मिथिला राज्य पुनर्गठन लेल आन्दोलन होयत तेजः डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू, दरभंगा मे काल्हि धरना

मिथिला राज्य लेल आन्दोलन तेज करबाक घोषणा

आशीष कुमार चौधरी, दरभंगा। अप्रैल ५, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति द्वारा दरभंगा मे आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स मे केन्द्र तथा राज्यक ध्यान मिथिला क्षेत्रक उपेक्षा पर आकृष्ट करैत राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’ द्वारा पुनः मिथिला राज्य पुनर्गठन केर मांग कयल गेल अछि।

डा. बैजू प्रेस प्रतिनिधि सँ बात करैत कहलनि जे स्वतंत्रता प्राप्तिक बादे सँ मिथिला अनेकों उपेक्षाक दंश झेल रहल अछि। ई क्रम एखनहुँ ७ दशक बितलाक बाद धरि जारी रहब एहि क्षेत्रक जनता लेल अभिशाप सिद्ध भऽ रहल अछि। केन्द्र आ राज्य सरकार मिथिलाक चिन्ता नहि कय रहल अछि जेकर परिणाम एतुका लोक तथा संस्कृति सब किछु दरिद्रताक खाधिमें खसल जा रहल अछि। अपन सांस्कृतिक संपन्नता लेल संसार भरि में विख्यात मिथिला आर्थिक दृष्टिसँ प्रतिदिन निर्धनता दिस डेग बढेबा लेल विवश अछि। कहियो एहि ठाम गाम-गाम में शिक्षाक केंद्र छल, परंतु आइ एतुका लोक शिक्षा ग्रहण करय वास्ते दोसर राज्य आ देश जेबाक लेल बाध्य भऽ गेल अछि। बाढिक विभीषिकासँ जहिना पूर्वज-पुरूखा लोकनि त्रस्त रहला, वैह भयावहताक शिकार हमरा लोकनि एखन धरि भऽ रहल छी, एकर झमार आब आगाँक पीढी केँ सेहो अपन घर-आंगन छोड़य लेल बाध्य कय देलक अछि। बाढिक निदानक भरोसा दय मिथिलावासी केँ सब दिनसँ ठकल जाइत रहल अछि, आइयो यैह भऽ रहल अछि।

एहि अवसर जारी प्रेस वक्तव्य मे सेहो एहि बात केँ जोर-शोर सँ उठबैत डा. बैजू कहलनि अछि जे प्राकृतिक विपदा सेहो एतुका समृद्धिक घोर दुश्मन बनिकय विगत कतेको दशक सँ एतुका जनता केँ त्राहिमाम् आ लोकपलायन लेल बाध्य कय देने अछि। जहिया बाढि नहि आबैत अछि तहिया रौदीक प्रहार होइत अछि, मुदा रौदी-दाहीसँ काहि कटि रहल मिथिलाक नोर पोछनिहार क्यौ नहि अछि। खेती चौपट भ गेल अछि तैँ मिथिलाक कृषि मजदूर पलायन लेल विवश छथि। रोजगारक अभाव चीनी मील, पेपर मील, जूट मिल आदिक एहि ठाम कबरगाह मात्र भेटैत अछि आब। मिथिलाक प्रतिभा रोजी रोटी लेल आन आन प्रदेश में बोनि कय रहल अछि। बिजलीक लेल एखनो कतेको गाम-टोल तरसि रहल अछि। भाषा साहित्यक विकास संरक्षणक अभाव में प्रभावित अछि। स्थिति एहेन अछि जे ई कहय मे कोनो हर्ज नहि कि मैथिलीक प्रति सरकारी स्तर पर सुनियोजित षड्यंत्र चलि रहल अछि। ऐतिहासिक पुरातात्विक ओ धार्मिक स्थल पर्यटन केंद्रक अहर्ता रखितो एहि मान्यता एवं पर्यटनक दृष्टिसँ अपेक्षित विकास लेल लालायित अछि। सरकारक नजरि में जेना मिथिला क्षेत्र ओकर अंगे नहि हो।

वर्तमान केंद्र आ राज्य सरकार गठन मे मिथिलाक लोकक पैघ अवदान रहैत अछि, तैयो राजनीतिक दृष्टिसँ एतुका जनता केँ  पूर्णतः किनारा -कतिया देल गेल अछि। अष्टम अनुसूची में सम्मिलित बिहारक एक मात्र भाषा मैथिलीक प्रगति में बाधा उत्पन्न कयल जा रहल अछि। मैथिली केँ प्राथमिक शिक्षाक माध्यम बनेबाक न्यायादेश पर्यंतक चिंता नहि कयल जा रहल अछि। मैथिलीक शिक्षक केर बहाली नहि कयल जा रहल अछि। एहि समस्त भावना केँ रखैत डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू केर नेतृत्व मे संचालित अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति द्वारा पुनः सब समस्याक एकमात्र निदान मिथिला राज्य पुनर्गठन केर आवश्यकता पर बल देलनि।

