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प्रवीण नारायण चौधरी

विधक विधान तक बदैल देबाक सामर्थ्य होएत छैक ‘अतिथि सत्कार’ सँ अर्जित पुरुषार्थ मे

आध्यात्मिक कथा – प्रवीण नारायण चौधरी लिखल नहियो रहैत छैक तैयो भेटैत छैक….. जी! एक बेर नारदजी पृथ्वीलोक भ्रमण करय लेल एलाह। भैर दिन घुमघाम केलाक बाद, कहू न, अपनहि मिथिलाक एकटा सुन्दर गाम पहुँचि गेलाह।   इच्छा भेलन्हि जे भगवान् राम कहियो मिथिलाक पहुनाई केर चर्चा करथि से कनेक अपनो एक दिन पहुनाइ कइये विधक विधान तक बदैल देबाक सामर्थ्य होएत छैक ‘अतिथि सत्कार’ सँ अर्जित पुरुषार्थ मे

माछ सँ प्रेमक एक अनुपम कथा

प्रसंग चर्चा – मिथिलांग आ माछ – प्रवीण नारायण चौधरी शुभे हो शुभे – माछ सँ प्रेम अपन मिथिलाक विधान केँ यदाकदा अपनहि लोक बड़ा कठिनाह, बोरिंग आ अतिपरंपरावादी, पाखंडी आदि कहैत छैक – नामहि राखि देने छैक ‘मिथिलांग’। बेर-कुबेर कहैत भेटा जायत “बेसी मिथिलांग मे नहि पड़ू’। त कि थिकैक ई मिथिलांग? कतहु यात्रा माछ सँ प्रेमक एक अनुपम कथा

नेपाल मे आर्थिक वर्ष २०७५-७६ केर नीति तथा कार्यक्रमक घोषणा मे मिथिला-मधेस लेल कि?

विचार – कौशल गोपालवंशी २०७५/७६ केर नीति तथा कार्यक्रम केँ देखैत त हमरा एहेन लगैत अछि जे नेपाल मे कोनो तरहक राजनीतिक तथा भौगोलिक समस्ये नहि छैक, मात्र आर्थिक क्रान्तिक जरुरी छैक तेहेन लगैत अछि। आर, नेपालमे सब ठाम एक-समान विकास चाही रहल अछि, कियैक तँ कोनो पिछड़ल क्षेत्रक लेल कतहु विशेष आर्थिक पैकेज घोषणा करबाक नेपाल मे आर्थिक वर्ष २०७५-७६ केर नीति तथा कार्यक्रमक घोषणा मे मिथिला-मधेस लेल कि?

गायक सेवा सँ आत्मनिर्भरता, एक विलक्षण संस्मरण

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी गोसेवा आ पशुपालन – कृषि सँ आत्मनिर्भरतः मानव जीवनक सब सँ पैघ काज आइ कनेक एम्हर-ओम्हर मे व्यस्त भऽ गेल रही ताहि सँ समय पर किछु शब्द-संस्मरण-वार्ता आगू नहि आनि सकलहुँ….! तथापि, भोर जखन होएत छैक त ओ दिन केहेन होयत तेकर संकेत प्रकृति केर किछु पदचाप सँ कय दैत गायक सेवा सँ आत्मनिर्भरता, एक विलक्षण संस्मरण

विवाह मे कठिनाई सँ उदाहरणीय पुतोहु कहेबाक तनुजाक संस्मरण

संस्मरण कथा – तनुजा दत्ता         …बहुत हो हो हल्ला के बीच हमर बियाह भेल । चूँकि देखबा सुनबा में सधारण रहला सँ केयो अपन पुतोहु बनबय लय तैयार नहिं होईथ ।       खैर, बिना देखलाक उपरांत हमर बियाह भेल । बाबू जी (ससुर) के इच्छा रहैन्ह जे ओही परिवार विवाह मे कठिनाई सँ उदाहरणीय पुतोहु कहेबाक तनुजाक संस्मरण

