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प्रवीण नारायण चौधरी

दरभंगाक बलिगांव मे जमीन खुदाई केर क्रम मे भेटल पुरातात्विक महत्वक दुर्गा प्रतिमा

समाचार साभारः मुरारी कुमार झा द्वारा फेसबुक पर अपडेट कयल जनतब अनुरूप मुरारी कुमार झा फेसबुक मार्फत जानकारी देलनि अछि जे दरभंगा जिलाक बहेरी प्रखंड अन्तर्गत बलिगाँव मे अप्रैल ४ तारीख ग्रामीण हरेराम यादवक जमीन मे भवन निर्माणकार्य लेल खुदाई केर क्रम मे पुरातात्विक महत्वक एक दुर्गा प्रतिमा प्राप्त भेल, संगहि पुरातात्विक सर्वेक्षण सँ जुड़ल दरभंगाक बलिगांव मे जमीन खुदाई केर क्रम मे भेटल पुरातात्विक महत्वक दुर्गा प्रतिमा

द्वादश ज्योतिर्लिंग मल्लिकार्जुन तथा महाकालेश्वरक वर्णन तथा महिमा

आध्यात्म – प्रवीण नारायण चौधरी द्वादश ज्योतिर्लिंगः मल्लिकार्जुन व महाकाल नामक ज्योतिर्लिंग केर आविर्भावक कथा तथा हुनक महिमा (शिव-पुराण मे वर्णित)   सूतजी कहैत छथि – महर्षिगण! आब हम मल्लिकार्जुनक प्रादुर्भावक प्रसङ्ग सुनबैत छी, जे सुनिकय बुद्धिमान् पुरुष सब पाप सँ मुक्त भऽ जाइत अछि। जखन महाबली तारकाशत्रु शिवापुत्र कुमार कार्तिकेय समूचा पृथ्वीक परिक्रमा कय द्वादश ज्योतिर्लिंग मल्लिकार्जुन तथा महाकालेश्वरक वर्णन तथा महिमा

मिथिला राज्य पुनर्गठन लेल आन्दोलन होयत तेजः डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू, दरभंगा मे काल्हि धरना

आशीष कुमार चौधरी, दरभंगा। अप्रैल ५, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति द्वारा दरभंगा मे आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स मे केन्द्र तथा राज्यक ध्यान मिथिला क्षेत्रक उपेक्षा पर आकृष्ट करैत राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’ द्वारा पुनः मिथिला राज्य पुनर्गठन केर मांग कयल गेल अछि। डा. बैजू प्रेस प्रतिनिधि सँ बात मिथिला राज्य पुनर्गठन लेल आन्दोलन होयत तेजः डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू, दरभंगा मे काल्हि धरना

जबरदस्ती मैथिलीकरण सँ नीक सृजनकार्य सँ मैथिलीक सब बोलीक मानवर्धन आवश्यक अछि

हमरा हिसाबे…. (सन्दर्भः मैथिलीक बोली बज्जिका, अंगिका आदि केँ भाषा मानबाक मादे)   भाषा मैथिली आ संस्कृति मिथिला – से हमर थिक। हमरा पड़ोस मे रहनिहार कतेको लोक केँ दाँत खिसोरिकय मंच आदि पर खुलेआम बजैत देखैत छी जे मैथिली बाजय मे दिक्कत होएत अछि, बाजय नहि अबैत अछि, ओकर भाषा मैथिलेतर थिक…. कियो ठेंठी, जबरदस्ती मैथिलीकरण सँ नीक सृजनकार्य सँ मैथिलीक सब बोलीक मानवर्धन आवश्यक अछि

सर्वेक्षण

सर्वेक्षण   (योग्य आ कुशल सहभागी लेल मात्र)   १. अहाँक मूल निवास स्थल केर नाम जिला सहित कि?   २. अहाँक गाम/शहर केर जनसंख्या कतेक?   ३. पुरुष तथा स्त्रीक जनसंख्याक अनुपात कि अछि?   ४. बाल-बालिकाक जनसंख्या कतेक?   ५. स्वच्छता आ पर्यावरणक स्थिति केहेन?   ६. जन्म आ मृत्यु दर तथा स्वास्थ्यक सर्वेक्षण

