भारतीय राजनीति मे कर्नाटकक हाई वोल्टेज ड्रामा पर एक दृष्टि

विशेष सम्पादकीय

भारतीय राज्य कर्नाटक मे संपन्न विधानसभा चुनाव मे भारतीय जनता पार्टी राज्यक जनता द्वारा सर्वाधिक सीट पर विजयी बनेलाक बादो सरकार बनेबाक लेल वांछित जादूइ संख्या यानि ‘बहुमत’ जुटेबा सँ असमर्थ रहलाक बाद बड़ा नाटकीय ढंग सँ आखिरकार सत्ता सँ बहिर्गमन कयलक। मात्र अढाई दिनक येदियुरप्पाक मुख्यमंत्रीत्व मे गठित नव कर्नाटक सरकार वगैर कोनो बेसी राजनीतिक जोड़-तोड़ कएने, सिर्फ औपचारिकता लेल शपथग्रहण आ कुर्सी सम्हारलाक बाद पुनः फ्लोर टेस्ट यानि सदन मे बहुमत साबित करबाक घड़ी सँ पहिनहि राज्यपाल केँ त्यागपत्र सौंपि एकजुट विपक्षक सोझाँ ठेहुनियाँ रोपि देलक। लेकिन जे किछु घटल से बड़ा रोचक आ नाटकीय ढंग सँ –

*वर्तमान भारतीय राजनीति मे नरेन्द्र मोदीक लहर, दक्षिण हो या हो उत्तर – सब तैर सिर्फ मोदी लहर देखल जा रहल अछि। कर्नाटक मे २०१३ केर पिछला चुनाव मे भाजपाक बदतर हार भेल छल, एहि बेर २०१८ मे भाजपा ताहि लेल जी-तोड़ मेहनति करैत मोदीजी सहित योगीजी, अमित शाहजी व अन्य-अन्य राष्ट्रीय एवं प्रदेशक नेता सभक विशेष कैम्पेन कय काँग्रेस मुक्त भारत बनेबाक सपना पोसने छल। प्रधानमंत्री मोदीजी एहि बातक अग्रिम भविष्यवाणी तक कय देने छलाह जे १५ मई केँ जखन परिणाम आओत त राज्यक जनताक मत सँ काँग्रेस सिर्फ पी-पी-पी यानि पंजाब-पुदुच्चेरी-परिवार पार्टी बनिकय रहि जायत।

*राहुल गाँधी सेहो एहि चुनाव केँ अपन आगामी प्रधानमंत्री बनबाक सपना लेल पूर्वाभ्यासक रूप मे देखैत बड़ा मेहनहि कएने छलाह। ओ अपना भरि भारतीय जनता पार्टी आ मोदीजी केँ लपेटि रहल छलाह, त दोसर दिस मोदीजी हुनका। कतेको तरहक वाक् युद्ध आदि सेहो देखायल।

*आइ-काल्हि जे एक्जिट पोल केर सर्वे होएत छैक ओकरो अग्रिम नतीजा मे दुनू पार्टी मे काँटाक टक्कर देखल जा रहल छल। कतेको एक्जिट पोल काँग्रेस केँ फेर सँ बहुमत देखेबाक कहि रहल छल, त कतेको भाजपा केँ पूर्ण बहुमत दय रहल छल। किछु त्रिशंकु विधानसभाक परिणाम सेहो अन्दाज लगौने छल। लेकिन एहि बीच भाजपाक नेतृत्वक बौडी लैंग्वेज सब सँ बेसी आश्वस्त छल जे राज्यक जनता नरेन्द्र मोदीक लहरि आ येदियुरप्पाक मुख्यमंत्रीत्व लेल भाजपा केँ जरूर वोट करत, बढत देत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीक भविष्यवाणी तँ एहि अन्दाज केँ एकटा नव ऊँचाई दय देलनि ई कहिकय जे १५ मई परिणाम एलाक बाद काँग्रेस पी-पी-पी बनिकय रहि जायत।

