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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिलीक प्राकट्य भूमि सीतामढी मे १९ जुलाई केँ होयत मैथिली कवि सम्मेलन

नई दिल्ली, ४ जुलाई, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!   मैथिली साहित्य सम्मेलन, नई दिल्लीक अगुवाई मे जानकी प्राकट्यस्थली – जिला सीतामढीक मुख्यालय स्थित पार्टी जोन मे आगामी १९ जुलाई २०१८ केँ सायं ३ बजे सँ ७ बजे धरि “मैथिली कवि सम्मेलन” केर आयोजन होयत। ई सूचना मैथिली साहित्य सम्मेलन केर अध्यक्ष संजीव सिन्हा देलनि अछि, संगहि मैथिलीक प्राकट्य भूमि सीतामढी मे १९ जुलाई केँ होयत मैथिली कवि सम्मेलन

एक सँ बढिकय एक मैथिली पोथी इंटरनेट पर आर्काइव रूप मे, अभियानी विजय देव झाक योगदान

विराटनगर, ४ जुलाई २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! ओ कहाबत एकदम सच छैक जे मैथिली भाषा या मिथिला सभ्यता वा मैथिल पहिचान केर विशिष्टताक रक्षा हेतु ‘जनक’ समान नव-नव विधा मे काज कयनिहार कतेको रास वीर सपुत स्वस्फुर्त जन्म लैत रहैत अछि आर ओ अपन श्रद्धा, समर्पण, सद्बुद्धि सँ कोनो-न-कोनो सृजन कार्य करैत रहैत अछि। हालहि एकटा एक सँ बढिकय एक मैथिली पोथी इंटरनेट पर आर्काइव रूप मे, अभियानी विजय देव झाक योगदान

शरणागति

प्रिय पाठक लोकनि,   हालहि अपने सब धरि एकटा अनुपम रहस्य जे हमर मन-मस्तिष्क पर राज करैत रहल अछि, से राखि रहल छी। शीर्षक छैक “शरणागति”। गीता-प्रेस सँ प्रकाशित ई पोथी हमरा एक गुरुजन श्री परविन्दर कुमार लाम्बा साल २००९ मे जनकपुरी – दिल्ली मे भेंट कएने छलाह। हमरा जीवन में ई पोथी बड पैघ शरणागति

दहेज मुक्त मिथिला लेल जनजागरण, जनजागरण लेल मैराथन दौड़, एक अपील

अपील   विषयः आगामी ‘रन फोर दहेज मुक्त मिथिला – २०१८’ सम्बन्ध मेः ऐगला दौड़ जाड़क मास मे हाल धरि ४ टा मेगा रन केर आयोजन सम्पन्न कय चुकल ‘दहेज मुक्त मिथिला’ केर आगामी मैराथन दौड़ आब जाड़क महीना मे कयल जेबाक बात प्रस्तावित अछि।   १. दरभंगा सँ पटना – मेगा मैराथन, विश्व रेकर्ड दहेज मुक्त मिथिला लेल जनजागरण, जनजागरण लेल मैराथन दौड़, एक अपील

मातृभाषा, मातृभूमि ओ मातृअस्मिताक संरक्षण-संवर्धन तथा प्रवर्धनक सर्वश्रेष्ठ सिपाही

विशिष्ट व्यक्तित्व आ विद्वानक संस्मरण मे ‘डा. जयकान्त मिश्र’ सन्दर्भः डा. महेन्द्र नारायण राम ‘नीलकमल’ द्वारा डा. जयकान्त मिश्रक बारे संस्मरण आलेख ई सब कहेता देवता, याद करत भविष्यक पीढी भविष्यक पीढी केँ मैथिली भाषा-साहित्यक संग मैथिल पहिचान केँ बचौनिहार गोटेक व्यक्तित्व साक्षात् देवता समान स्मृति मे औतनि, तेहने गोटेक व्यक्तित्व बीच एकटा प्रखर सूर्य मातृभाषा, मातृभूमि ओ मातृअस्मिताक संरक्षण-संवर्धन तथा प्रवर्धनक सर्वश्रेष्ठ सिपाही