कियैक तमसायल छथि महेश्वरनाथ – कोना मनायब हिनकाः बिठौली गामक दुर्घटनाक आलोक मे

बात उठैत छैक त दूर तक जाएत छैक – सन्दर्भः महेश्वरनाथ मन्दिर – बिठौली कियैक रुष्ट छथि कालहु केर काल महाकाल महादेव ‘महेश्वरनाथ’ बिठौली (शंकर – रोहार) चौक सँ सटले दक्षिण – सड़कक पश्चिम अवस्थित एक प्राचीन आ प्रसिद्ध देवस्थल – महेश्वरनाथ महादेव मन्दिर। किछु समय सँ एतय विभिन्न प्रकारक दैविक प्रकोपक बहुत रास कथा-गाथा कियैक तमसायल छथि महेश्वरनाथ – कोना मनायब हिनकाः बिठौली गामक दुर्घटनाक आलोक मे

नेपालक प्रदेश २ केर चर्चित मुख्यमंत्री केँ अमेरिका यात्रा लेल कियैक नहि देल गेलनि अनुमति?

मई २१, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! नेपालक मीडिया मे प्रदेश २ केर मुख्यमंत्री लालबाबू राउत केँ अमेरिका भ्रमण लेल मांगल गेल आदेश केँ वर्तमान केन्द्रीय सरकारक मंत्रीमण्डल द्वारा अस्वीकार करबाक समाचार जोर पकड़ि रहल अछि। हालहि भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीक जनकपुर भ्रमण पर राखल गेल जनकपुर महानगरपालिकाक तरफ सँ नागरिक अभिनन्दन समारोहक अध्यक्षता करैत मुख्यमंत्री राउत नेपालक प्रदेश २ केर चर्चित मुख्यमंत्री केँ अमेरिका यात्रा लेल कियैक नहि देल गेलनि अनुमति?

बिठौली दुर्घटनाक आत्मीय अन्वेषणः प्रकृतिक प्रकोप या गड़बड़ तकनीक थिक दुर्घटनाक कारण

विमर्श-विवेचना – प्रवीण नारायण चौधरी जिज्ञासा – कि सच मे महादेव – महाकाल रुष्ट छथि बिठौली मे? काल्हि दरभंगा जिलाक प्रसिद्ध गाम – मिथिलावाद केर प्रखर पोषक आ कतेको रास ऐतिहासिक कार्य केँ अपन नाम करौने शुभ गाम “शंकर-रोहार” यानि ‘बिठौली’ मे फेरो एकटा भीषण दुर्घटना घटल। एहि दुर्घटना मे एक बाइक सवारी केँ बचेबाक बिठौली दुर्घटनाक आत्मीय अन्वेषणः प्रकृतिक प्रकोप या गड़बड़ तकनीक थिक दुर्घटनाक कारण

विदुर-नीति केर ओ महावाक्य ‘शठे शाठ्यं समाचरेत’ पर चिदानंद स्वामीजीक मननीय विचार

दर्शन-विचार – श्री स्वामी चिन्दानंदजी सरस्वती (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) महाराजा धृतराष्ट्र केर लघु भ्राता नीति केर महापण्डित विदुर द्वारा अपन नीति वाक्य (विदुर-नीति) मे बड़ा जोरदार शब्द मे जैहेन केँ तेहेन बर्तावक आज्ञा देल गेल अछि। यथा – कृते प्रतिकृतिं कुर्याद्विंसिते प्रतिहिंसितम्। तत्र दोषं न पश्यामि शठे शाठ्यं समाचरेत्॥ (महाभारत विदुरनीति) अर्थात् – जे विदुर-नीति केर ओ महावाक्य ‘शठे शाठ्यं समाचरेत’ पर चिदानंद स्वामीजीक मननीय विचार

भारतीय राजनीति मे कर्नाटकक हाई वोल्टेज ड्रामा पर एक दृष्टि

विशेष सम्पादकीय भारतीय राज्य कर्नाटक मे संपन्न विधानसभा चुनाव मे भारतीय जनता पार्टी राज्यक जनता द्वारा सर्वाधिक सीट पर विजयी बनेलाक बादो सरकार बनेबाक लेल वांछित जादूइ संख्या यानि ‘बहुमत’ जुटेबा सँ असमर्थ रहलाक बाद बड़ा नाटकीय ढंग सँ आखिरकार सत्ता सँ बहिर्गमन कयलक। मात्र अढाई दिनक येदियुरप्पाक मुख्यमंत्रीत्व मे गठित नव कर्नाटक सरकार वगैर भारतीय राजनीति मे कर्नाटकक हाई वोल्टेज ड्रामा पर एक दृष्टि