*१५ मई आयल, परिणाम सेहो घोषित भेल। लेकिन भाजपाक बहुमतक सपना अधूरा रहि गेल। भाजपा सर्वाधिक १०४ सीट पर जीत हासिल करितो आखिरकार बहुमत सँ किछु सीट कम रहि गेल। बहुमत लेल समर्थनक ओ केकरो संग प्रयास करितय ता धरि गोआ, मणिपुर आदि मे ठकायल काँग्रेस बड़ा चतुराई सँ तेसर स्थान प्राप्त दल ‘जनता दल सेक्युलर’ केर नेता कुमारास्वामी केँ मुख्यमंत्री पद दैत बिना कोनो शर्त समर्थन देबाक घोषणा करैत पोस्ट पोल एलायंस – यानि मत पछाति गठबंधन कय भाजपा केँ चित्त करबाक राजनीतिक पाशा फेकि देलक।

*भाजपा काँग्रेस आ जेडीएस केर गठबंधनक पत्र राज्यपाल केँ पहुँचैत ताहि सँ पहिनहि राज्यपाल केँ सब सँ पैघ दल हेबाक कारण सरकार गठन लेल तैयार रहबाक मनसाय सँ राज्यपाल केँ अवगत करा सरकार गठन करबाक आमंत्रण अपनहि दलक पूर्व नेता राज्यपाल सँ लेबा मे चिक्का फाँगि गेल।

*लेकिन राज्यपाल एहि बातक घोषणा तत्क्षण नहि कएने छलाह जे ओ भाजपा केँ सर्वाधिक सीट पर विजेता होयबाक कारणे सरकार गठन करबाक आमंत्रण दय देलनि, वा देबाक निर्णय कय लेलनि।

*काँग्रेस आ जेडीएस दुइ स्वतंत्र विधायक सहितक समर्थन लैत बहुमतक आँकड़ा हुनका लोकनिक पास रहल से कहि राज्यपाल सँ सरकार बनेबाक लेल आमंत्रण हुनकहि लोकनि केँ भेटबाक चाही से दबाव बनेनाय शुरू कयलक।

*एम्हर आन-बान-शान केर बात भेल सरकार गठन आ ओम्हर भाजपाक पूर्व नेता वर्तमान संघीय सरकार मे भाजपाक नेतृत्व आ चलन-चलती मे रहल राजनीतिक दाँव-पेंच केर मुताबिक राज्यपाल द्वारा गोआ, मणिपुर आदिक उदाहरणक बिपरीत पुनः सरकारिया आयोगक सिफारिश मुताबिक सर्वाधिक सीट जीतल दल यानि भाजपा केँ सरकार बनेबाक लेल आमंत्रण करबाक पत्र दय देलनि। संगहि शपथ-ग्रहण लेल मात्र किछेक घंटाक अन्तर यानि ऐगला दिन भोरे साढे नौ बजेक समय आ बहुमत सिद्ध करबाक लेल कुल १५ दिनक समय भाजपा केँ दय देलनि।

*काँग्रेस एहि तरहें राज्यपालक फैसला केँ सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दैत राताराती फैसला दैत कोनाहू येदियुरप्पा सरकार केर शपथ-ग्रहण रोकबाक लेल गुहार कयलन्हि।

*दुनू पक्षक वकीलक दलील सभ सुनलाक बाद सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शपथ ग्रहण नहि रोकल जा सकैत अछि, परञ्च एहि केस पर आगामी शुक्र दिन सुनबाई करबाक बात कहि देल गेल।

