मिथिलाञ्चलमे मकर संक्रान्तिक धूम, माघ १ गते विशेष स्नान

सुजीत कुमार झा, जनकपुरधाम। जनवरी १०, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! सीतामढ़ीबाली आई काल्हि बहुत व्यस्त छथि । बजारसँ तिल, चुरा, मुरही आ गुड़ अनलीह अछि ।...

सीताजी केर विदाई पर गीतकार शिव कुमार झा ‘टिल्लू’

उदासी ! ( विवाह पंचमी विशेष ) - शिव कुमार झा टिल्लू   शुचिताके' धीया हम्मर सीता मैथिली हरिप्रीता ! आहे मैथिली हरिप्रीता हम्मर नलिनी हरिप्रीता नवरचना त्याग धर्मके'...

चौमासाक अन्तिम मास – कार्तिक मासः भजू मन सीताराम

स्वाध्यायः धर्म-दर्शन - प्रवीण नारायण चौधरी हिन्दू धर्म ओ परंपरानुसार हरेक वर्ष साओन मास केर हरिशयनी एकादसी उपरान्त आरम्भ चौमासा कार्तिक मास मे देवउठाउन एकादसी दिन...

भरदुतियाः गंगा नोतय छथि जमुना केँ हम नोतय छी भाइ केँ

लेख साभारः व्हाट्सअप - लेखक केर नाम अज्ञात भाई-बहिनक स्नेह, प्रेम ,सुभाशीष और मधुरता से भरल ई महान पर्व थिक भरदुतिया । एहि वर्ष 01 नवम्बर...

दियाबाती आ लक्ष्मी पूजा पद्धति

संस्कृतिः दियाबाती आ महालक्ष्मी पूजा पद्धति महालक्ष्मी पूजाक संछिप्त विधि सहित दीपावली पाबैन यानि कार्तिक कृष्ण अमावस्याक दिन - भगवती श्रीमहालक्ष्मी आ भगवान् गणेशक नवीन प्रतिमाक प्रतिष्ठापूर्वक...

शंकराचार्य विरचित माँ जगदम्बाक क्षमास्तोत्रः अत्यंत मननीय

भक्ति आराधनाः नवरात्रि विशेष - प्रवीण नारायण चौधरी आउ बंधुगण! आइ माँके शरणमें क्षमास्तोत्र के स्तुति करी। शंकराचार्य द्वारा रचित इ सुन्दर स्तोत्रकेँ हम सभ नित्य-प्रतिदिन...

भक्तिभावपूर्ण रचना पठाउः नवरात्रा विशेष

विशेषांकः दुर्गा पूजाक अवसर पर मैथिली कवि लोकनिक भक्तिभावपूर्ण रचनाक संकलन मिथिला केँ शक्तिपीठ बहुतो कारण सँ मानल जाएछ। स्वयं जगज्जननी जगदम्बा महालक्ष्मी 'सीता' केर...

जितिया पाबैन केर व्रत कथा

जितिया पावनि साभारः नेट सँ दहेज मुक्त मिथिला पर संरक्षित डोकुमेन्ट सँ जितिया पावनि के व्रत आशिन कृष्ण पक्ष अष्टमी कऽ हो‌इत अछि । व्रत केनिहारि...

चौरचन मे छाँछीक सोन्हगर दही पर टकध्यान रहैछ

हरिशंकर तिवारी, सहयोगी संपादक, मैथिली जिन्दाबाद पाक्षिक (दिल्ली) सितम्बर ४, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! चौरचन, चौठी चान, चौठचंदा आदिक नाम सँ प्रसिद्ध अइ पावनि मे अरिपन बनाओल...

चौरचन आ तीज संग-संगः तीजक महत्ता नेपाल मे खास

अजय मिश्र मैथिल, मैनाकड़री, सप्तरी। सितम्बर ४, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ मिथिलावासी सब धुमधाम सँ चौरचन मना रहल अछि, संगहि आइ तीज पाबैन सेहो थीक।...