उगना शंकर केर किछु सनेश

साहित्य जनकपुर सँ उगना शंकर – युवा कवि अपन किछु रचना पठौलनि अछि।  1. मिथिलाक रीत अनमोल छै संगहि मिठगर एतहके बोल छै नहि बातमे ककरो झोल छै भेटैत बारी तिलकोर , ओल छै !! तें मिथिला हमर महान छै !!   सभ लोक अपन नहि आन छै सभ ठाँ दूरा दलान छै पग पग उगना शंकर केर किछु सनेश

मैथिली भाषा मे पत्रकारिता संरक्षणार्थ प्रज्ञा प्रतिष्ठानक उपक्रमः आङन वार्षिक पत्रिकाक प्रकाशन

पत्रिका परिचयः आङन आङन – मैथिली भाषाक वार्षिक पत्रिका (नेपाल)   नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान, कमलादि, काठमाण्डू सँ प्रकाशित आङन (मैथिली भाषाक वार्षिक पत्रिका) वर्ष – ७ अङ्क – ७ माघ २०७२ मे प्रकाशित श्री धीरेन्द्र प्रेमर्षिजीक कार्यकारी सम्पादकत्व मे निकलल पत्रिका हाथ मे अछि। ७ गोट महत्वपूर्ण लेख, भक्तपुर-नरेश जगत्प्रकाशमल्ल विरचित (प्रा. डा. रामावतार यादव), मैथिली भाषा मे पत्रकारिता संरक्षणार्थ प्रज्ञा प्रतिष्ठानक उपक्रमः आङन वार्षिक पत्रिकाक प्रकाशन

भगवान् शिव आ हुनक गोभक्तिः अत्यन्त पठनीय, मननीय आ अनुकरणीय पाठ

स्वाध्यायः भगवान् शंकर केर गोभक्ति (स्रोतः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) देवाधिदेव महादेव भगवान् शंकर ‘पशुपति’ कहल जाइत छथि – ‘पशूनां पतिं पापनाशं परेशं’। हुनका गाय बहुत प्रिय छन्हि जे ओ गाइयेक संग रहैत छथि। हुनक वाहन वृषभराज नन्दी थिक, ओ धर्मस्वरूप वृषभहि केँ अपन ध्वजा मे सेहो स्थान देलनि अछि, ताहि लेल ओ ‘वृषभध्वज’ भगवान् शिव आ हुनक गोभक्तिः अत्यन्त पठनीय, मननीय आ अनुकरणीय पाठ

व्याकरण सिर्फ भाषाक शुद्धता नहि जीवनक शुद्धता सेहो निर्धारित करैत अछिः मननीय बात

शुद्धताक पाठ सीखब परमावश्यक   किछु दिन पहिने परमादरणीय गुरुजीक मुख सँ किछु विशिष्ट बात सब सुनबाक अवसर भेटल छल। ओ कहि रहल छलाह जे शुद्धता आ स्वच्छताक पारस्परिक सम्बन्ध मनुष्यक रहन-सहन, स्वास्थ्य, जीवनशैली, जीवनचर्या आदि केँ उचित ढंग सँ मार्गनिर्देशन करैत छैक। एहि क्रम मे संस्कृत व्याकरण आ तेकर सूत्र सँ कठिन-सँ-कठिन इलाज केर व्याकरण सिर्फ भाषाक शुद्धता नहि जीवनक शुद्धता सेहो निर्धारित करैत अछिः मननीय बात

शिव कृपा केर अद्भुत सत्य कथा – ईश्वर सत्ता आ चमत्कारक अनुपम दृष्टान्त

स्वाध्याय आलेखः कृपानुभूति ‘स्वप्न मे देलनि महादेव किछु आदेश – जे साकार भेल’ – चन्द्रकला शर्मा   अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी   एहि घटनाक वृ्त्तान्त तऽ लगभग ४० वर्ष पहिनहि सँ आरम्भ भऽ जाइत अछि, जखन हमर समधी श्रीगोकुलचन्द शर्मा परिवारसहित हरिद्वार दर्शन लेल गेल छलाह। जाहि दिन हुनका नीलकण्ठ महादेवक दर्शन करय जेबाक छलन्हि, शिव कृपा केर अद्भुत सत्य कथा – ईश्वर सत्ता आ चमत्कारक अनुपम दृष्टान्त