनक संगहि मैथिली साहित्यकार श्री राम चैतन्य धीरज केँ एहि वर्षक “तिरहुत साहित्य सम्मान ” प्रदान कएल गेलनि – ई मिथिला सांस्कृतिक परिषद् हैदराबाद द्वारा राम चैतन्य धीरज सम्मानित

मिथिला सांस्कृतिक परिषद् विशाखापटनम द्वारा मैथिली सम्मेलन

विशाखापटनम, दिसम्बर २५, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ दिनांक २५ दिसम्बर, मिथिला साँस्कृतिक परिषद् विशाखापत्तनम् केर तत्वावधान में मैथिली सम्मेलन केर आयोजन कएल गेल जाहि में शहर केर विभिन्न क्षेत्र सं करीब १५०० मैथिलगण भाग लेलनि । स्थानीय विधायक श्री पल्ला श्रीनिवास द्वारा दीप प्रज्वलन एवं महाकवि विद्यापति केँ श्रद्धा-पुष्प अर्पित केलाक बाद मिथिलाक प्रसिद्ध भगवती मिथिला सांस्कृतिक परिषद् विशाखापटनम द्वारा मैथिली सम्मेलन

मिथिला एकता समाज सउदी अरब द्वारा अनाथाश्रम केँ सहयोग

रियाध (सउदी अरब) – २८ दिसम्बर, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद! सेवे करब धर्म थीक ‍‍- एहि उक्ति पर निरंतर चलैत आबि रहल ‘मिथिला एकता समाज, सउदी अरब’ ऐगला चरण मे बाल अनाथ आश्रम मे आर्थिक सहयोग प्रदान केलक अछि। मिथिला एकता समाज सउदी अरब द्वारा जनकपुर उपमहानगरपालिका वार्ड न. ८ ज्ञानकुम्भ रत्नसागर स्थित श्री कबिर सदगुरु बाल मिथिला एकता समाज सउदी अरब द्वारा अनाथाश्रम केँ सहयोग

मिथिलाक आर्थिक इतिहासः ६०० ई.पू. सँ १०९७ ई. धरि (पोथी)

साभारः मिथिला टाइम्स (मूल पोस्ट अंग्रेजी) – Sarojanand Jha The present work is an attempt at depicting the economic fabric of Mithila from 600 B.C. to 1097 A.D. The country of Mithila during this period was bounded on the north by the Himalaya, on the south the Ganga, on the east the Kosi, and on मिथिलाक आर्थिक इतिहासः ६०० ई.पू. सँ १०९७ ई. धरि (पोथी)

तहिया, आइ आ काल्हिः प्राण हमर मिथिला

एक विचार २५ दिसम्बर २०१३ केर…. मिथिला एक अकाट्य संस्कृति थिकैक – पूर्ण सभ्यता थिकैक। वैश्विक मानव समाजकेँ ठाड्ह करऽमे एक महत्त्वपूर्ण भूमिका सनातनकाल सँ आइ धरि निर्वाह कय रहल छैक। मैथिल कतहु छथि तँ अपना बौद्धिकता आ सहिष्णुता सँ सबहक दिल जीतने छथि। विदेही गुणसँ हुनका मान-अपमान बेसी समानेरूपमे बुझाइत छन्हि। जखन सहनशक्ति जबाब तहिया, आइ आ काल्हिः प्राण हमर मिथिला

जातिगत विषमता, मिथिला आ समाधानक उपाय

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी काल्हि एक सज्जन मित्र/भाइ विकास समाजसेवी कोनो मुद्दा पर चर्चा मे सहभागिता दैत एक नव विन्दु “जातिगत विषमता” सनक विषय प्रवेश करौलनि हमरा मस्तिष्क मे…. हुनका सँ पूछला पर बात एम्हर-ओम्हर तऽ कहला मुदा सही-सही ढंग सँ हम नहि बुझि सकलहुँ। आर तेकर बाद सँ एहि विषय पर अध्ययन गुगल जातिगत विषमता, मिथिला आ समाधानक उपाय

मिथिलाक अर्थशास्त्र पर किछु सार्थक विचार (हिन्दी)

वरिष्ठ संचारकर्मी अनुरंजन झा द्वारा मिथिलाक अर्थशास्त्रपर राय मांगल गेल अछि, एहि सन्दर्भ मे देल गेल जबाब निम्न अछि। अनुरंजन भैया को प्रणाम है! बहुत ही सार्थक सवाल करके सभी मिथिला राज्य समर्थकों को आपने सोचने के लिये एक राह दिया। जरुरत है कि हम ऐसे बहस को इलेक्ट्रानिक मीडिया पटल पर भी स्थान दें। मिथिलाक अर्थशास्त्र पर किछु सार्थक विचार (हिन्दी)

मुद्दा एक मुदा प्रयास अनेकः मिरानिसे दृष्टि

सम-सामयिक चिन्तन भूमिकाः जनकक मिथिला आइ भले भूगोल मे नहि, दुइ देश बीच बँटायल अवस्था मे हो, राज्यक रूप मे स्थापित करबाक हल्ला-गुल्ला सेहो चलि रहल हो… सोसल मीडिया सँ लैत धरातल पर अक्सरहाँ देखय लेल भेटैछ जे मिथिला राज्य, मिथिलाक विकास, सांस्कृतिक-ऐतिहासिक पहिचानक संरक्षण, भाषा-लिपि आ साहित्यिक विकास आदिक प्रश्नपर लगभग हरेक प्रबुद्धजन चिन्तन मुद्दा एक मुदा प्रयास अनेकः मिरानिसे दृष्टि