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प्रवीण नारायण चौधरी

जागू मिथिलावासी, दूर करू दहेजः माधव राय

नवी मुम्बई, जनवरी ९, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि रवि दिन ८ तारीख मैथिली दिवस तथा नवी मुम्बई मैथिल समाजक स्थापना दिवसपर आयोजित विद्यापति स्मृति पर्व समारोह मे अपार जनसमूहक सहभागिता देखल गेल। जाहि मेहनत आ लगन सँ रवि कुमार मण्डल केर नेतृत्व मे ई समारोह आइ कतेको वर्ष सँ कैल जाएत आबि रहल अछि ताहि जागू मिथिलावासी, दूर करू दहेजः माधव राय

भाइ रे! पैघ बने लेकिन पैघत्वक अर्थ बुझे!!

विचार– प्रवीण नारायण चौधरी भाइ रे! हम बहुत रास पैघ लोक केँ देखलियैक, ओकर पैघत्व निर्वाह करबाक तरीका केँ देखलियैक, दोसर कियो पैघ मानलक आ कि नहि मानलक, अपना केँ पैघ मानैत हम सच्चे बहुतो केँ देखलियैक।   भाइ रे! शाश्वत सत्य यैह छौक जे पैघ लोक अपना मानि लेला सऽ नहि बनैत छैक। पैघ भाइ रे! पैघ बने लेकिन पैघत्वक अर्थ बुझे!!

नारीक समर्पण

समर्पण – डॅा प्रतिभा “उन्मेषा”⁠⁠⁠⁠ नारीक जीवन अछि समर्पण नारीक कर्म समर्पित जीवन। छथि उदाहरण प्रवल एहि बातक सीता भटकथि पति संग वन-वन।। राजाक पुत्री भए बनवासी भेली संसारक सुख केलनि समर्पण। पतिक वास्ते अग्नि परीक्षा दय केलनि स्वयंके माँ धरतीके अर्पण।। धर्म सदैव रहलनि संग हुनकर मातु-पिताके मानके ओ रखलनि सदिखन कर्म मे लागल रहली नारीक समर्पण

बीरगंज मे फेरो बहल मैथिलीक गंगाः मिथिलाक अनुपम डेग

८ जनबरी, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! ‘मिथिलाक अनुपम डेग’ द्वारा बीरगंज मे बहुतो वर्ष सँ रुकल मैथिली भाषा-साहित्यक गतिविधि केँ फेर सँ नव गतिशीलता देबाक प्रयास आरम्भ कैल गेल अछि। काल्हि शनि दिन २३ गते – यानि – ७ जनवरी भिस्वा बौद्ध गुम्बा मे मैथिली कवि गोष्ठीक आयोजन कैल गेल जाहि मे दर्जनों कवि लोकनि बहुत बीरगंज मे फेरो बहल मैथिलीक गंगाः मिथिलाक अनुपम डेग

मिथिला गृह उद्योगक सफल परिकल्पना आ सफल कारोबार

साक्षात्कार जखन मिथिलाक वर्तमान आर्थिक परिदृश्यक चर्चा होएत अछि तऽ लोक एहि ठामक विपन्नता सँ चिन्तित बाढि आ सुखाड़क झमार आ लोकपलायनक अवस्था देखि एकदम हतोत्साहित भऽ जाएत छथि। यथार्थ अवस्था त यैह छैक जे घर-घर सँ लोक जँ रोजगार लेल बाहर नहि गेल तऽ ओकर दिन-दशा मे उल्लेखणीय सुधार नहि अबैत छैक। तैँ एकटा मिथिला गृह उद्योगक सफल परिकल्पना आ सफल कारोबार

मैथिली दिवस – ८ जनवरी कियैक आर कोना

दिवस विशेष आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी करोड़ों मैथिलीभाषी लेल आजुक दिन विशिष्ट एहि वास्ते अछि जे औझके दिन भारतीय संविधानक ८म् अनुसूची मे मैथिली भाषा केँ शामिल करबाक घोषणा भारतीय राज-पत्र (गजेट) मे प्रकाशित कैल गेल। आउ, पूरा प्रक्रिया पर एक दृष्टि दी। संविधान मे मैथिली भारतीय संविधानक ९२वाँ संशोधन जेकरा ‘संविधान (९२वाँ संशोधन) मैथिली दिवस – ८ जनवरी कियैक आर कोना

मैयाजीक प्रातःकाल सुमिरनः कुर्सों दुर्गास्थानक स्मृति मे

देवी दर्शन जगज्जननी माँ दुर्गा भवानी – कुर्सों – दुर्गास्थानक गहिंर स्मृति जे बाल्यकाल सँ आइ धरि बनल अछि, सदिखन प्रेरित करैत भवानीक चरणक कृपापात्र बनौने अछि – मैयाजी केर दर्शन सँ गद्गद् हृदय निम्न सुमिरण करैत पाठकवृन्द लेल सेहो मैथिली जिन्दाबाद पर राखि रहल अछि। सुमिरन जीवन के भोरे मैया, तोहरे चरण मे हे मैयाजीक प्रातःकाल सुमिरनः कुर्सों दुर्गास्थानक स्मृति मे

मैथिली फिल्म उद्योग आर हितरक्षा लेल संगठनक जरुरत

सर्वेक्षण वर्ष २०१७ केँ मैथिली फिल्म लेल क्रान्तिक वर्ष सिद्ध करबाक लेल आरम्भिक दौड़ मे किछु महत्वपूर्ण सवाल पर आम राय केर संकलन आवश्यक अछि। ताहि लेल मैथिली जिन्दाबाद मार्फत अपने पाठक व विज्ञजन सभक राय समेटबाक लेल ई सर्वेक्षण राखल जा रहल अछि। पढला उपरान्त अपन विचार राखी से अनुरोध अछि। भूमिकाः भारत आ मैथिली फिल्म उद्योग आर हितरक्षा लेल संगठनक जरुरत

घनश्यामक प्रेम गीत

।। प्रेम गीत ।। – घनश्याम झा, राघोपुर, मनीगाछी, दरभंगा प्रेमक डोरि सँ बान्हि गैलौक, कि कहु हमहु किछु पावि गेलौक । प्रिय केर मधुर मुस्कान मोहि लेलक , ह्रदय  केर विभोर कय झुमा देलक । गुलाबक पंखुरि सनक ठोर आहाँ केर , शावक मृग सनऽक नयन अछि । कोयलि सनक मिठगर बोली , बजतैह घनश्यामक प्रेम गीत

मिथिला-मैथिली प्रति सब सँ पैघ भ्रमक स्थिति

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी सन्दर्भः मिथिला राज्य मे ब्राह्मणक वर्चस्व बढबाक मनगढंत ख्याल मादे अपन मिथिलाक किछु युवा केँ देखैत छी त आशा बढैत अछि, मुदा फेर ओकर अयोग्य आ क्षुद्र टिप्पणी देखि मोन दुखित होएत अछि। जाति-पाति केर सीमा मे एखनहु ई सब बन्हायल अछि, एकरा सभक बौद्धिक सामर्थ्य ताहि लेल एखनहु चाकरी मिथिला-मैथिली प्रति सब सँ पैघ भ्रमक स्थिति