द्वादश ज्योर्लिंग केर अर्चा विग्रहः सोमनाथ महादेव केर पूर्ण परिचय

द्वादश ज्योतिर्लिंग केर अर्चा-विग्रह   एहि विश्वमे जे किछु दृश्य देखल जाएछ तथा जेकर वर्णन एवं स्मरण कयल जाएछ, ओ सबटा भगवान् शिव मात्र केर रूप थिक। करुणासिन्धु अपन आराधक, भक्त तथा श्रद्धास्पद साधक व प्राणिमात्र केर कल्याणक कामना सँ हुनका सभपर अनुग्रह करैत स्थल-स्थलपर अपन विभिन्न स्वरूप मे स्थित अछि। जतय-जतय जखन-जखन भक्त लोकनि द्वादश ज्योर्लिंग केर अर्चा विग्रहः सोमनाथ महादेव केर पूर्ण परिचय

मैथिली फिल्म केर स्टार चेहरा छथि अभिराज झा

कुमार विकास, मंगोलपुरी, दिल्ली। अप्रैल ४, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली फिल्म केेर सुवर्णमयी इतिहास मे एकटा अविस्मरणीय नाम अछि “सस्ता जिनगी महग सेनुर”। ई सुपर हिट फिल्म मैथिली फिल्म केँ नया ऊँचाई देबाक बात विश्लेषक सब त कहिते छथि, गामहु-घर केर लोक एहि फिल्म केँ आइ धरि नहि बिसैर सकल अछि। फिल्म केँ लोकप्रियता दियेनिहार मैथिली फिल्म केर स्टार चेहरा छथि अभिराज झा

मैथिलीपुत्र प्रदीप केँ समर्पित रचनाः कवि मणिकान्त झा

समर्पण – मणिकान्त झा हे मैथिली पुत्र प्रदीप धन्य धरा कथवार गामकेँ सगरि राति जडै़ यअ दीप कोनाक मैथिल बिसरि सकताह हे मैथिली पुत्र अहॉकेँ प्रदीप ॥१॥ साल छत्तीसम शतक उन्नैसम दू अप्रिल पावन जन्म दिन फागुन कृष्ण पंचमी बुध केर प्रभु नारायण भक्ति मे लीन ॥२॥ सेवी सदिखन मॉ मिथिले केर भाषा भक्ति केर मैथिलीपुत्र प्रदीप केँ समर्पित रचनाः कवि मणिकान्त झा

मैथिली गीतः जनकपुर घुमेबौ काठमांडू घुमेबौ

गीत – प्रवीण नारायण चौधरी जनकपुर घुमेबौ काठमांडू घुमेबौ घुमेबौ हम सारा जहान गै घुमऽवाली घुमि-घुमि न लागौ घुरमा   गोरी तोहर बड़ घूमय के इच्छा एतबा नहि ले तूँ हमरो परीक्षा चल चल घूमय जहान गै घुमऽवाली घुमि घुमि न लागौ घुरमा….   विराटनगर बस नामहि के बड़का एतय न भेटय धूम कि धड़क्का मैथिली गीतः जनकपुर घुमेबौ काठमांडू घुमेबौ

‘तस्मात-शास्त्रं प्रमाणन्ते’ – पंडित रुद्रधर झा केर मूल्यवान् विचार

दर्शन-विचार – स्व. पंडित रुद्रधर झा (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) नव्य न्याय केर परम ज्ञाता पंडित रुद्रधर झा केर लिखल एकटा अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरीः ‘तस्मात्-शास्त्रं प्रमाणन्ते’ प्रश्नः शास्त्रक आवश्यकता कियैक? उत्तरः जेना कोनो सम्राट् या राजा या जनताक द्वारा निर्वाचित या ओकर प्रतिनिधिक द्वारा चुनल गेल राष्ट्रपति केर अपन साम्राज्य या राज्य या जनतन्त्र या ‘तस्मात-शास्त्रं प्रमाणन्ते’ – पंडित रुद्रधर झा केर मूल्यवान् विचार