*ऐगला दिन येदियुरप्पा मुख्यमंत्रीक तौरपर शपथ लेलनि आर बहुमत जुटा लेबाक संकेत देलन्हि। हुनक बात करबाक तौर-तरीका आ आत्मविश्वास भारतक स्पेक्युलेटिव मीडिया (अन्दाज ठोकय मे माहिर मीडिया) केँ बहुत रास विन्दुपर मन्थन करय लेल मसल्ला दय देलक आर फेर सर्वाधिक टीआरपी संग सब राष्ट्रीय ओ क्षेत्रीय चैनल सब दिन भैर अलग-अलग दृष्टिकोण सँ भाजपा द्वारा जादूई आँकड़ा पक्ष मे नहियो रहैत आखिर सरकार बना लेबाक दाबा कोन आधार पर कयल गेल अछि तेकर व्याख्या आ मीमांसा फरिछाबय मे व्यस्त भऽ गेल।

*पुनः ऐगला दिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्यपाल केर देल गेल समय यानि १५ दिन केँ घटाकय विपक्ष काँग्रेसक मांग केँ न्यायोचित मानि सिर्फ २४ घंटाक समय दैत शनि दिन ४ बजे तक सदन मे बहुमत सिद्ध करबाक फैसला देल गेलैक, संगहि ‘प्रोटेम स्पीकर’ केर नियुक्ति करैत ताहि स्पीकर द्वारा फ्लोर टेस्ट करेबाक बात सुप्रीम कोर्टक निर्णय मे उल्लेख छलैक।

*ताहि दिन साँझ मे फेर भाजपा द्वारा एकटा विवादित छविक विधायक केँ प्रोटेम स्पीकर चुनि लेल गेल, फेर काँग्रेसक कैम्प मे हड़कम्प आ सभ केँ अमित शाह आ नरेन्द्र मोदीक ग्रान्ड डिजाईन सँ भयंकर अज्ञात भय भऽ रहल छल जे आखिर ई सब कि कय रहल अछि भाजपा… कहीं तरे-तरे जेडीएस त नहि फूटत, कहीं काँग्रेसक लिंगायत समुदायक विधायक त नहि टूटत, अनेकों तरहक कयास आ कल्पना मे नेता, मीडिया, जनता सब कियो कर्नाटकक हाई वोल्टेज ड्रामा मे लागि गेल।

*विपक्षी काँग्रेस कोनो हाल मे अपन दाँव केँ बिगड़य नहि देबय चाहि रहल छल, प्रोटेम स्पीकर केर मुद्दा लय केँ पुनः राताराती सुप्रीम कोर्ट पहुँचि गेल जतय अन्दर जाय सँ काँग्रेसक वकील सभ केँ सुप्रीम कोर्टक सुरक्षाकर्मी रोकि देलनि। तथापि सुरक्षाकर्मी ऊपर दबाव बनाकय कोनाहू काँग्रेस फेर सँ प्रोटेम स्पीकर केँ हँटेबाक मांग पर अड़ल छल। आखिरकार एहि मामिला मे सेहो सुप्रीम कोर्ट द्वारा एकटा खंडपीठ निर्धारित कय सुनबाई कयल गेल जाहि पर सुप्रीम कोर्ट विभिन्न तर्क दैत ताहि दिन सायं ४ बजे फ्लोर टेस्ट होयबाक स्थिति मे वैह प्रोटेम स्पीकर सँ सदनक समस्त कार्रबाई लाइव टेलिकास्ट करबाक निर्णय देल गेल। पूर्वहि देल निर्णय अनुसार उचित सुरक्षाकर्मी सेहो उपलब्ध करायल गेल छल।

*आखिरकार शनिदिन सदनक कार्रबाई ११ बजे दिन मे आरम्भ होएत सब नव-निर्वाचित सदस्य लोकनि केँ शपथ-ग्रहण करेला उपरान्त भोजनावकाश लेल सदनक कार्रबाई केँ विश्राम देल गेल। ता धरि काँग्रेस द्वारा भाजपाक विभिन्न करतूत जे ओकर विधायक केँ प्रलोभन देल जा रहल अछि, किछु विधायक केँ अपहरण कयल गेल अछि, वीडियो, अडियो आदि जारी करैत अनेकों तरहक नौटंकीपूर्ण समाचार सब मीडिया मार्फत अबैत रहल।

