बिठौली दुर्घटनाक आत्मीय अन्वेषणः प्रकृतिक प्रकोप या गड़बड़ तकनीक थिक दुर्घटनाक कारण

विमर्श-विवेचना

– प्रवीण नारायण चौधरी

जिज्ञासा – कि सच मे महादेव – महाकाल रुष्ट छथि बिठौली मे?

काल्हि दरभंगा जिलाक प्रसिद्ध गाम – मिथिलावाद केर प्रखर पोषक आ कतेको रास ऐतिहासिक कार्य केँ अपन नाम करौने शुभ गाम “शंकर-रोहार” यानि ‘बिठौली’ मे फेरो एकटा भीषण दुर्घटना घटल। एहि दुर्घटना मे एक बाइक सवारी केँ बचेबाक क्रम मे एक गोट यात्री सँ भरल बस स्वयं दुर्घटनाग्रस्त भऽ गेल। चारूकात मातम केर माहौल अछि। प्रशासन सेहो पूरे चौकसी सँ स्थिति पर नजरि रखने अछि, घायल सभक इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केन्द्र मे तथा बड बेसी गम्भीर घायल सभक इलाज डीएमसीएच दरभंगा मे भऽ रहल छैक। चारि गोटाक मृत्यु ठामहि पर भऽ गेलैक जाहि मे बाइक पर सवार दुइ व्यक्ति सेहो अछि, स्वयं बिठौली गामक दुइ युवा केर मृत्यु भऽ गेलैक अछि। आर ई समस्त दुर्घटना एकटा एहेन स्थान पर भेलैक अछि जतय स्वयं महेश्वरनाथ महादेव विराजमान छथि। शंकर रोहार चौकक समीप सटले दक्षिण आ सड़क सँ पश्चिम विराजैत छथि महेश्वरनाथ महादेव। महेश्वरनाथक मन्दिर एक अत्यन्त प्राचीन मन्दिर थिक जे दरभंगा महाराज द्वारा निर्माण करायल जेबाक बात सुनैत आयल छी।
 

स्थानीय जागरुक युवा कि कहैत छथि?

स्थानीय युवा तथा मिथिला राज्य निर्माण सेनाक युवा महासचिव संजय मंडल अपन स्टेटस मे किछु रहस्यपूर्ण बात लिखैत एहि बातक संकेत देलनि अछि जे आखिर कि बात छैक जे विगत किछु समय सँ बेर-बेर महेश्वरनाथ मन्दिरहि केर सोझाँ (समीप) एहि तरहक दुर्घटना घटित भऽ रहलैक अछि। हालहि एहि गामक आरो किछु लोक एहि स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त होयबाक बात सेहो संजयजी अपन स्टेटस मे लिखने छलाह। हमहुँ एकटा संस्मरण हालहि २६ अप्रैल एहि गामक निवासी दहेज मुक्त मिथिलाक अध्यक्ष राजेश राय केर सुपुत्रक उपनयन मे भाग लेबय लेल गेल रही त संयोगवश गामक पहिचान चौक सँ नहि भऽ सकल छल आ ताहि कारण हमर गाड़ी चौक सँ बहुत आगू मन्दिरक सामने देने जखन निकलल त हमर नजरि संयोग सँ मन्दिर पर गेल आ हम ड्राइवर सँ गाड़ी बैक करबाक लेल कहल, कारण गाम मे प्रवेशक रस्ता चौकक समीपहि सँ छल आ चौक पाछुए छुटि गेल। खैर! गाड़ी घुमेलक। मोन मे आबि गेल जे कतेको बेर ओहि गाम गेलहुँ लेकिन बाबाक मन्दिर मे दर्शन नहि कय सकल छी, से आइ एकटा नीक अवसर अछि जे बाबाक दर्शन कय प्रणाम-पाती कय ली। बस, गाड़ी घुमाकय सड़कक किनार ठाढ कय हम सब बाबाक दुवारिपर पहुँचि दर्शन-प्रणाम आदि करैत फेर आगू बढल रही। मन्दिरक भव्यता जेकाँ बाबाक दर्शन गेटक बाहरे सँ कय चौखैट पर माथा टेकिकय पुनः राजेश रायजीक घर गेल रही। अपन मोन मे सन्तोष भेल जे बाबाक दर्शन कय लेलहुँ।

हमर जिज्ञासा – हमर आस्थाक कारण

आब संजय मंडलजी द्वारा देल गेल रहस्यपूर्ण स्टेटस सँ मोन मे रातिये सँ खुलदुल्ली लागल अछि। ई बुझय लेल व्यग्र छी जे आखिर कि कारण भऽ सकैत छैक। चूँकि हम एक आस्थावान लोक छी आ प्रकृति केर लीला मे ईश्वर शक्तिक हाथ खूब अनुभव करैत आबि रहल छी, ताहि सँ ई जिज्ञासा बढल बुझाइत अछि। “महेश्वरनाथ महादेव मन्दिर शंकर रोहार – बिठौली केर कि इतिहास आ एखन संजय मंडल कि सोचिकय लिखने छथिन जे बेसी रास दुर्घटना बाबा मन्दिरक सोझाँ मे होएत अछि… किछु उदाहरण सेहो देलखिन अछि। किछु अपन मन्तव्य देब?” एहि गामक निवासी अपन परिचित बहुतो गोटा केँ ई मैसेज कयलहुँ अछि। एकटा बातक अनुभव आरो अपना भेल छल, एखन जे नवका रोड बनलैक अछि ताहि पर बेतहाशा युवा जोश मे भरल किछु बाइकर्स बाइक चलबैत छथि। आरो-आरो गाड़ी सब एकदम अनियंत्रित गति सँ गाड़ी चलबय लगला अछि। जखन कि पूर्व मे एहि सब क्षेत्र मे सड़कक हालत एहेन रहलैक अछि जे अहाँ कतबो स्पीड चलायब, ४० सँ बेसी चलायले नहि होयत। आब ई ईश्वर चमत्कार मे महाकाल केर कुपित होयबाक बात आ विज्ञानक युग अनुसार अनियंत्रित गतिक कारण दुर्घटना घटबाक बात… दिमाग ठीक सँ जबाब देबाक स्थिति मे नहि देखाएत अछि। चूँकि ईश्वर चमत्कारक कइएक उदाहरण बच्चहि सँ मोन मे बैसल अछि, ताहि सँ हमरो संजय मंडलजी जेकाँ यैह आशंका बनल अछि जे एतय दुर्घटना घटित होयबाक निश्चित कोनो विशेष दैविक कारण थिक। एहि सन्दर्भ मे सभक ध्यानाकर्षण हो आ अपन विचार सब कियो राखि सकथि, ताहि लेल ई लेख लिखल अछि। अस्तु! महादेव, सभक कल्याण करथि।
 

आउ, कनीटा प्रार्थना कय लीः

न यावद् उमानाथ पादारविन्दं भजंतीह लोके परेवा नराणां।
न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासं॥
 
न जानामि योगं जपं नैव पूजां नतोऽहं सदा सर्वदा शंभु तुभ्यं।
जरा जन्म दुःखौघ तातप्यमानं प्रभो पाहि आपन्नमामिसशंभो॥
 
नमः पार्वती पतये हर-हर महादेव!!
 
हरिः हरः!!