मिथिला अनादि काल सँ अपना स्वतंत्र परिचय रखैत आयल अछि। अतीत में मिथिलाक अपना स्वाधीन सत्ता छल। वर्तमान समय में मिथिलाक समग्र विकास लेल पृथक मिथिला राज्य आवश्यके नहि अपितु अनिवार्य अछि। समिति एहि लेल संघर्षशील अछि। मिथिलाक सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक, साहित्यिक भाषा आदि क्षेत्र में समग्र विकास लेल मिथिलासँ लैत देशक राजधानी स्थित संसद धरि समितिक आंदोलन चलि रहल अछि आ पृथक मिथिला राज्यक गठन धरि ई अभियान अनवरत चलैत रहत। डा. बैजू स्पष्ट मांग रखैत अपन अभियानक जानकारी करौलन्हि। ओ कहलनि जे एहि क्रम मे १५ दिसंबर २०१८ केँ संसदक समक्ष विशाल धरना प्रदर्शन निर्धारित अछि। एहिमेँ मिथिलाक विभिन्न जिलाक संग प्रवासी मैथिल लोकनि सेहो भाग लेता। समिति सभ मिथिलावासी, मिथिला मैथिली सेवी संस्था, मिथिलाक सभ दलक राजनेता, सामाजिक संगठन आदि सँ आह्वान करैत अछि जे प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में सहभागी भऽ अपन राज्य स्थापित करबा लेल एकजुट होएथ।

राज्य सरकारसँ दरभंगा में उच्च न्यायालयक खंड पीठ स्थापित करबाक लेल निरंतर आग्रह कयल जा रहल अछि लेकिन सरकार एहि मांग पर पर्यन्त कान नहि दय रहल यऽ। समिति द्वारा केंद्र आ राज्य सरकारसँ आग्रह कयल जा रहल अछि जे मिथिलावासीक धैर्यक परीक्षा लेब छोड़ि अविलंब निम्नलिखित मांग पूरा करथि :-

१. मिथिलाक समग्र विकास लेल अविलंब पृथक मिथिला राज्यक गठन हो।

२. केंद्र और राज्य सरकारक सभ कार्यालय में मैथिली अनुवादक बहाल कयल जाय।

३. मैथिली में प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य कयल जाय।

४. मिथिलाक सभ रेलवे टीसन पर मिथिलाक्षर में बोर्ड टांगल जाय आ मैथिली में उद्घोषणा कयल जाय।

५. दरभंगा में हाईकोर्ट बेंच स्थापित कयल जाय।

६. बाढ़ि आ रौदीक स्थाई निदान हो।

७. बन्न चीनी मिल, जूट मिल, कागत मिल आदिकेँ चालू करबाक संग नव उद्योगक स्थापना कय रोजगारक अवसर ठाढ कयल जाय।

८. मिथिलाकेँ शिक्षाक केंद्र बना छात्रक संग गरीब मिथिलावासीक पूँजी पलायन रोकल जाय।

९. आकाशवाणी दरभंगासँ समस्त प्रसारण मैथिली में हो ।

१०. मिथिला क्षेत्र में दूरदर्शन प्रसारण लेल डीडी मैथिली केर स्थापना कयल जाय।

११. आकाशवाणी दरभंगा में समाचार एकांश स्थापित क प्रादेशिक समाचारक संग मैथिली में समाचारक प्रसारण सुनिश्चित कयल जाय।

एहि समस्त मांग सहितक मांगपत्र अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समितिक तरफ सँ बेर-बेर सरकारक सोझाँ राखल गेल अछि, आगामी समय मे आंदोलनकेँ आरो धरगर बनायल जायत। समिति अपना परम लक्ष्य पृथक मिथिला राज्य गठन आ मिथिलाक सर्वांगीण विकास लेल संकल्पित अछि। एहि लेल जनजागरण काल्हि आनंदपुर सहोड़ा सँ शुरू कैल जायत तथा एहि सन्दर्भ मे ११ तारीख केँ दरभंगा कमिश्नरी पर धरना सेहो देल जायत। ‍डा. बैजू प्रेस वार्ता मे जानकारी करौलनि।