*भोजनावकाश उपरान्त सूत्र मार्फत समाचार निकलल जे येदियुरप्पा केँ भाजपाक दलीय निर्णय देल गेल जे कोनो जोड़-तोड़ सँ सरकार बनेबाक बदला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जेकाँ सदन केँ अपन मनसा कहि, जनता द्वारा देल गेल प्रमुख दलक जिम्मेवारी अनुरूप सरकार गठन कय राज्यक जनता केँ सेवा करबाक प्रतिबद्धता छल, विश्वास मत हासिल करबाक भरोसा छल, लेकिन तेहेन अवस्था नहि बनि सकबाक कारण विश्वास मत हासिक करय सँ पहिनहि अपन इस्तीफा राज्यपाल महोदय केँ सौंपय जा रहल छी – ई कहबाक समाचार प्रकाशित होमय लागल छल।

*ऐन समय पर येदियुरप्पा सदन केँ अपन यैह मनसा रखैत स्वयं द्वारा सोचल हरेक बातक जानकारी भावपूर्ण अन्दाज मे रखैत विश्वास मत नहि भेटबाक स्थिति रहबाक कारण कर्नाटकक जनताक देल गेल जिम्मेवारी ता-उम्र निबाहैत रहबाक प्रण करैत अपन इस्तीफा राज्यपाल केँ देबाक बात कहि सदन सँ बहिर्गमन कय गेलाह। हुनका संग-संग समस्त भाजपा नव-निर्वाचित सदन सदस्य एवं प्रोटेम स्पीकर आदि सेहो सदनक औचित्य समाप्त होयबाक कारण उठि गेलाह। परञ्च बाद मे नव गठबंधनक सदस्य लोकनिक उपस्थिति मे सदन मे राष्ट्रीय गान उपरान्त सदन केँ बन्द करैत कर्नाटक हाई वोल्टेज ड्रामाक पर्दा खसा देल गेल।

तदोपरान्त शुरू भेल दिल्ली आ कर्नाटक मे अपन-अपन स्थिति मीडिया केँ बतेबाक सिलसिला जाहि मे सर्वप्रथम विजयी राहुल गाँधी मीडिया सँ विस्तार मे चर्चा कयलन्हि, भाजपाक प्रयास केँ अनैतिक कहैत अनैतिकता पर नैतिकताक जीत केर बात ओ समग्र मे कयलन्हि।

तहिना भाजपा द्वारा सेहो प्रेस मे वक्तव्य देल गेल जे कर्नाटकक जनताक देल गेल मुख्य जिम्मेवारी अनुरूप सरकार गठन कयल गेल छल, विश्वास मत भेटि जेबाक संकेत छल। परञ्च काँग्रेस आ जेडीएस द्वारा ठाढ कयल गेल बखेराक कारण सुप्रीम कोर्ट केर निर्णयक आलोक मे जादूई आँकड़ा जुटायब संभव नहि होयबाक कारण नैतिकताक रक्षा करैत येदियुरप्पाजीक इस्तीफा राज्यपाल केँ दय देल गेल। आगाँ मजबूत विपक्षक रूप मे भारतीय जनता पार्टी अपन कार्य करैत रहबाक लेल वचनबद्ध अछि।

आब सम्पूर्ण जिम्मेवारी नव गठबंधन पर अछि ेज ओ कर्नाटकक जनताक भविष्य कोना सम्हारत। ओना इतिहास मे सेहो काँग्रेसक महिमा एहेन स्थिति मे जेना रहल अछि ताहि सभक आधार पर कहल जा सकैत अछि जे ई नव सरकार बहुत दिन – अपन पूर्ण कार्यकाल शायदे चला सकय।